31/05/08

धन्यवाद

आप सब का धन्यवाद, मुझे याद रख्ने के लिये,कुछ समय मुझे लगे गा फ़िर से अपनी जिन्दगी मे लोटने के लिये,फ़िर से आप की सेवा मे आने के लिये, बस कुछ ऎसा होता हे की मेरे जेसा कठोर आदमी भी डगमगा जाता हे... जल्द ही फ़िर से आउगा, तब तक के लिये माफ़ी चहाता हू
धन्यवाद

13 comments:

अल्पना वर्मा said...

Raj ji namaste,

Anuraag ji se aap ki anupasthiti ka karan gyat hua.
hum sab ko behad dukh hua hai aur hum sab aap ke saath hain aur ishwar se prarthna karte hain ki aap sabhi parivar jano ko himmat de.
dhnywaad,
with regards,
alpana & family

पंकज अवधिया Pankaj Oudhia said...

आपकी कमी खल रही है। अब आ भी जाइये।

Udan Tashtari said...

इन्तजार कर रहे हैं. आपकी स्थितियाँ समझ सकता हूँ इस समय. इस कठिन समय में हम आपके साथ हैं.

Gyandutt Pandey said...

कठिन समय में आदमी "एकला चलोरे" वाला हो ही जाता है। आप वापस दिखे, बहुत अच्छा लगा।

बाल किशन said...
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बाल किशन said...

sabke saath main bhi aapke lautane ka intzaar kar raha hun.

Rachna Singh said...

please accept my condolence on the sad and sudden demise of your father . may his soul rest in peace

mehek said...

doc saab se aapke pitaji ke bare mein suna,is dukh ki ghadi mein hum aapke saath hai,ishwar unki aatma ko shanti pradan karein,shraddha suman sahit,sadar,mehek

महावीर said...

यह सत्य है कि उनकी कमी कोई भी पूरी नहीं कर सकता। ऐसे दुख के समय में वैब-परिवार के सभी ब्लॉगर आप के साथ हैं। ईशवर से यही प्रार्थना है कि आपके पिता जी की आत्मा को शांति और आप को सपरिवार सहित साहस दें।
महावीर शर्मा

mahashakti said...

देश तो पराया था किन्‍तु अपना पन झलकता था, आपकी प्रतिक्षा में, अगर ऐसे ही अच्‍छे लोग पलायन करते रहे तो हिन्‍दी ब्‍लाग‍िंग से अच्‍छाई समाप्‍त हो जायेगी।

प्रमेन्‍द्र

mahendra mishra said...

meri shubhakamanaye hai ki aap jald se jald blaag jagat me loute .

बलबिन्दर said...

पराये देश में हमारी संवेदनायें आपके साथ हैं।
अपने जनक के गुजर जाने का दुख अलग ही होता है।
आप ब्लॉग जगत में लौटे।
धन्यवाद

उन्मुक्त said...

प्रिय जन के जाने में दुख को हम सब समझ सकते हैं हम सब ने किसी न किसी को खोया है।