19/12/10

एक हवाई जहाज की अनोखी यात्रा.....

जब मे दिल्ली से लंडन की फ़लाईट मे चढा ओर अपना समान सेट कर के अपनी सीट पर अभी बेठा ही था, कि आवाज आई मुगफ़ली...... गर्मा गर्म मुगफ़ली..... रेबडी करारी रेबडी.... रोहतक की मशहुर रेबडी बाबू जी जल्दी खरीदिये सस्ती ओर सफ़र मै मजे दार ओर स्वाद.... ओर तभी हमारा जहाज रनवे की ओर रेंगने लगा, तो वो दो लडके झट से नीचे कुद कर दुसरे जहाज की ओर चले गये, अभी जहाज पाकिस्तान के ऊपर से गुजर रहा था ओर सामने से एयर ईडियां का जहाज आ रहा था, उस मै से कुछ लोग उतर कर हवा मे तेरते हुये हमारे जहाज कि तरफ़ आये, ओर मै उन्हे हेरानगी से देखता रहगया.

अंदर घुसते ही एक ने आवाज लगाई चाट चाट जी, करारी चाट, मसाले वाली करारी सवादिष्ट चाट.... तभी आवाज आई १० रुपये मै तीन १० रुपये मै तीन अजी सोचिये मत झट पट खरीद ले बाजार मे एक की कीमत २० रुपये हे, बस आप सब के लिये १० मै तीन नजदीक आने पर देखा तो पता चला कि वो तीन किताबे १० रुपये मे बेच रहा हे,मैने १०० ग्राम मुगफ़ली खरीदी ओर एक पाकेट गुड की रेवडी, ओर तीन पत्रिकाऎ. तभी दो लडके आवाज लगाते हुये आये.....चाय चाय.... गर्मा गर्म चाये, इलायची दुध वाली स्वादिष्ट चाय, अजी ऊपर सर्दी बहुत थी, कई लोगो ने खिडकियां खोल रखी थी, जिस से तेज ओर ठंडी हवा ने सर्दी ओर भी बढा दी,मैने एक बडा मग चाय भी खरीद ली.

अभी चाय का एक घुट ही पिया था कि तभी जहज मे शोर मच गया कि टी टी आ गया..... मुझे तो कोई डर नही था, मेरे पास टिकट था, टी टी ने कई लोगो को पकडा बिना टिकट, कई तो जुर्मना दे कर छुट गये, लेकिन कई बेचारो के पास पेसे ही नही थे, तो टी टी ने उन्हे ऊपर ही ऊतार दिया, फ़िर मेरे पास टिकट देखने आया, मैने जेब मै हाथ डाल तो मेरा पर्स गायब, फ़िर सब जेबे देखी लेकिन ना पर्स मिला ना टिकट ही, अब टी टी को कुछ कहता उस से पहले ही उस ने मुझे भी बाहर करना चाहा , ओर मै बोला सुनो सुनो........ मेरी बात तो सुनो...... तभी बीबी की आवाज आई अजी ६ बज गये उठो आज काम पर नही जाना क्या? ओर जनाब हम आंखे मलते मलते बिस्तर से ऊठे ओर इस सपने के बारे सोचते सोचते मुस्कुरा दिये, भाई भारतिया हे तो उसी के हिसाब से सपने देखते हे

31 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

majaa aa gaya...

वन्दना said...

बिल्कुल जी भारतीयों को ही ऐसे सपने देखने का हक है।

वन्दना said...

इस बार के चर्चा मंच पर आपके लिये कुछ विशेष
आकर्षण है तो एक बार आइये जरूर और देखिये
क्या आपको ये आकर्षण बांध पाया ……………
आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (20/12/2010) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
http://charchamanch.uchcharan.com

अरुणेश मिश्र said...

आनन्ददायक ।

Arvind Mishra said...

हा हा हा मैंने भी सोचा की ये भाटिया जी भी कैसी सस्ती फ्लाईट में चढ़ गए

anshumala said...

जी भारत में तो ट्रेन में चाय को चेय चेय बोलते है वो भी खास स्टाइल में | कभी कभी सपने वाकई बहुत मजेदार होते है |

मनोज कुमार said...

