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09/03/11

हंस भी सकते हे... चाहो तो?

ब्लाग मिलन के शेष विडियो तो अगली पोस्ट मे डालूंगा, तब तक आप मजा फ़रमाऎं..

एक फ़डकता तडफ़ता लतीफ़ा हाजिर हे....


अमेरिकन.... हमारे यहां कुत्ते  फ़ुटवाल खेलते हे!!
जर्मन.... हमारे यहां फ़िश डांस करती हे !!
चाईनिश.... अजी हमारे यहां हाथी साईकिल चलाते हे !!
ताऊ....     अजी छोडो अपनी अपनी गप्पे.... हमारे यहां गधे सरकार चलाते हे !!!
ही ही ही .....

25/02/11

कुछ

दो अति सुंदर नारियां एक आम के पेड के नीचे बेठी बाते कर रही थी, सास की ननद की, अपनी अपनी सहेलियो की बुराईयां भी कर रही थी....... तभी एक आम उन दोनो के बीच मे गिरा?
एक नारी... अरे यह आम अपने आप केसे गिर गया??
दुसरी नारी कुछ बोले... उस से पहले आम से आवाज आई .... अरे मै पक्क गया तुम दोनो की बाते सुन कर... इस लिये......
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मियां बीबी मै किसी बात पर झगडा हुआ.....
बीबी कहती है कि मै तुम्हारी जिन्दगी की किताब हुं....
मियां अरे यही तो मुश्किल है..... अगर डायरी होती तो हर साल बदल देता.
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चोथी कलास का ग्रुप फ़ोटो खींचा गया, ओर टीचर सब बच्चो को एक एक कर के फ़ोटो दे रही थी.... ओर साथ साथ मे बता रही थी कि बच्चो इस फ़ोटो को सम्भाल के रखना जब तुम बडे हो जाओगे तो, अपने बच्चो को बताओ गे कि यह सुनिता है जो अमेरिका चली गई, यह अनिता है जो लंडन चली गई... ओर यह राम पुरिया है जो बुढा हो गया...... इस बात को सुनते ही ताऊ को गुस्सा आ गया.... ओर ताऊ बोल जी मेडम ओर फ़िर हम अपने बच्चो को बतायेगे कि यह हमारी पुनम मेडम है जो अब नरक मै चली गई...
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ताऊ जब छोटा था , यह उस समय की बात है....
ताऊ के घर मेहमान आ गये, तो ताऊ की मां ने कहा बेटा देख तेरे मामा आये है इन के लिये कुछ बाजार से ले आओ....
ताऊ झट से रिक्क्षा ले आया
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21/02/11

ताऊ ओर ताऊ का राम प्यारे

कल ताऊ का राम प्यारे मेले मे खो गया.... ताऊ ने मंदिर मे जा कर भगवान का धन्यवाद किया, मैने ताऊ से पूछा अरे ताऊ जी आप का कीमती गधा *राम प्यारे* खो गया , ओर आप बहुत खुश हो रहे हे? भगवान का धन्यवाद कर रहे हे, ओर प्रसाद बांट रहे हे?  यह सब क्यो?

ताऊ जी बोले राज भाटिया मै भगवान का शुक्र इस लिये कर रहा हुं कि मै गधे पर नही बेठा था, वर्ना........ पहेली कोन पुछता?

18/02/11

मैं भी लाचार हूँ…..क्या प्रधानमंत्री बन सकता हूँ?

आज ब्लाग परिवार पर जब मे अन्य ब्लाग देख रहा था, तो इस ब्लाग पर नजर पढी, अब सारे ब्लाग तो कोई नही पढ सकता, लेकिन जब हेडिंग पढी तो अच्छा लगा, फ़िर सारी पोस्ट पढी तो वोट देने से रुक नही पाया, अगर आप भी अपनी वोट देना चाहे तो...
कल प्रधानमन्त्री जी का व्यक्तव्य सुना तो दिल बाग़ बाग़ हो गया. सुनकर ख़ुशी के आंसू बहने लगे. प्रधानमंत्रीजी के कथन से सुनकर लगा देश वाकई तरक्की कर रहा है. बताइये एक “लाचार” और “मजबूर आदमी” देश का प्रधानमन्त्री बन गया है तो मेरे अन्दर भी उत्साह की तरंगें हिलोरें मारने लगीं . एक उम्मीद बंधी की बेटा मुनीष अब तुम्हारा भी नंबर लग सकता है प्रधानमंत्री बनने का. मैं भी बहुत मजबूर और लाचार आदमी हूँ , और सच तो ये है की मेरी लाचारियत प्रधानमंत्रीजी से मिलती भी है. वो गठबंधन के आगे मजबूर हैं, मैं भी संबंधों को निभाने के लिए मजबूर हूँ. वो भी एक महिला के आगे नतमस्तक हैं मैं भी एक महिला के आगे नतमस्तक हूँ. उनकी सरकार में उन्ही की नहीं चलती मेरे घर में भी मेरी ही नहीं चलती. उनसे देश की व्यवस्था नहीं संभल रही है और मुझसे मेरे घर की व्यवस्था नहीं चलती. आप माने या न माने में भी प्रधानमन्त्री बनने लायक हूँ. वोट देने के लिये यहां जाये

26/01/11

ताऊ के बचपन का सपना..ताऊ के असली चित्र के संग

बहुत पुरानी बात हे, पुराने समय की...
एक बार ताऊ के मास्टर जी ने ताऊ से कुछ सवाल किये...
मास्टर जी.... अच्छा बेटा तुम बडे हो कर क्या करोगे ?
ताऊ... मास्टर जी मै तो शादी करुंगा.
मास्टर जी... अरे नही बेटा, मेरा मतलब यह था कि तुम क्या बनोगे ?
ताऊ... मास्टर जी मै दुल्हा बनूगां ना
मास्टर जी...अरे बेटा मेरे कहने का मतलब तुम क्या पाओगे बडे हो कर?
ताऊ.... मास्टर जी....मै बडा हो कर दुल्हन पाऊंगा
मास्टर जी..अरे बेवकुफ़ तुम  मां बाप के लिये कया करोगे?
ताऊ.... मास्टर जी मां बाप के लिये उन की बहू लाऊंगा
मास्टर जी... अरे पागल.... यह बता तेरे मां बाप तेरे से क्या चाहते हे?
ताऊ.... मास्टर जी अम्मा ओर बापू को पोता चाहिये.
मास्टर जी....हे भगवान इस छोरे का मतलब क्या हे, यह जिन्दगी मे क्या करेगा?
ताऊ.... मास्टर जी ... छोरा हम दो हमारे दो करेगा जिन्दगी मे

मास्टर जी बेहोश हो कर गिर गये, अगर मास्टर की जगह आप होते तो क्या होता?
ताउ का असली चित्र छोटी घोडी मे पेट्रोल भरवा रहा हे...
फ़िर अपनी छोटी घोडी को मीठी सी चुम्बन देते हुये...
यह सभी चित्र हम ने गुप्त रुप से खींचे हे इस लिये ताऊ को कोई ना बताये, कि यह चित्र ताऊ जी के ही हे,
 

19/12/10

एक हवाई जहाज की अनोखी यात्रा.....

