04/11/08

ताऊ का नया काम

आईये आज थोडा मुस्कुराले, वो कहते है ना रोजाना दिल खोल कर हंसना चाहिये??? तो जनाब अब हंसने के लिये तेयार हो जाये,हंसी ना आये तो मुस्कुराहट तो जरुर आ जायेगी आप के चेहरे पर, बस यही मुस्कुराहट तो चाहिये हमें।
तो चलिये थोडा प्यार से यहा एक बार दबाये ओर पहुच जाये हंसी की दुनिया मै....

8 comments:

PD said...

mast hai ji.. :)

PN Subramanian said...

हमने सोचा ताउ के बदले ताई होतीं तो क्या बोलती

डा. अमर कुमार said...

भाटियाजी, इब यही होगा.. गधे को बठाओ कुर्सी पर तो, लात तो खाण पड़ेगी ही उसकि !
अपणे ताऊ की बुद्धि आजकल घास चर रही सै..
हमलोग गधे को बाप का दर्ज़ा देवे हैं, मुसीबत के समय..
ताऊ उसको बेटा बनावण चले, तो खावैं लात !

अल्पना वर्मा said...

:D...:D

डॉ .अनुराग said...

अहा! मना किया था न मीन्टोस मत खिलायो .दिमाग की बत्ती जलेगी

सचिन मिश्रा said...

Bahut khub.

सचिन मिश्रा said...

Bahut khub.

योगेन्द्र मौदगिल said...

भाटिया जी
ताऊ की के रीस हो सकै
सर एक बात और बत्यादूं
सयाणे की रीस तो वै करै जो टांग ठा कै मूत्तै
एक बात की बधाई भाई जी
अक्
ब्लागों पै ताऊवाद की जड़ जमगी
आपकी सैटिंग जबरदस्त है
बाकि दाे लाइनें अरज है

गधा गधा ई रह्वै सै प्यारे
गधे नै इबलग बोज्झाई ढोया
thanx