हा-हा-हा ...रोचक और मज़ेदार पोस्ट।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

हा हा ..मूंगफली की आवाज़ पर ही समझ आ गया था कि स्वप्नलोक में हैं आप ...

देवेन्द्र पाण्डेय said...

इससे यह पता चलता है कि अभी तक आप भारत यात्रा की यादों में ही खोए हैं। बहुत खूब।

Rahul Singh said...

ण्‍क आर फिर दुहराया जाय, सच हो फिर से यह सपना.

'उदय' said...

... rochak ... chat-pati post !!!

नीरज जाट जी said...

एक बार ट्रेन टिकट के दाम बढने दो, फिर देखना लोग हवाई जहाज से ही सफर करेंगे और ऐसा ही होगा। वैसे भी सुबह-सुबह देखे सपने सच हो जाते हैं।

ajit gupta said...

बढिया रहा सपना।

खबरों की दुनियाँ said...

सपने तो आखिर सपने हैं । अच्छी पोस्ट , शुभकामनाएं । पढ़िए "खबरों की दुनियाँ"

ज्ञानचंद मर्मज्ञ said...

राज भाटिया जी,
पोस्ट पढ़ते हुए सोच रहा था कि कब से हवाई जहाज में ऐसी सेवाएं शुरू हो गईं ! अच्छा हुआ भाभी जी ने आपको जगा दिया वरना .....
मजेदार पोस्ट !
-ज्ञानचंद मर्मज्ञ

प्रवीण पाण्डेय said...

बड़ा मुश्किल है, हैंग ओवर अब तो उतर जाना चाहिये, देसी का।

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

हा-हा-हा.... बेचारे पाकिस्तानियों की ऐसी औकात कहाँ कि हवाई जहाज में भी चाट पपड़ी बाँट सके , उन्हें मौक़ा मिलेगा तो आर दी एक्स और AK-४७ बेचने लगेंगे !

Harman said...

ha ha ... bahut mazedaar...

mere blog par bhi kabhi aaiye
Lyrics Mantra

shikha varshney said...

हाँ हम लोगों को तो ऐसे ही सपने आते हैं :)..बढ़िया मजा आया.

rashmi ravija said...

ये आवाजें ना सुनाई दें तो सफ़र का मजा नहीं आता....सपने में ही सही

अनुपमा पाठक said...

रोचक पोस्ट!

वन्दना महतो ! said...

वाह! मजा आ गया!...... चाट मूंगफली..... हवाई यात्रा में!......

नरेश सिह राठौड़ said...

थोड़ी देर और सोते तो शायद आप हम जैसे बलोगरो से भी मिल लेते |

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

क्या सच में पर्स गायब था . अच्छा हुआ जल्दी उठ गये ..... नही तो हवा मे ही उतरना पडता

ZEAL said...

.

भाटिया जी ,
आप दुनिया के सबसे हसीन सपने देखते हैं। इस अलौकिक स्वप्न की बधाई।

.

सुरेश शर्मा (कार्टूनिस्ट) http://sureshcartoonist.blogspot.com/ said...

हा-हा-हा...मजेदार पोस्ट !

ललित शर्मा said...

हा हा हा आपने सपना सच ही देखा है। कुछ डोमेस्टिक फ़्लाईट हैं ऐसी ही जिसमें रेवड़ी,बिस्कुट,मुंगफ़ली बेची जाती है।

Kunwar Kusumesh said...

आपका सपना बहुत मजेदार रहा.end में राज खुला तो वाक़ई हंसी आ गई.

Dr. Amar Jyoti said...

:) :) :)

डा. अरुणा कपूर. said...

मजा आ गया भाटिया साहब!...आखिर में जब आपने बताया कि आपको नींद से जगाया गया...तब मानों हम भी नींद से जाग गए और हवाई जहाज फूर्र..र्र..र्र करता हुआ उड गया!..हा, हा,हा!

कपूर साहब आप को बहुत याद करते है...हम लोग जर्मनी आने का प्रोग्राम बना रहे है...आप से तब जरुर मुलाकात होगी!

Rav said...

मज़ेदार है भाटिया साहेब, आप को ये जानकार ताज्जुब होगा कि मैं असलियत में ऐसे एक हवाई जहाज कि यात्रा कर चूका हूँ...