जब मे दिल्ली से लंडन की फ़लाईट मे चढा ओर अपना समान सेट कर के अपनी सीट पर अभी बेठा ही था, कि आवाज आई मुगफ़ली...... गर्मा गर्म मुगफ़ली..... रेबडी करारी रेबडी.... रोहतक की मशहुर रेबडी बाबू जी जल्दी खरीदिये सस्ती ओर सफ़र मै मजे दार ओर स्वाद.... ओर तभी हमारा जहाज रनवे की ओर रेंगने लगा, तो वो दो लडके झट से नीचे कुद कर दुसरे जहाज की ओर चले गये, अभी जहाज पाकिस्तान के ऊपर से गुजर रहा था ओर सामने से एयर ईडियां का जहाज आ रहा था, उस मै से कुछ लोग उतर कर हवा मे तेरते हुये हमारे जहाज कि तरफ़ आये, ओर मै उन्हे हेरानगी से देखता रहगया.

अंदर घुसते ही एक ने आवाज लगाई चाट चाट जी, करारी चाट, मसाले वाली करारी सवादिष्ट चाट.... तभी आवाज आई १० रुपये मै तीन १० रुपये मै तीन अजी सोचिये मत झट पट खरीद ले बाजार मे एक की कीमत २० रुपये हे, बस आप सब के लिये १० मै तीन नजदीक आने पर देखा तो पता चला कि वो तीन किताबे १० रुपये मे बेच रहा हे,मैने १०० ग्राम मुगफ़ली खरीदी ओर एक पाकेट गुड की रेवडी, ओर तीन पत्रिकाऎ. तभी दो लडके आवाज लगाते हुये आये.....चाय चाय.... गर्मा गर्म चाये, इलायची दुध वाली स्वादिष्ट चाय, अजी ऊपर सर्दी बहुत थी, कई लोगो ने खिडकियां खोल रखी थी, जिस से तेज ओर ठंडी हवा ने सर्दी ओर भी बढा दी,मैने एक बडा मग चाय भी खरीद ली.

अभी चाय का एक घुट ही पिया था कि तभी जहज मे शोर मच गया कि टी टी आ गया..... मुझे तो कोई डर नही था, मेरे पास टिकट था, टी टी ने कई लोगो को पकडा बिना टिकट, कई तो जुर्मना दे कर छुट गये, लेकिन कई बेचारो के पास पेसे ही नही थे, तो टी टी ने उन्हे ऊपर ही ऊतार दिया, फ़िर मेरे पास टिकट देखने आया, मैने जेब मै हाथ डाल तो मेरा पर्स गायब, फ़िर सब जेबे देखी लेकिन ना पर्स मिला ना टिकट ही, अब टी टी को कुछ कहता उस से पहले ही उस ने मुझे भी बाहर करना चाहा , ओर मै बोला सुनो सुनो........ मेरी बात तो सुनो...... तभी बीबी की आवाज आई अजी ६ बज गये उठो आज काम पर नही जाना क्या? ओर जनाब हम आंखे मलते मलते बिस्तर से ऊठे ओर इस सपने के बारे सोचते सोचते मुस्कुरा दिये, भाई भारतिया हे तो उसी के हिसाब से सपने देखते हे

08/07/10

लिजिये हम आप को उस ओक्टोपुस के दर्शन करवा दे, जो दुनिया भर मै चर्चा का विषय बन गया है

फ़ुट्बाल मेच अब अपने अंतिम दॊर पर पहुच गया है, बस दो मेच बाकी रह गये है एक शनि वार को होगा, दुसरा रवि वार को, जब यह मेच युरोप मे हो, ओर दो युरोप की टीमे आमने सामने हो तो उस देश मै जहां मेच हो रहा हौ उस नगर मै एक्स्ट्रा पुलिस फ़ोर्स तेनात होती है, खिलाडियो मै तो तनाव होता ही है लेकिन बाहर दर्शन भी कई बार भावुक हो कर लडाई झगडा कर बेठते है, आज से आठ साल पहले फ़रांस मै एक पुलिस वाले को मार दिया था,इग्लेंड के दर्शको ने... इस बार भी मेच स्पेन ओर नीदर लेंड का है, लेकिन अफ़्रिका मै होने के कारण लडाई का डर तो नही, लेकिन मेच देखने लायक जरुर होगा.
जब कल जर्मन हारा तो सब को उदास कर गया, लेकिन साथ ही सब ने स्पेन की तारीफ़ भी बहुत की, जर्मन के बारे कोई कुछ कहता है तो कोइ कुछ, कुछ लोग उस ऒकटोपुस को ही जिम्मेदार मानते है, लेकिन ज्यादा तर जर्मन इसे एक बकवास मानते है, आप चाहते है उस हीरो ऒकटॊपुस को देखना तो यहां किल्क करे, ओर फ़िल्म को बडा कर के भी देख सकते है.
ओर हमे दे शुभकामनाये पहले नहि तो तीसरे ना० पर ही आ जाये, कुछ इज्जत तो बचे, हमारे जर्मन की...ओर बताये केसा लगा हमारा हीरो

25/06/10

टिपण्णियो की दुकान

आप सभी को जान कर हर्ष होगा कि अब ओर आज से हम ने टिपण्णियो की नयी दुकान खोल ली है, ओर हमारे पास हर प्रकार की टिपण्णियां मोजूद है, बाजार भाव से सस्ती ओर टिकाऊ, आप एक बार अजमा कर लेखे हमारी टिपण्णी, एक टिपण्णी सदियो चलेगी, आप खरीदे आप के पोते भी उसे पढ सकते है, हमारी टिपण्णीयां बहुत अच्छी है जिन्हे ना जंग लग सकता  है ना ही खराब हो सकती है, ओर ना ही कोई चोरी कर सकता है... आप की सुबिधा के लिये हम ने रेट लिस्ट नीचे लगाई है....

