29/01/11

क्या यह वोही सपना था?

कुछ दिन पहले मैने एक लेख लिखा था*सपना सच हो जाये तो...

पिछले दिनो मगल वार का दिन था, मै अपने ओफ़िस से घर आया, चाय बगेरा पी कर मे अपने परिवारिक डा० से अपना चेक अप करवाने के लिये घर से चला, साथ मे बीबी भी चल पडी, हमारे डा० साहब हमारे घर से करीब १२ कि मी दुर रहते हे, ओर मै अपनी कार से जा रहा था, बर्फ़ गिर रही थी, ओर फ़िसलन भी बहुत थी, जब मे उस शहर से  कुछ किलो मीटर दुर था तो देखा की मेरे काफ़ी आगे एक अन्य कार जा रही हे, जो कभी बहुत तेज ओर कभी बहुत धीरे हो जाती थी, मै बरेक बहुत कम मारता हुं, लेकिन इस की वजह से मुझे बार बार बरेक पर पांव दवाना पडता, आगे जा कर ओर मोका देख कर मैने इसे पास करना चाहा, तभी एक कार काफ़ी आगे से आती दिखाई दी, ओर मैने अनुमान लगाया कि मै उस  से पहले इन दो कारो को पार नही कर पाऊंगा, ओर मैने ईंडिकेटर दे कर अपनी कार को दोनो कार के बीच डालना चाहा, जो मेरा हक भी था.

लेकिन पीछे वाला जो कभी  तेज तो कभी धीरे चला रहा था, उस ने मुझे जान कर तंग करना चाहा लेकिन मैने अपनी कार फ़िर भी घुसा दी, ओर वो पीछे दे लाईट मारता रहा ओर हार्न मारता रहा, जो कि यहां यह दोनो जुर्म हे, वहां से हम आगे बढे, अब मेरे डा० का कलिनिक आ गया ओर मुझे कार पार्किंग करनी थी, लेकिन वहां जगह नही थी, तो मै आगे बढा ओर एक खुली जगह पर कार रोक कर मोडनी चाही, तभी मेरे साथ एक कार आ कर रुकी, ओर जोर जोर से कुछ बोल रहा था, फ़िर अपने मोबाईल से उस ने दो चार फ़ोटू खींचे,इतनी देर मै मैने अपना शीशा नीचे किया ओर उस से पुछा की क्या बात हे अब बोलो, तो मुझे धमकी देने लगा कि मै अभी पुलिस के पास जा रहा हुं, ओर मुझे गालिया बकने लगा.

मै बहुत शांति से उस की गालिया सुनता रहा, फ़िर मैने उसे बताया कि तुम नये शहर मे हो ओर पुलिस स्टॆशन इस तरफ़ हे जल्दी जाओ, ओर जो करना हे करो, लेकिन जो जुर्म तुम ने किये हे जरा उन का हिसाब भी लगा लेना, अब फ़ुटॊ यहां से,वो फ़िर भी ना हटा तो मेने उसे कहा जाओ भाई अब यहां से दफ़ा हो जाओ, ओर मै वेसे ही कार से उतरा तो वो झट से भाग ऊठा, उस समय मुझे लगा कि यह मेरा वोही वाला सपना हे  सपना सच हो जाये तो...  या हो सकता हे मेरा वहम हो, लेकिन अभी हो सकता हे वो अपने वकील के पास गया हो या उस ने पुलिस मे रिपोर्ट लिखवाई हो? ओर मै भी तेयार बेठा हुं, उस को जबाब देने के लिये, ओर अगर यह वोही सपना था तो अच्छा हे

26 comments:

  1. भाटिया जी , अक्सर सपने सच निकलते हैं। मेरे ख्याल से ये वही सपना है।

    ReplyDelete
  2. कब देखा यह सपना ? :) डिस्कवरी चैनेल पर ऐसी परिस्थितियों में क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए एक शो था -
    चलिए मामला शांत हो गया ..मतलब कोई और लफड़ा नहीं हुआ !

    ReplyDelete
  3. पिछले सपने को डीलिट कर दें जी और कोई नया अच्छा सपना आया हो तो बताएं।
    सपना सिर्फ़ सपना है।

    ReplyDelete
  4. सपना तो सपना होता है....

    ReplyDelete
  5. लगता है आप ड्राइविंग बहुत दिनों के बाद करने लगे हैं।

    ReplyDelete
  6. भाटिया साहब, अपुन तो यहाँ दिल्ली की सडको पर रोज एक से बढ़कर एक सपने देखते है, और गिरेबान पकड़ने की भी नौबत आ जाती है ! :)

    ReplyDelete
  7. देखते हैं आगे क्या होता है?

    ReplyDelete
  8. भाटिया जी अब अच्छे अच्छे सपने देखने शुरू कर दो जब सच हों तो मन खुशी से झूम उठे। शुभल्कामनायें।

    ReplyDelete
  9. Bhatiya ji...koi dhang ko supna dekha karo na...aapki jaankari ke liye bata doon ki Mallika Sherawat ne Sonipat me Plot le liya..Rohtak road par...

    ReplyDelete
  10. आपके सपने भी गजब ढ़ा डालते हैं..

    ReplyDelete
  11. सच हुवे इक सपना ... कहीं ये वो तो नही ...

    ReplyDelete
  12. काश वह सपना ही हो..

    ReplyDelete
  13. सपनों से क्यों परेशान होना, आनन्द में रहिये।

    ReplyDelete
  14. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (31/1/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

    ReplyDelete
  15. sapne to sach hote hain , per is wakye me aapne jo kiya wah bahut sahi raha .... galti karnewala adhik dhauns dikhata hai....

    ReplyDelete
  16. सिर्फ अच्छी अच्छी बाते सोचिये और अच्छे सपने देखिये बुरे को भूल जाइये |

    ReplyDelete
  17. यदि आपकी भी शिवजी की तरह तीसरी आँख खुल गयी है तो सबकुछ सत्‍य दिखायी देगा नहीं तो मस्‍त रहिए।

    ReplyDelete
  18. कुछ नहीं होगा और वो फूट लिया होगा ....शायद उसे अपने गलती का एहसास हो गया हो.

    ReplyDelete
  19. sapne bhi ajeeb hote hai ,achchhe ho to achchhe hai ,taki kisi ka nuksaan na ho .

    ReplyDelete
  20. ऐसे लोग कभी कभार टकरा जाते हैं रास्तों में.अब वो लौटने वाला नहीं है..

    ReplyDelete
  21. सपनों की वजह से पूर्व से ही तैयार हैं आप संभावित परिस्थितियों के लिए.

    ReplyDelete

नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये