21/11/08

तब लोग कहते थे कि लालू पागल हो गया है

अजी हम नही , यह शब्द खुद इनके अपने ही है,यकिन ना आये यहां दबाईये के देख ले.
आप को क्या लगता है??? (*!*)

11 comments:

Ratan Singh Shekhawat said...

'राहुल और महात्मा'

(सम्मेलन में जब राहुल गांधी को लेकर सवाल पूछा गया तो लालू प्रसाद यादव ने कहा, "राहुल गांधी वही कर रहे हैं जो महात्मा गांधी ने किया था. प्रदेश-प्रदेश घूम रहे हैं और देश को महसूस कर रहे हैं." )

ये तो लालू जी की सिर्फ़ चमचा गिरी ही लगती है कहाँ महात्मा गाँधी और कहाँ राहुल गाँधी | सिर्फ़ देश घूमकर महात्मा गाँधी बना जा सकता तो अब तक यहाँ गांधियों की लाइन लग जाती |

हम तो कहेंगे लालू अब तो पागल से कम नही

ताऊ रामपुरिया said...

लालू पागल ही नही महापागल है !

सचिन मिश्रा said...

are inki baat ka koi barosa to hai nahi. kab kya kah dein.

राज भाटिय़ा said...

भाईयो ना तो मे इसे पंसद करता हू, ना ही इस गांधी खानदान को , मेरा मक्सद बस इस की दोगली बाते आप सब को बतानी थी

मा पलायनम ! said...

देखा जाय कब तक गुणगान चलता है ?

seema gupta said...

" pdh liya smej bhe liya lakin politics hai na to kya khen.."

Regards

अल्पना वर्मा said...

लालू जी की माया वो ही जाने--कोई छुपी हुई चाल होंगी इस में भी!

राज भाटिय़ा said...

अजी यह पागल बन कर हम सब को पागल बनाता है, अगर यह उस जगह पहुच गया तो पुरे देश को बिहार बना देगा....

कुन्नू सिंह said...

Mai school neahi ja raha hun. Bus internet ka rental bahut jayada badh gaya hai. Aur phir thodaa sa mehangaa hota to chal bhi jata.

समयचक्र - महेद्र मिश्रा said...

आपकी पोस्ट पढ़कर मै धर्मसंकट में पढ़ गया हूँ . मै कुछ कह नही सकता मै एक सरकारी आदमी हूँ .

G M Rajesh said...

kuchh to bhi kah kah kar ve mantri jaa bane aur ham unki alochanaa karte karte shikhar dete rahe ek paagal hamaare desh ki mahtvpoorn jagah kyo aayaa ?
ab aap bhi inkaa naam lenaa band kare.
ve sudhrenge nahi , hum to chup rahen