आप अपनी जेब देख कर हमे टिपण्णियो का आर्डर दे, याद रखे उधार प्रेम की केंची है, इस लिये पेसे पहले दे, पेसे मिलते ही आप को टिपण्णियां दे दी जाये गी, ओर टिपण्णियो का फ़लेट रेट भी है.
यह रही लिस्ट....
१. nice  नाम की टिपण्णी एक रुपये मै एक, २० इकट्टी लेने पर आप को २५ टिपण्णियां मिलेगी.
२, very nice टिपण्णी १,५० पेसो मै , २० इकट्टी लेने पर आप को २५ टिपण्णियां मिलेगी.
३, बहुत सुंदर, अति सुंदर वगेरा वगेरा नाम की टिपण्णियां  २ रुपये मै एक, २५ इकट्टी लेने पर आप को ३० टिपण्णियां मिलेगी.
४, २० शव्दो की टिपण्णी का मुल्य १०,०० रुपये रखा है, पांच इकट्टी लेने पर एक फ़्रि मै.
५, ४० शव्दॊ की टिपण्णी का मुल्ये१८,०० रुपये रखा है, पांच इकट्टी लेने पर एक फ़्रि मै.
 ६. ४१ शव्दो  से बडी टिपण्णियां स्पेशल आर्डर दे कर बनबानी पडे गी, इस लिये उन के बारे आप को हम से फ़ोन पर बात करनी होगी, ( ध्यान रखे फ़ोन चार्ज ००,५० पेसे प्रति मिन्ट होगा)
नोट....... मेम्बर लोगो के लिये हर टिपण्णी मै १० % की छुट होगी, वार्षिक मेम्बर के लिये १५% की छुट होगी.

एक बार हमारी टिपण्णियो की दुकान पर आये, ओर भी हजारो प्रकार की टिपण्णियां मोजूद है, पहले १०० ग्राहको को एक एक टिप्ण्णी मुफ़त मै मिलेगी

बेनामी टिपण्णियो के लिये कृप्या हमे क्षमा करे, गाली गलोच ओर लडाई झगडे वाली टिपन्नियो के लिये भी हमारे पास माल नही.
हम से समर्पक करने के लिये हमे फ़ोन करे, मेल करे, लेकिन याद रखे ऊधार प्रेम की केंची है, ओर आज नगद कल ऊधार होगा, हमारी गारंटी है सभी टिपण्णियां ताजी होगी, जो सालो साल ताज रहे गी.
तो आप सभी लोग देर ना करे ओर जल्दी से अपनी अपनी टिपण्णियां आज ही बुक कर ले, यह सब रियाती मुल्य है जेसे ही हमारी दुकान चमकेगी हम ने रेट दुगने कर देने है.
मेम्बर बनने के लिये हम से समपर्क करे.....ना०.... ०००१२३४५६७८९०
टेक्स अलग से लगे गा याद रखे, इस लिये बिना रसीद ही हमारी टिपण्णियां बुक करे

07/06/10

गलती ओर गलती .......

गलती ओर गलती मै फ़र्क.....

अगर नाई करे गलती ..........
तो जी यह है नया स्टाईल .

अगर ड्राईवर करे गलती ........
तो जी यह है नया रास्ता .

अगर इंजिनियर करे गलती ........
तो जी यह है नया माडल

अगर मां बाप करे गलती.......
तो जी यह है नयी पीढी.

अगर नेता गण करे गलती .......
तो जी यह है नया कानून.

अगर साईंटिस्ट करे गलती .....
तो जी यह है नयी खोज.

अगर दर्जी करे गलती....
तो जी यह है नया फ़ेशन.

अगर टीचर करे गलती........
तो जी यह है नया फ़ार्मुला.

अगर बास करे गलती....
तो जी यह है नया आईडिया

अगर कर्मचारी करे गलती....
तो जी यह है गलती.

सिर्फ़ गलती....

ओर इस के साथ ही हम जा रहे है कुछ दिनो की छुट्टी पर

03/06/10

एक ले दुसरा फ़्रि मै....पुराना दो नया लो,


जी ऎसे विग्यापन करीब करीब हर देश मै,हर नगर मै देखने को मिलते है, या कई बार सेल मै लिखा होता है पुराना दो नया लो, या एक खरीदो दुसरा मुफ़त मै.. आप का टी वी खराब हो रहा है, या पुराना हो गया है, या आप का फ़्रिज,वाश मशीन या कुछ भी ऎसा समान जो आप बदलना चाहते है, नया खरीदना चाहते है, तो आप ऎसे विग्यापन की तरफ़ जरुर खींचेगे, अजी जरुर फ़ंसेगे मै यह गारंटी से कह सकता हुं , क्योकि मै भी एक बार फ़ंस चुका हुं.
यह बात मुझे इस लिये याद आई कि आज से चार साल पहले जब युरोप मै फ़ुटबाल मेच होना था तो, मैने नया टी वी खरीदा था,ऎसी ही सेल मै, ओर अपने १५ साल पुराने टी वी कॊ बिना किसी गलती के घर से निकाल दिया,हुआ युं कि एक दिन यहा विग्यापन मै आया कि आप अपना पुराना टी वी हमे दे दो, किसीभी कम्पनी का हो, कितना ही पुराना हो, छोटा बडा हम सब ले ले गे, ओर बदले मै हम आप के टी वी को देख करे ४०० € तक दे देगे,शर्त आप नया टी वी हम से ले, तो जनाब हम गये उस स्टॊर मै परिवार समेत ओर देख डाले सारे टी वी, चला चला कर आवाज तेज कर के, स्टॆशन बदल कर कोई रोकने वाला नही सभी मदद करने वाले, वेसे वहां ओर भी बहुत से मुर्गे हम ने देखे बाकी मुर्गे गोरे थे, एक टी वी हमे पसंद आया जिस की कीमत उस समय करीब ११९९ € थी,हम ने सीधे -४०० किये बाकी ७९९€ हमे दिखे सिर्फ़ ७००€,बीबी ने कहा कि अभी रुक जाओ हमारा टी वी सही चल रहा है, तो हम ने कहा अरे बाजार लुट रहा है कोन देगा इस पुराने टी वी के ४००€, ओर दुसरे दिन हम अपने पुराने टी वी को कार मै लाद कर पहुच गये दुकान पर, ओर उसे दिखाया, स्टॊर मै काम करने वाले ने कहा कि हम तो १५० देगे, मैने मना कर दिया... ओर धीरे धीरे ४००€ पर बात पक्की, बाकी की रक्म हम ने दी ओर नया टी वी घर ले आये.
दो सप्ताह बाद हम अपने एक मित्र के घर गये तो, वहां वोही वाला टीवी ओर वो उसी दिन खरीद कर लाये थे, ६९९€ मै विना किसी स्कीम के, यानि हमे सीधी ५०० की चोट, फ़िर हम ने इस बात पर ध्यान देना शुरु किया कि अब तो हम ठगे गये लेकिन अगली बार ध्यान रखेगे, कुछ दिनो बाद फ़िर से सेल लगी एक खरीदो दुसरा मुफ़त... बाबा हम ने खरीदना तो नही था, लेकिन अपनी अकल बढाने के लिये चलेगे, सब टी वी पर दो दो रेट लगे थे, पूछने पर पता चला की एक रेट बिना स्कीम वाला है दुसरा स्कीम वाला यानि आप को अगर फ़्रि चाहिये तो उस टी वी पर ३,४ सॊ € ज्यादा देने होंगे, लेकिन टी वी तो दो मिल रहे है, तो जनाब हम ने दो चार के मुल्य लिख लिये, दो सप्ताह बाद देखा कि दो टी वी भी उतने मै ही मिल रहे है जितने मै स्कीम वाले मिल रहे थे, तो आप बताये आप स्कीम मै फ़ंसना चाहते है ओर लालच मै ज्यादा पेसे देना चाहते है या आम ग्राहक बन कर समान खरीदना चाहते है.
ओर भी बहुत सी स्कीमे होती है आप १००€ का समान लो हम १५ € का कूपन देगे, जेसे जेसे आप की रकम बढेगी कूपन का दाम भी आप को ज्यादा मिलेगा, लेकिन नगद नही ओर उसी दुकान से कुछ दुसरा समान खरीदना पडेगा, जब की खूपन के पेसे तो पहले ही आप के दाम मै जमा कर लिये जाते है, ओर आप अगर १५, २० € का कूपन लेते है तो क्या खरीदेगे?? जरुर मंहगा समान खरीदेगे अगर नही चाहिये तब भी लालच मै खरीदेगे, ओर कुछ दिनो बाद वही समान वेसे ही अपने असली दाम मै मिलता देख आप अपने को ठगा से महसुस करेगे....

14/04/10

सभी भाईयो को जन्नत मिलेगी अगर पठान चाहे तो

अरे अभी मेरी छूट्टियां खत्म  नही हुयी.... बस समय मिला तो एक अच्छा सा चुटकला लिख दिया..... किसी को ठेस नही पहुचाना चाहता.... इसे एक चुटकले ही समझे ओर किसी प्रकार की धार्मिक टिपण्णी ने देवे, जिस से किसी को दुख पहुचे.........

एक बार एक पठान ने एक मोलव्वी को मस्जिद मै खुब पीट दिया.... बात मोलव्वी जी की थी तो बात बहुत गर्म हो गई, ओर धीरे धीरे मस्जिद मै उस इलाके के लोग इकट्टे हो गये, ओर पठान को बुलाया गया, सामने मोलव्वी जी को बा इज्जत बिठाया,फ़िर पठान से पूछा कि तुम ने इस नापाक इंसान  इस मोलव्वी को क्यो पीटा???


पठान ने कहा कल शाम को यह मस्जिद मै लोगो को सरे आम कह रहा था, कि तुम खुदा के बन्दे हो अच्छे काम करो तुम्हे जन्नत नसीब होगी, एक आदमी ने कहा मोलव्वी जी ने ठीक ही तो कहा है, इतना सुनते ही पठान उस आदमी को भी पीटने लग गया, लोगो ने बीच  बचाव कर के पठान से पुछा, अब इस इंसान से क्या गलत कहा जो इसे भी तुम पीटने लगे??? तो पठान ने कहा जन्नत मेरी बीबी का नाम है!!!!!!!

02/04/10

उस दिन की भूल......... हे राम

बात आज से ६,७ साल पुरानी है, हम घर से कही दुर घुमने गये थे, ओर हमारे संग एक मित्र ओर उन का परिवार भी था, यानि उन की पत्नी ओर दो बच्चे, मित्र का नाम इस लिये नही लिख रहा, क्योकि यहां जर्मनी मै रहने वाले मेरे मित्र लोग इस लेख को पढ कर फ़िर उस से मजाक ना करे.
 हम दो दिन के लिये घर से दुर घुमने गये, वहां हम एक रात एक होटल मै ठहरे,  हॊटल बहुत सुंदर था ओर सस्ता भी, मोसम भी उन दिनो बहुत खुब सुरत था, हम सारा दिन घुम कर आये थक भी गये थे, लेकिन दिल फ़िर भी आस पास घुमने को कर रहा था, रात गये बीबीयां ओर बच्चे तो सोने चले गये लम्बी ड्राईविंग से ओर सारा दिन घुमने के पश्चात मुझे एक बीयर की कमी लगी, ओर होटल का बीयर वार बन्द था, मेने उस मित्र के कमरे पर हल्के से खट खटाया तो उस की बीबी ने दरवाजा खोला, तो मेने पुछा कि ??? क्या सॊ गया है? बीबी बोली अभी नही तो मेने उसे आवाज दी कि अगर बीयर पीनी है तो आ जाओ. ओर वो भी झट से तेयार हो गये,  तो दोस्त ने पूछा कि बीयर इस समय कहां से मिलेगी? तो मेने कहा यार ट्राई करते है, ओर मेरा दिल कहता है जरुर मिलेगी,
हम होटल की सीडियो से नीचे आये तो होटल की माल्किन जो एक बुढिया थी, वो सभी दरवाजो को चेक करने आई थी, तो मेने उसे नमस्ते बोला, उस ने भी नमस्ते मै जबाब दिया, तो मेने उसे कहा कि हमे दो बीयर की जरुरत है कहां मिलेगी? उस ने कहा कि होटल का बार तो बन्द हो चुका है, ओर अगर मै तुम्हे यहां इस समय बीयर दुंगी तो तुम्हारे बोलने से अन्य ग्रहाक रात को तंग होंगे, हां अगर जरुरी ही है तो क्या तुम बाहर बार मै बेठ कर बीयर पी सकते हो, उस बुढिया ने हमे दो बीयर दे दी बाहर जा कर ओर फ़िर लॊट कर ना आई, मेने ओर दोस्त ने खुद ही एक एक बीयर ओर पी, ओर पेसे अपने अपने गिलास के नीचे रखे, ओर सोने आ गये.

