17/11/08

काम की बाते

सहन शील....
इतने भी सहन शील ना बनो की दुशमन अपनी दुष्टा से आप को दुख देता जाये,
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भगवान की प्राप्ति...
हमे भगवान की प्राप्ति के लिये वन वन घुमने , या तपस्या करने की जरुरत नही, बस हमारा मन बिलकुल शुद्ध होना चाहिये..... रविदास जी।
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भगवान के हाथ देने के लिये हमेशा खुले है, लेने के लिये हमे मेहनत तो करनी ही होगी.... गुरु नानक देव जी

31 comments:

Ratan Singh Shekhawat said...

वाकई काम की बाते है ये |

जितेन्द़ भगत said...

प्रेरक बातें।

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत शिक्षादायक उपदेश ! शुभकामनाएं

Anil Pusadkar said...

सारे लोग समझ लें तो दुनिया चमन बन जाये।

Arvind Mishra said...

ये दुष्टा कौन है भाटिया जी ..आप बताये ना बताएं हम तो जानते हैं !

अल्पना वर्मा said...

इतने भी सहन शील ना बनो की दुशमन अपनी दुष्टा से आप को दुख देता जाये,--sach hai..
भगवान की प्राप्ति..mN changa to kathoti mein ganga--isee ko kahtey hain

संगीता पुरी said...

बहुत अच्‍छी बातें बतलायी आपने।

रंजन said...

सुबह सुबह प्रेरक बाते पढ़ दिन भर हौसला मिलेगा..

धन्यवाद भाटिया जी..

mehek said...

sahi sachhi baat sundar

Gyan Dutt Pandey said...

सहन शीलता - सच में काटो मत पर फुंफकारने को किसने मना किया है!

Parul said...

सहन शील....
इतने भी सहन शील ना बनो की दुशमन अपनी दुष्टा से आप को दुख देता जाये,acchhi baat...

seema gupta said...

सहन शील....
इतने भी सहन शील ना बनो की दुशमन अपनी दुष्टा से आप को दुख देता जाये,
" kya sehnsheelta insaan ko bhut dyneey bnaa daitee hai kee koee bhee julm pr julm krta jaye...aaj aapkee shabon se lg rha hai kee yhee hotta hai, sach kha aapne.."

Regards

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

शठे शाठ्यम समाचरेत
दुष्ट के साथ दुष्ट्ता ही करनी चाहिए .

ज़ाकिर हुसैन said...

प्रेरक बातें हमेशा प्रेरित करती हैं,
सभी अच्छी प्रेरणाओं के लिए शुक्रिया!

कुन्नू सिंह said...

बहुत काम की बात है।
एक दम सही भी है।

प्रेरीत करते रहीये।

विवेक सिंह said...

अरे वाह बडी अच्छी अच्छी बातें सिखाई जारही हैं . आभार !

डॉ .अनुराग said...

प्रेरक बातें।

सचिन मिश्रा said...

jankari ke liye aabhar.

Alag sa said...

भगवान को किसने देखा है। पर यदि वह कहीं है तो, अपने माता-पिता की सेवा तथा दीन-दुखियों के जितना भी काम आ सकें, यही उसे खुश करने के लिए काफी है।

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

अच्छा बताया जी... शुक्रिया।

pallavi trivedi said...

dhanyvaad in prerak baato ke liye...

रश्मि प्रभा said...

मैं इस बात पर सौ प्रतिशत सहमत हूँ.......
बहुत सही

नीरज गोस्वामी said...

जीवन जीना सिखाने वाली बातें...वाह.
नीरज

Rohit Tripathi said...

bahut kaam ki batein hai agar ye papi mann mane to :-)

योगेन्द्र मौदगिल said...

भाटिया जी वाह
मानने व ढालने वाली बातें
साधुवाद

दीपक said...

समझने की कोशीश जारी है भाटिया जी !! वैसे बातें पुरी काम की है!!

अनुपम अग्रवाल said...

अच्छी बातें बताई आपने .धन्यवाद

Dr. Nazar Mahmood said...

बेहतरीन

Manish said...

बातें मेरे से होकर गुजरी लगती हैं याद दिलाने का धन्यवाद

jayaka said...

sukhi jivan jine ki kala sikhane wala, shikshaprad lekh!...padhhkar bahut achchha laga!...dhanyawad!

DASHRATH SAI said...

अति सुंदर