22/06/10

ब्लांग मिटिंग या फ़िर ब्लांग मिलन..... तो हो जाये

आप सभी को इस बात से सुचित करना चाहता हुं कि आज कल मेरे दिल मै एक अजीब सा ख्याल आता है कि क्यो ना मै यहां भी एक ब्लांग मिटिंग करुं, या सीधे शब्दो मै कह ले एक ब्लांगर मिलन.... लेकिन ब्लांगर लाऊ कहा से( हिन्दी के) क्योकि जर्मन भाषा के ब्लांगर तो बहुत मिल जायेगे, तो सोचा  एक पोस्ट लिखू ओर आप सब के विचार पुछूं? केसा रहेगा....
खाने पीने का इंतजाम मेरे यहां ही रहे गा, ओर ठहरने का भी मेरे यहां हो जायेगा, जब कि जगह कम है, लेकिन हम भारतिया सेट हो जाते है, तो जो लोग मेरे आसपास के देशो मै रहते है वो जरुर मुझे बताये कि क्या अगले महीने हम एक ब्लांगर मिलन रखे? भारत के रहने वाले भी जरुर अपनी अपनी राय दे....

29 comments:

शिवम् मिश्रा said...

राज भाई,
बहुत बढ़िया आईडिया है .............पर अफ़सोस हम आ नहीं पायेगे ! वैसे मेरी हार्दिक शुभकामनाएं है आपके साथ !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपके इस कदम का स्वागत करता हूँ!
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जय ब्लॉगिंग!

सतीश सक्सेना said...

राज भैया ,
यह सद्विचार उन दिनों दिमाग में क्यों नहीं आया जब मैं आपके पास ही था ! अगर अपने देश से कुछ लोगों को बुलाने के चक्कर में हो तो लोग तो आसानी से मिल जायेंगे मगर समय कम से कम २ माह देना ताकि वीसा आदि का प्रवंध कर सकें ! ग्रेट !!
पता नहीं भाभी जी कैसे झेलती हैं आपको !
सादर शुभकामनायें !

अन्तर सोहिल said...

अजीब नहीं जी बहुत बढिया ख्याल है ये तो।
जो समर्थ हैं उन्हें तो जरूर पहुंचना चाहिये।
बढिया यह होगा कि जिन्हें आप जानते हैं, उनसे व्यक्तिगत जरूर मेल करके कन्फर्म कर लें कि कौन-कौन आ सकता है। कई बार ब्लागर्स पोस्ट पढ नहीं पाते और उन्हें पता ही नहीं चलता है।

प्रणाम

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

अवश्य रखिये...अच्छा विचार है.

नीरज जाट जी said...

हम...तो...जर...मनी...आने...में...असमर्थ...हैं।

नरेश सिह राठौड़ said...

आप पोस्ट लिखे और हम टिप्पणी करे इससे बढ़िया और क्या मिलन होगा | आपका विचार बहुत बढ़िया है लेकिन वंहा तक पहूचना सभी ब्लोगरो के लिए बस की बात नहीं है | फिर भी जितने ब्लोगर इकठे होकर यह समारोह करेंगे उनके लिए मेरी शुभकामनाये |

P.N. Subramanian said...

कार्यक्रम सफल हो यही कामना है. हम अभी इस स्थिति में नहीं हैं की वहां अपनी उपस्थिति दे सकें.

अजय कुमार झा said...

वाह वाह राज जी क्या धांसू आईडिया है ....आज ही मेट्रो गुडगांव तक पहुंच गई है ....एक बार ...बस एक बार ..जर्मनी पहुंच जाए फ़िर देखिए ...कैसे बोरे में भर भर के ब्लोगगर्स आ जाएंगे ..। प्लेन पुलेन में तो नहीं आया जाएगा । अरे अपने इंडियन एयर लाईंस का कोई भरोसा नहीं है जी ..कमबख्त मरे ....रनवे को ..छोड कर सब जगह प्लेन उतार लेते हैं ।

बहुत बहुत शुभकामनाएं राज जी ब्लोग बैठक के लिए

बेचैन आत्मा said...

प्रस्ताव काफी लाजवाब है. मन प्रसन्न हो गया. सोचा कल उठकर श्रीमतीजी पर रोब झाड़ेंगे कि भाटियाजी मुझे जर्मनी बुला रहे हैं तुम्हे मालूम है..? मगर जब नीरज भाई का कमेन्ट ...जर...मनी पढ़ा तो जमी हिल गयी और कुछ मनी जेब से गिर कर मुँह चिढाने लगे..!
...हाँ, एक काम तो अब करना पड़ेगा कि पासपोर्ट बनाना पड़ेगा हो न हो कभी हो ही आने का अवसर मिले.
...उत्साह जगाने और मन प्रसन्न करने के लिए शुक्रिया.

शहरोज़ said...