दुसरे दिन आंख जल्द  खुल गई, पराई जगह ओर पराये बिस्तर मै मुझे नींद कम ही आती है, ओर बच्चे भी जल्द ही ऊठ गये, हम सब ने स्नान किया ओर तेयार हो कर नाशते के लिये नीचे आ गये, नाश्ता किया ओर फ़िर घुमने निकल पडे, ओर आज शाम को ही वापिसी भी थी.
आज हमारी बीबी ने ओर दोस्त की बीबी ने बिलकुल एक जेसी साडी पहन रखी थी, ओर दोनो एक जेसी लग रही थी, हम दोपहर तक खुब घुमे, दोपहर बाद हम एक जगह खुले मै खाने के लिये रुके, वहां बाहर खुब सारी कुर्सिया ओर बेंच पडे थे, ओर सभी लोग बाहर ही बेठे थे, मेरे साथ मेरी बीबी बेठी थी, खाना आने मै थोडी देर थी, बच्चे भी अब बोर हो रहे थे, हम भी, तभी मै उठा ओर एक तरफ़ ध्यान से देखा ओर दो चार चित्र भी खींच लिये, तभी मेरी नजर एक जगह गई जहां आदमी छोटे से जहाज (गलाईडर वगेरा) को ऊडा रहा था, ओर वो आदमी ओर उस के पीछे बेठी ऒरत हम सब को हाथ हिला हिला कर वाय वाय कर रही थी, मेने बीबी कॊ यह सब दिखाने के लिये, उसे पीछे से बाहॊं मै जकडा ओर एक हाथ से उस ओर ऊंगली कर के उसे दिखाने लगा, इस पोजिशन मै मेरे गाल भी बीबी के कानो को छु रहे थे, ओर मेने बीबी की ओर देखे बिना कहा वो देखॊ, तभी दुर से बीबी की आवाज आई कहां???? ओर मेने अपने साथ वाली वला को देखा ओर उसे दुर किया, फ़िर बहुत शर्मिंदा हुआ, ओर बार बार माफ़ी मंगने लगा कि यह सब तो गलती से हुया है,लेकिन उस सीन को ना हमारी बीबी ने देखा ना ही हमारे दोस्त ने.... फ़िर कई दिनो तक मै दोस्त की बीबी से आंख ना मिला पाया, लेकिन अब हमेशा कहता हुं कि तुम अपनी अपनी साडी अलग अलग पहना,
लेकिन उस दिन सब का हंस हंस के बुरा हाल था, लेकिन हमारा हाल सब से अलग था,लेकिन मै शुक्र करता हुं कि दोस्त कि बीबी ने कही जोर दार थप्पड नही जड दिया, बाल्कि उन का कहना था यह सब हम दोनो के स्थान बदलने के कारण हुया है, अगर वो इसे गलत समझते तो मेरी इज्जत क्या रह जाती.... लेकिन आज उस भूल को याद कर के होंटॊ पर मुस्कान आ जाती है,

17/03/10

सिर्फ़ मर्दो के लिये... एक चुटकला??

इस चुटकले को सिर्फ़ हंसी ओर मजाक के तॊर पर ले, अगर किसी को पढने के बाद कॊई ऎतराज हो तो अपने लेपटाप पर, या अपने पीसी पर सारा गुस्सा उतारे, कृप्या मेरी टांग ना खींचे, ओर इसे पढ तो कोई भी सकता है, लेकिन इसे अशील करार मत दे, क्योकि यह अशील जो नही........

मकखन  ढक्कन से ....ओये ढ्क्कन एक बात तो बता कि भारतिया नोटो पर गांधी जी की हमेशा ही मुस्कुराती हुयी फ़ोटो ही होती है. लेकिन अमेरिकन डालर पर तो लिंकन की एक भी फ़ोटू मुस्कुराती हुयी नही है???
ढक्कन..... सोचते हुये..... पता नही यार.
मकखन.... ओए  खोते( गधे) तेनू एना भी पता नही कि अमेरिकन जनानियां पेसे बरा चां नही रखदीयां.
हिन्दी मे मकखन.... अबे गधे तुझे इतना भी नही पता कि अमेरिकन ओरते अपने नोट बरा मै नही रखती,

25/01/10

ब्लांगर टंकी का उदघाटन...

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाओ साहित हाजिर हुं
आप सब को आज इस दिन की बहुत बहुत बधाई,   ओर हमे उन सभी शहीदो का धन्यवाद करना चाहिये, जिन्होने इन गोरो को ईंट का जबाब पत्थर से दे कर, ओर उन के पिछवाडे लात मार कर देश से निकाल दिया. मेरा नमन है उन सब शहीदो को.

 तो चलिये  अब हम आप को ब्लांग टंकी के उदघाटन समारोह की ओर ले चले....
 अभी दिल्ली का सब से बडा बेंड मधुर धुन मै बज रहा है, ओर बहुत से ब्लांगर उस बेंड की धुन पर भागडा डाल रहे है, नाच रहे है, खुशियां मना रहे है.

 वो देखिये उस तरफ़ खाने पीने का पुरा इंतजाम है, ओर इधर कुछ ब्लांगरा( हमारी ब्लांग लेखिका) अपनी मधुर मधुर ओर मीठी आवाज मै मंगल गीत गा रही है, ओर उस तरफ़ देखे मिडिया वाले भी छाये हुये है, ओर सभी ब्लांगरो से बात कर रहे है.
 बच्चे भी बहुत खुश है, ओर खुशी मै  इधर उधर भाग रहे है, खुब मोज मस्ती कर रहे है.
अजी यह लिजिये हमारे  पं.डी.के.शर्मा"वत्स"  जी भी  हवन करने के लिये तेयार है, ओर उच्च स्वर मै मत्रॊ का उचारण कर रहे है अपनी मधुर आवाज मै.
टंकी पर चढने या जवर्द्स्ती चढाने के लिये देखिये सब ने मिल कर ताऊ जी को तेयार कर लिया है , ओर  ताऊ रामपुरिया जी भी आज अपना हरियाण्वी चोला पहन कर ओर मुंछो को खडा कर के अकड से खडे है, बिलकुल  दुल्हे मियां की तरह से, कमर मे तलवार भी लटकी है.ओर बेंड बाजो वालो ने अभी अभी नया गीत शुरु किया है..कर चले हम फ़िंदा....
ओर ताऊ जी सब लोगो के संग अब टंकी की ओर प्रस्थान कर रहे है, ओर उन के आगे आगे सब मिल कर फ़ुलो की चादर उन के कदमो मै बिछा रहे है.....
तभी कही से माईक से एक आवाज आती है....... सब चोंक कर उस तरफ़ देखते है, तभी फ़िर से आवाज आई, ब्लांगर वालो इधर उधर क्या देखते हो, ऊपर देखो टंकी पर,ओर सब उस तरफ़ देखते है, ब्लांगिग कर कर के सब ब्लांगरो के चशमे लग गये है इस लिये कोई पहचान नही पाया कि यह कोन है, लेकिन आवाज बहुत मीठी थी.
ब्लांगर वालो जमाना बदल गया है इस बार वीरु नही बसंती चंढी है टंकी पर, तभी पीछे से मोसी की आवाज आती है...अरी कलमुही, मिनी स्कर्ट पहन कर तु टंकी पर चढ गई, शर्म कर.... सब कुछ दिख रहा है:अरी ऊपर चढना था तो कम से कम कोई ढंग का कपडा तो पहन लेती, चल जल्दी नीचे उतर,तभी बसंती की आवाज आती है ब्लांगर वालो सब से पहले तो मोसी को समझाओ अब जमाना बदल गया है,मोसी तु सठिया गई है, लेकिन बेटी देख सब तुझे घुर रहे मोसी बीच मै ही बोल पडी, बसंती... तो इस मै मेरी क्या गलती है मै आजाद हुं जो चाहूं पहनू, मोसी तु इन घुरने वालॊ को समझा

