कुछ दिन पहले मैने एक लेख लिखा था*सपना सच हो जाये तो...
पिछले दिनो मगल वार का दिन था, मै अपने ओफ़िस से घर आया, चाय बगेरा पी कर मे अपने परिवारिक डा० से अपना चेक अप करवाने के लिये घर से चला, साथ मे बीबी भी चल पडी, हमारे डा० साहब हमारे घर से करीब १२ कि मी दुर रहते हे, ओर मै अपनी कार से जा रहा था, बर्फ़ गिर रही थी, ओर फ़िसलन भी बहुत थी, जब मे उस शहर से कुछ किलो मीटर दुर था तो देखा की मेरे काफ़ी आगे एक अन्य कार जा रही हे, जो कभी बहुत तेज ओर कभी बहुत धीरे हो जाती थी, मै बरेक बहुत कम मारता हुं, लेकिन इस की वजह से मुझे बार बार बरेक पर पांव दवाना पडता, आगे जा कर ओर मोका देख कर मैने इसे पास करना चाहा, तभी एक कार काफ़ी आगे से आती दिखाई दी, ओर मैने अनुमान लगाया कि मै उस से पहले इन दो कारो को पार नही कर पाऊंगा, ओर मैने ईंडिकेटर दे कर अपनी कार को दोनो कार के बीच डालना चाहा, जो मेरा हक भी था.
लेकिन पीछे वाला जो कभी तेज तो कभी धीरे चला रहा था, उस ने मुझे जान कर तंग करना चाहा लेकिन मैने अपनी कार फ़िर भी घुसा दी, ओर वो पीछे दे लाईट मारता रहा ओर हार्न मारता रहा, जो कि यहां यह दोनो जुर्म हे, वहां से हम आगे बढे, अब मेरे डा० का कलिनिक आ गया ओर मुझे कार पार्किंग करनी थी, लेकिन वहां जगह नही थी, तो मै आगे बढा ओर एक खुली जगह पर कार रोक कर मोडनी चाही, तभी मेरे साथ एक कार आ कर रुकी, ओर जोर जोर से कुछ बोल रहा था, फ़िर अपने मोबाईल से उस ने दो चार फ़ोटू खींचे,इतनी देर मै मैने अपना शीशा नीचे किया ओर उस से पुछा की क्या बात हे अब बोलो, तो मुझे धमकी देने लगा कि मै अभी पुलिस के पास जा रहा हुं, ओर मुझे गालिया बकने लगा.
मै बहुत शांति से उस की गालिया सुनता रहा, फ़िर मैने उसे बताया कि तुम नये शहर मे हो ओर पुलिस स्टॆशन इस तरफ़ हे जल्दी जाओ, ओर जो करना हे करो, लेकिन जो जुर्म तुम ने किये हे जरा उन का हिसाब भी लगा लेना, अब फ़ुटॊ यहां से,वो फ़िर भी ना हटा तो मेने उसे कहा जाओ भाई अब यहां से दफ़ा हो जाओ, ओर मै वेसे ही कार से उतरा तो वो झट से भाग ऊठा, उस समय मुझे लगा कि यह मेरा वोही वाला सपना हे सपना सच हो जाये तो... या हो सकता हे मेरा वहम हो, लेकिन अभी हो सकता हे वो अपने वकील के पास गया हो या उस ने पुलिस मे रिपोर्ट लिखवाई हो? ओर मै भी तेयार बेठा हुं, उस को जबाब देने के लिये, ओर अगर यह वोही सपना था तो अच्छा हे
पिछले दिनो मगल वार का दिन था, मै अपने ओफ़िस से घर आया, चाय बगेरा पी कर मे अपने परिवारिक डा० से अपना चेक अप करवाने के लिये घर से चला, साथ मे बीबी भी चल पडी, हमारे डा० साहब हमारे घर से करीब १२ कि मी दुर रहते हे, ओर मै अपनी कार से जा रहा था, बर्फ़ गिर रही थी, ओर फ़िसलन भी बहुत थी, जब मे उस शहर से कुछ किलो मीटर दुर था तो देखा की मेरे काफ़ी आगे एक अन्य कार जा रही हे, जो कभी बहुत तेज ओर कभी बहुत धीरे हो जाती थी, मै बरेक बहुत कम मारता हुं, लेकिन इस की वजह से मुझे बार बार बरेक पर पांव दवाना पडता, आगे जा कर ओर मोका देख कर मैने इसे पास करना चाहा, तभी एक कार काफ़ी आगे से आती दिखाई दी, ओर मैने अनुमान लगाया कि मै उस से पहले इन दो कारो को पार नही कर पाऊंगा, ओर मैने ईंडिकेटर दे कर अपनी कार को दोनो कार के बीच डालना चाहा, जो मेरा हक भी था.
लेकिन पीछे वाला जो कभी तेज तो कभी धीरे चला रहा था, उस ने मुझे जान कर तंग करना चाहा लेकिन मैने अपनी कार फ़िर भी घुसा दी, ओर वो पीछे दे लाईट मारता रहा ओर हार्न मारता रहा, जो कि यहां यह दोनो जुर्म हे, वहां से हम आगे बढे, अब मेरे डा० का कलिनिक आ गया ओर मुझे कार पार्किंग करनी थी, लेकिन वहां जगह नही थी, तो मै आगे बढा ओर एक खुली जगह पर कार रोक कर मोडनी चाही, तभी मेरे साथ एक कार आ कर रुकी, ओर जोर जोर से कुछ बोल रहा था, फ़िर अपने मोबाईल से उस ने दो चार फ़ोटू खींचे,इतनी देर मै मैने अपना शीशा नीचे किया ओर उस से पुछा की क्या बात हे अब बोलो, तो मुझे धमकी देने लगा कि मै अभी पुलिस के पास जा रहा हुं, ओर मुझे गालिया बकने लगा.
मै बहुत शांति से उस की गालिया सुनता रहा, फ़िर मैने उसे बताया कि तुम नये शहर मे हो ओर पुलिस स्टॆशन इस तरफ़ हे जल्दी जाओ, ओर जो करना हे करो, लेकिन जो जुर्म तुम ने किये हे जरा उन का हिसाब भी लगा लेना, अब फ़ुटॊ यहां से,वो फ़िर भी ना हटा तो मेने उसे कहा जाओ भाई अब यहां से दफ़ा हो जाओ, ओर मै वेसे ही कार से उतरा तो वो झट से भाग ऊठा, उस समय मुझे लगा कि यह मेरा वोही वाला सपना हे सपना सच हो जाये तो... या हो सकता हे मेरा वहम हो, लेकिन अभी हो सकता हे वो अपने वकील के पास गया हो या उस ने पुलिस मे रिपोर्ट लिखवाई हो? ओर मै भी तेयार बेठा हुं, उस को जबाब देने के लिये, ओर अगर यह वोही सपना था तो अच्छा हे