सौ में सत्तर आदमी फिलहाल जब नाशाद है..
पोस्ट भी आबाद है, ब्लागर भी दिलशाद है

जी.के. अवधिया said...

बहुत ही अच्छा विचार है राज जी! हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं!

डा. अरुणा कपूर. said...

बहुत बढिया सोच है आपकी!... पिछ्ले साल तो मै आपके यहां आई थी... आप की मेहमान नवाजी मै भला कैसे भूल सकती हूं?... आपके हाथ के बने हुए समोसे कितने लजईज थे... फिर हम लोगों का घुमना-फिरना और समंदरी जहाज की सैर...हरेराम हरे कृष्ण मंदिर का अपनत्व भरा महौल... आप के परिवार के साथ बिताए हुए लम्हे मुझे हरदम याद रहेंगे!... लेकिन इस बार मै नहीं आ पाउंगी...इस बार आपके साथ अन्य साथी ब्लॉगर्स अवश्य जुडेंगे... मुझे पक्की उम्मीद है!.... मेरी शुभ-कामनाएं!

सुलभ § Sulabh said...

बहुत अच्छा!

लेकिन भतीजे को चचा से मिलने में अभी थोडा वक़्त लगेगा.

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

ख्याल तो दुरूस्त है भाटिया जी...बताईये कब बुला रहे हैं..हम तो सच्ची मुच्ची आ धमकेंगें :)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

इस सुन्दर पोस्ट की चर्चा "चर्चा मंच" पर भी है!
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http://charchamanch.blogspot.com/2010/06/193.html

रंजना said...

हम तो बहुत दूर हैं...पर ईश्वर से प्रार्थना करते हैं की आपकी आकांक्षा वे पूरी करें...
शुभकामनाएं...

दिगम्बर नासवा said...

भाटिया जी आइडिया अच्छा है ... आप तारीख तय करें .. टिकट का जुगाड़ करता हूँ मैं तो ...

Babli said...

बहुत ही सुन्दर और शानदार विचार है जो प्रशंग्सनीय है! शुभकामनायें!

shikha varshney said...

वाह गज़ब का आईडिया है ..कोशिश करते हैं .

निर्मला कपिला said...

आप रखिये तो सही फिर देखते हैं मगर 4-5 माह पहले तय करें तो कुछ सस्ती टिकेट भी मिल जायेगी नही तो बहुत मंहगी पडती है। शुभकामनायें

अनामिका की सदाये...... said...

aapki post kal ke charcha manch par hogi.

http://charchamanch.blogspot.com

abhar

hem pandey said...

ब्लोगर सम्मलेन होने में कोई बुराई नहीं है. व्यक्तिगत परिचय का एक जरिया है. लेकिन उत्कृष्ट ब्लॉग लेखन और एक दूसरे तक अपने विचार पंहुचाने के लिए न तो व्यक्तिगत परिचय जरूरी है न सम्मलेन.

Udan Tashtari said...

एक काम करो..भारतीय कम्यूनिटी के लिए एक कवि सम्मेलन रख लो आप. साईड में ब्लॉगर मीट तो हो ही जायेगी. अमेरीका, कनाडा और यूके से मिलाकर कवि हो जायेंगे.

rashmi ravija said...

हम तो इस ब्लोगर मीट के लिए शुभकामनाएं ही दे सकते हैं....ढेर सारी शुभकामनाएं.
शिखा,समीर जी,दिगंबर नासवा जी ने तो हामी भर ही दी है...फिर देर किस बात की..:)
जल्द ही आपकी इच्छा पूरी हो...और हमें रिपोर्ट मिले,सुन्दर तस्वीरों के साथ.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

आइडिया तो अच्छा पर एक दिन, TV पर एक चुटकुला आ रहा था कि एक भारतीय किसी विकसित देश का एक साल का वीज़ा मांगने उस देश की अंबेसी गया.

अंबेसी वाले बोले -"नहीं नहीं तुम्हारा केस ठीक नहीं है, तुम्हें तो ज़्यादा से ज़्यादा बस 3 दिन का ही वीज़ा दिया जा सकता है"

वह अपने पीछे लाइन में लगे आदमी को आंख दबा कर धीरे से मुस्कुराते हुए बोला -"3 दिन क्या, 3 मिनट का वीज़ा दोगे तो भी चलेगा...वापिस किसने आना है"

भगवान न करे आपकी मीटिंग में ऐसे ब्लागर भी आएं जिनके लिए आपको जवाब देना पड़े :)

राम त्यागी said...

काश कि मैंने अपनी जेर्मनी ट्रिप कैंसल ना की होती

महेन्द्र मिश्र said...

शानदार विचार ...

डॉ महेश सिन्हा said...

जरा बच के उड़ान तश्तरी आपकी मीटिंग को साइड में लगाने के फिराक में :)
शुभकामनाएँ