तभी ताऊ ने पुछा अरी बसंती अब तुझे क्या दिक्कत है, चल नीचे आ जा, ब्लांगर वालो ओर ताऊ जी तुम सब मुझे टिपण्णीयां नही देते, सब मिल कर मेरी टांग खीचते हो, देखो आज मै कया करती हुं, नरियाल पानी पी कर मै इस टंकी से कुद जाऊगी... ओर तुम सब जेल मै
तभी राज भाटिया पुछते है.... यार यह नारियल पानी क्या होता है?
ताऊ चुप करो राज जी आप तो विदेश मै रह कर सब भुल गये
तभी पीछे से Udan Tashtari  यानि समीर जी की आवाज आती है यार यह लडकिया मिनी स्कर्ट क्यो पहनती है?
  पी.सी.गोदियाल ने झट से जबाब तो क्या यह भी ना पहने? अरे कुछ तो पहनाना है ना?
ताऊ जी चीखे अरे इसे नीचे उतारो यह तो कही शुभ महुर्रत निकल ना जाये है.

 अरे बसंती बोल तु हम से कया चाहती है, देख अब तो ताऊ भी तेयार है....तभी पिछे से ताई ने बोलने वाले के सर पर एक लठ्ठ जमाया,तो ताऊ बीच बचाव कर के बोला अरे भागवान क्यो मेरी टिपण्णी का सर फ़ोड दिया, इस का कहने का मतलब था कि ताऊ भी तेयार है तुझे नीचे उतारने के लिये.अब ताई को बहुत गुस्सा आया ओर फ़िर ताई लठ्ठ ले कर ताऊ की ओर लपकी, लेकिन ताऊ पहले ही समझ गया था ताई के तेवर, ओर ताऊ सर पर पांव रख के भागा, पीछे लठ्ठ ले कर ताई ओर ताई के पीछे पीछे बच्चे, ओर उधर बेंड बाजे वालो ने भी घुन बदल दी... मुझे मेरी बीबी से बचाओ बचाओ...लेकिन भागते भागते भी ताऊ ने बसंती को कहा....
देख बसंती तुझे धन्नो का वास्ता नीचे उतर आ.
नही कभी नही, पहले मुझे बताओ कि क्या आप मुझे ब्लांगरा ओ सॊरी क्या आप मुझे ब्लागर नही समझते, सभी ने एक स्वर मै कहा जी समझते है, तो फ़िर ताऊ को क्यो चुना उदघाटन के लिये, ओर मुझे तो बताया तक नही, जब कि मै ताऊ से पहले ब्लांगर बनी थी.मै सीनियर थी,

देख बसंती अब तो तेरी फ़िल्म भी बन रही   हे, ओर अब तु भारत मै नही पुरी दुनिया मै प्रसिद्ध हो गई है, लेकिन बसंती नही मानती ,ओर इसी बीच घुमती फ़िरती हुयी   बसंती का पांव फ़िसला तो वो सीधे नीचे की तरफ़ गिरती है, लेकिन नीचे बचाव  के लिये जाल लगा था इस कारण बसंती बच गई ओर आज का यह उदघाटन समारोह उस के बाद जोर शोर से चला फ़िर सब ने खाना खाया ओर खुब नाच गाना हुआ.


ओर इस शोर शराबे मै ओर पंगे मै शुभ महुर्रत भी निकल गया टंकी पर चढने का, ओर बसंती लिफ़ट की चाभी भी ऊपर छोड आई,लेकिन शुभ महुर्रत तो हो ही गया सब ओर बसंती की जय जय कार हो रही है, ओर मै भी बसंती के फ़ोटू ओर परिचाय ले कर आता  हू,ओर फ़िर  कुछ दिनो की छुट्टी

19/01/10

अशीलता आप की नजरो मै तो नही है ना....

 कमजोर दिल ओर महिलाये ओर  बच्चे अगर इस चित्र को देखे तो अपने रिस्क पर देखे, फ़िर ना कहे कि बताया नही...... खास कर नारी शक्ति करण वाले कृप्या कोई नारा ना लगाये... यह चित्र लिंग भेद से अलग है, अगर देखना है तो देखो आप की मरजी; अगर भुल से चित्र को देख भी ले तो फ़िर बच्चे के दोनो हाथ ध्यान से देखे

अरे बाबा हम तो अपना खाना भी नही खा सकते, अजी क्यो घुर घुर के देख रहे है आप? क्या मै इतना अशील लग रहा हुं क्या,अब मुझे आप भुखा नंगा तो बिलकुल मत कहे....











11/01/10

आज तो फ़िसल ही गये....इस उम्र मै

अभी अभी टिपण्णियो से निपटा, लेकिन आज टिपण्णियां देने मै थोडी मुस्किल आ रही थी, ओर आज दिन मै सोचा था कि एक दो लेख लिखूंगा एक यहां ओर एक मुझे शिकायत है पर, लेकिन आज टिपण्णियां देना भी बहुत कठिन लगा,

हमारे यहां बर्फ़िला तुफ़ान कई दिनो से लगातार आ रहा है, हमारे यहां(हमारे इलाके मै) यह तुफ़ान तो नही आया, लेकिन रात को खुब बर्फ़ गिरती है ओर दिन मै मोसम थोडा गर्म हो जाता है, रात को फ़िर ताप मान गिर जाता है, जिस से दिन मै पिघली बर्फ़ शीशे की तरह जम जाती है, फ़िर ऊपर नयी बर्फ़ गिर जाती है, लेकिन आज सारा दिन बर्फ़ गिरती रही सब ने साफ़ भी की लेकिन नीचे जो बर्फ़ शीशे की तरह जमी थी कही कही रह गई, ओर उस पर ताजा ताजा सफ़ेद बर्फ़.

