12/08/08

आंखो का धोखा

अजी खुद ही देख ले , कई बार सुना तो होगा,कि आंखे भी धोखा देती हे, तो चलिये हाथ कंगन को आरसी क्या आप खुद ही देख ले.....






15 comments:

Anil Pusadkar said...

kyaaaaaa baat hai sir jee

रंजना [रंजू भाटिया] said...

सही कहा :)

अनुराग said...

bahut khoob.....

Nitish Raj said...

सच ये तो छलावा है...

Advocate Rashmi saurana said...

bilkul sahi hai.

P. C. Rampuria said...

बहुत खुबसूरत छवियाँ !

mahendra mishra said...

bahut badhiya sahi hai raaj ji .

रश्मि प्रभा said...

chhalwa behtareen,sab sach lag raha
hai......

योगेन्द्र मौदगिल said...

हाय हाय..
गजब...
मजा आया.....
मौदगिल खुश हुआ...............


लेकिन भाटिया जी,
ये सारी की सारी सुबह कहां मिलेंगी ?

Udan Tashtari said...

बढ़िया खोजा.

राज भाटिय़ा said...

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद, आज कल मुझे छुट्टियां हे ओर सारा दिन घर पर रहता हु, कही घुमने भी नही गये इस बार, तो क्या करु सारा दिन इन्टर्नेट पर घुमता रहता हु,इसी लिये आज कल मेरी पोस्ट ज्यादा हे, अगले सप्ताह से थोडी थोडी कम होनी शुरु हो जायेगी,
योगेन्दर जी आप को जरुर बताऊगा जब भी कभी मिला :)

सतीश पंचम said...

लाजवाब हैं चित्र, एक से बढकर एक ।

Anwar Qureshi said...

हम तो चक्कर खा गए ..एक तो छोटा सा शारीर उसपर छोटा सा दिमाग ...अब घूम रहे है गोल गोल और क्या ...लेकिन सच कहूँ ..घुमने में भी मज़ा आ रहा है ...

Lavanyam - Antarman said...

Yes, I'd seen these too ...

Advocate Rashmi saurana said...

itani badi baat ko itane se photo me kah di aapne. bilkul sahi.