सर्दी भी बहुत थी, लेकिन गर्म कपडॊ ओर बुटो से सर्दी का पता नही चलता, तो जनाब हमारा चीफ़ किसी फ़ाईल को ढुढंता रहा, जब उसे नही मिली तो हमारे पास आया, हम ने उसे समझाया कि वो तो बिलकुल सामने पडी है, लेकिन उस कम अकल को अकल नही आई, ओर इस सर्दी मै हमे साथ चलने को बोला, ओर वो कमरा दुसरी बिलडिंग मै था, हम ने जाकेट भी नही पहनी क्योकि चार पांच मीटर दुर ही तो था वो कमरा, हम उस के साथ भुन भुनाते गये( उसे हंसाता हुया दीखे) जाते समय मोहद्य बर्फ़ पर फ़िसल गये, लेकिन गिरने से बच गये, हम ने फ़ाईल जब दिखाई तो बहुत शर्मिंदे हुये, ओर सॊरी बोल दिया.

अब हम बिना जाकेट बाहर आये थे, सामने हमारा कमरा था, सोचा चलो जल्दी से कमरे मै जा कर कुछ गर्म हो जाये, लेकिन दो कदम ही चले तो हम जमीन पर अपनी राईट वाली साईड की तरफ़ गिर गये फ़िसल कर, ओर उस वाजू का अप्रेशन हो चुका था, ओर सारा वजन उस वाजू पर दर्द तो बहुत हुया, दिल था कोई आ कर उठाये, लेकिन फ़िर जल्दी से उठे ओर कमरे मै आराम से गये, वाजू को थोडा मला, उस समय तो दर्द नही हुया, लेकिन अब दर्द बढ गया है, हम ने भी दो दिन की छुट्टी मार ली.... चोट ज्यादा नही आई... अभी बीबी वाजू पर तेल लगा कर मालिस करेगी, फ़िर सेंक दे कर सुबह तक आराम आ जायेगा.

जब फ़िसले तो पता ही नही चला, चारो खाने चित जब पडे तो मुंह से बडे जोर से आवाज आई ऒये तो पता चला कि हम तो इस उम्र मै भी फ़िसल गये

अभी बर्फ़ गिर रही है बूरा चीनी की तरह, ओर सर्दी की वजह से चारो ओर बहुत फ़िसलन है, कल दिन मै अच्छी तरह से बर्फ़ गिरी तो फ़िल्म जरुर बनाऊगा, चलिये अब आप टिप्ण्णियां दे ओर मै तेल लगवा कर सेंक दे दूं

03/07/09

चढता ओर उतरता हवाई जहाज का

जब हम बहुत छोटे थे तो हवाई जहाज को दुर से देखा करते थे, दिल करता था, काश हम भी कभी इस मे बेठे गे ? पता नही बहुत महंगा होगा ? लेकिन एक दिन इस मै बेठ ही गये, दिल्ली से बम्बई, उन दिनो पालम एयर पोर्ट ही होता था, ओर बम्बई मै शायद सहारा या कुछ ओर नाम हो, वहां तक हवाई जहाज मै, डरे सहमे से, जेसे किसी गरीब को ट्रेन के फ़ास्ट्र कलास मे बिठा दो, घर वालो से पहली बार दुर हुये थे, इस लिये पता ही नही चला कब सफ़र खत्म हुया, क्योकि सारे समय तो आंखो मे आंसु जो थे,

फ़िर वहां से युरोप के लिये शबीना एयर वेज का जहाज पकडना था, मां ने परोठियां घर से बना कर दे दी थी, लेकिन भुख बिलकुल नही थी,कब बेल्जियम पहुचे पता ही नही चला, लेकिन दिन चढ गया था, फ़िर वहा से फ़्रेकफ़ुट के लिये फ़लाईट जो करीब ३५ मिन्ट की होगी.
उस के बाद बहुत बेठे इस हवाई जहाज मै, अब तो बिलकुल भी अच्छा नही लगता, बल्कि सब से बोर यात्रा हवाई जहाज की लगती है, ओर सब से प्यारी यात्रा भारतीया बस की, जिस मै सब दोस्त बन जाते है, ओर वो खचडा बस हो तो ओरभी अच्छा कानो की मेल भी निकल जाती है, लेकिन अब बस मै चढना बहुत मुश्किल है,
लेकिन आज हम आप को विमान को चढता हुआ, ओर फ़िर उतरता हुआ दिखाये गे, चढता हुआ बाहर से, ओर उतरता हुआ, कोक पिट से( पता नही इसे कोक पिट क्यो कहते है) यानि जहा ताऊ ड्राईवर बिना पिये जहाज को चलाता है  :) मेर कहने का मतलब आप को पायलेट के साथ कोक पिट से जहाज को उतारता हुआ दिखायेगे.
पहली विडियो चढते हुये जहाज की, दुसरी विडियो कोक पिट से ली है उतरते हुये जहाज की...



01/07/09

चालाक लोग या बेबकुफ़ लोग

आज कल केसे स्वाईन् फ़्लू का शोर मचा है, वेसे ही इन अनामी, सुनामी ओर अनामिका फ़्लू का शोर भी चारो ओर मचा है, लेकिन आप सब को इन लोगो से साबधान रहने की बस जरुरत है, इन्हे ज्यादा भाव देने की जरुरत नही, मेरी तरह से कई लोगो को इन का असली चेहरा तो पता चल ही गया है, कई क्या लगभग सभी लोगो को इन का नाम तक पता है, लेकिन सबूत ना होने के कारण ओर फ़िर नंगे के सामने क्या नंगा होना कि भावना से लोग चुप बेठे है.
ओर यह चालक लोग (वेबकूफ़) लोग अपने आप को बहुत चालाक समझते है, लेकिन यह अपनी ही गलतियो से, अपनी ही बेवकुफ़ियो से, ओर अपनी ही चलाकियो से लोगो की नजरो मै आये, मेने एक नही बहुत से ब्लांग पर सिर्फ़ ओर सिर्फ़ इन्ही लोगो की बहस सुनी है, लेकिन बेशर्मी की बात यह है कि यह अपनी सफ़ाई के साथ साथ अनामी टिपण्णीयां भी दिये जा रहे है.
अनामी, बेनामी टिपण्णियां कोन करता है? ओर क्यो करता है?
अनामी, बेनामी टिपण्णियां कोन करता है? तो वोही करता है जो अपने आप को इस काबिल ना समझता हो कि जो मै कहना चाहता हुं वो सही भी है या नही, यानि उसे अपने ऊपर पुरा विशवाश नही होता,ओर वो जो हम सब के अंदर बेठा है ओर किसी भी तरह से अपनी बात को सही सिद्ध करना चाहता है, जिस की इज्जत उस के ही जान पहचान वाले, पडोसी,ना करते हो,ऎसे लोगो के दोस्त तो होते ही नही, ओर यह फ़िर अपनी भाडस इन बेनामी टिपण्णी मै करते है.
या हम मै से कोई एक ऎसी कविता, कहानी, पहेली,रचना लिख दे जो सब को तो पसंद आये, ओर लोग बाग खुब टिपण्णिया दे, और उस पर वो आदमी नया नया ब्लांग की दुनिया मै आया हो, तब भी यह अनामी चिढ सकता है, या फ़िर आप ने कोई ऎसी चर्चा छेड दी जो इन्हे पसंद नही तो भी इन्हे अनामी टिपण्णियो का दोरा पड सकता है, वेसे यह अनामी इतने भोले भी नही होते, मजाल है इन्हे कोई गाली दे दे, इन्होने अपने ब्लांग पर पक्के इंतजाम कर रखे है, ओर अगर आप इन्हे मोका ना दे तो कोई बात नही यह आप की टांग पकड कर खिंच लेगे,यानि यह अनामी एक बहुत बडी बेइलाज बिमारी है.
अब यह क्यो करते है बेनामी टिपण्णियां... अजी इन्हे शातिं मिलती है, मुंह पर तो इन के हर कोई लानत फ़ेंकता है, तो भडास यहा निकाल लो, इन लोगो का कोई समाज , परिवार, दोस्त मित्र तो होते नही, लेकिन जो बचे खुचे पडोसी, पुराने मित्र स्कुल समय के, एक आधा रिश्तेदार होते है यह उन से हर दम मोका मिलते ही लडते है, ओर वो इन्हे दुतकार कर चले तो जाते है, लेकिन वो दुतकार मिलने से जेसे कुत्ता तिलमिलाता है यह भी उसी तरह से तिलमिलाते है, गालियां बकते है, पेरो से ठोकरे मारते है, घर मै अगर कुछ बचा हो तो उसे तोड देते है, अगर बुढी मां, या बाप हो तो उस से लड पडेगे, अगर सब को खा चुके तो फ़िर हमारा भेजा खाने चले आते है.
तो सजन्नो ओर सज्जनियो आज इन बेनामियो ओर अनमियो की कथा यही समाप्त हुआ , आज के बाद हम इन का नाम ले कर आप सब का ओर अपना समय नही खराब करेगे, अब आप स्वामी समीरानन्द जी के प्रबचन ध्यान से सुने, उस के बाद आरती होगी, हा अगर आरती से पहले आप मै से भी किसी ने अपने अपने वचन देने हो तो पहले से बता दे, क्यो कि आरती के बाद, सब को प्रसाद दिया जायेगा, लेकिन बाबा मग्गा जी से प्राथना है जब तक स्वामी समीरानन्द जीअपना आसन ग्राहन नही करते तब तक कुछ विचार अपने भी प्रकट करे, अगर महिलऎ कीर्तन बगेरा करना चाहती है तो जब प्रसाद बांटा जाये तब सभी बहिनो (बाबा जी की) को कीर्तन करने का मोका मिलेगा.
एक बार सब मिल कर प्यार से बोले
स्वामी समीरानन्द जी की ...जय

24/06/09

ताऊ एयर लाईन

नमस्कार आप सभी को आज अभी अभी खबर आई कि कुछ लोगो ने ताऊ जी को हवाई जहाज पर चढने से रोका, पता करने पर जो रिपोर्ट आई, वो भी काफ़ी चिंता जनक थी, हमारे संवादाता ने बताया कि जब ताई , हमारे प्यारे ताऊ को एयरपोर्ट पर छोड कर घर वापिस जा रही थी, तो कुछ लोगो ने ताई की कार मे वेलन देखा, कुछ लोगो ने लठ्ठ भी देखा.
बस यह बात किसी तरह से कबाडी एयरलाईन वालो को पता चल गई, ओर ऎन समय पर जब ताऊ पहला कदम उस टुटे फ़ुटे हवाई जहाज की तरफ़ बढाने लगा तो तभी उस हवाई जहाज जा ड्राईवर ताऊ के पास आया ओर वोला ताऊ जी मेरी बात माने तो आप इस जहाज पर मत बेठे, ताऊ को गुस्सा तो बहुत आया, लेकिन फ़िर ताऊ ने प्यार से पुछा भाई क्यू ना बेठू?
तो उस ड्राईवर ने ताऊ के पांव पकड लिये बोला ताई की कार मै सब ने वेलन देखा है, अगर रास्ते मै उसे गुस्सा आया तो वेलन को गुस्से मै आप का निशाना लगा कर मारा तो क्या होगा ? बस ! बस फ़िर क्या ताऊ को गुस्सा आया ओर उन्होने उसी वक्त एक नया प्लेन अफ़्रीका से खरीद लिया, ओर इस प्लेन की यह खासियत है आप कितनी भी सवारिया बिठाये, आप खुद देख ले अभी तो छत खाली पडी है.
तो भाईयो आईये ओर ताऊ एयर लाईन को आगे बढाये, आज एक कल दो फ़िर तो सभी ब्लांगरो को ताऊ एक एक जहाज फ़्रि मे दे देगे, तो चलिये ताऊ एयर लाईन के मेम्बर बने ओर् आप को हर टिकट पर दो यात्री फ़्रि.
राम राम जी की

04/11/08

ताऊ का नया काम

आईये आज थोडा मुस्कुराले, वो कहते है ना रोजाना दिल खोल कर हंसना चाहिये??? तो जनाब अब हंसने के लिये तेयार हो जाये,हंसी ना आये तो मुस्कुराहट तो जरुर आ जायेगी आप के चेहरे पर, बस यही मुस्कुराहट तो चाहिये हमें।
तो चलिये थोडा प्यार से यहा एक बार दबाये ओर पहुच जाये हंसी की दुनिया मै....