06/06/11

एक छोटी सी भूल ओर सॊंहलवा जन्म दिन

फ़ेस बुक के कारनामे अजीब अजीब होते हे, हमारे यहां जर्मनी मे एक बच्ची अपना १६वां जन्म दिन मनाना चाहती थी, उस ने अपने सभी दोस्तो को वैसे तो स्कूल मे, ओर  फ़ोन पर सुचित कर दिया था, फ़िर उस ने फ़ेस बुक पर भी अपने दोस्तो को अमत्रित किया, ओर दोस्तो से पूछा कि कोन कोन आना चाहता हे  कृप्या अपना नाम लिखवा दे..... लेकिन यह क्या, दुसरे दिन सुबह जब इस बच्ची ने फ़ेस बुक पर अपना खाता खोला तो वहां १५ हजार लोगो ने अपना नाम दर्ज करवा दिया था,

अब यह बच्ची डर गई ओर अपने मां बाप को बतलाया कि मेरे से एक छोटी सी भुल होगई, मैने फ़ेस बुक पर प्राईवेट पार्टी नही लिखा था, ओर यह देखो करीब १५ हजार लोगो ने आना हे अब... मां बाप भी यह देख कर घबरा गये, ओर सब से पहले पुलिस को सुचित किया, फ़िर फ़ेस बुक पर अपनी गलती सुधारी.

शाम को करीब २,३ हजार लोग फ़िर भी आ गये, आने वाले अपने साथ खाने पीने का समान तो लाये साथ मे तोहफ़े भी लाये, वहां पुलिस को भी अपनी डुयटी देनी पडी ओर उस बच्ची के घर के चारो ओर की सडको पर खुब भीड हो गई, लोगो ने खुब मजे से यह पार्टी मनाई, लेकिन बच्ची को मां बाप ने पहले ही दादी के घर भेज दिया था, ओर लोग शुभकानाये दे रहे थे , पडोसी पहले हेरान परेशान हुये, फ़िर नाराज हुये, जब सारी बात पता चली तो सब ने मिल कर इस पार्टी का मजा लिया.

यहां युरोप मे ऎसी पार्टी वगेरा पर  मेहमान खुद ही थोडा थोडा बना कर ले आते हे, ओर फ़िर सब मिल कर खुब मजा लेते हे

34 comments:

सुज्ञ said...

यह भी खूब रही!!

मदन शर्मा said...

रोचक वर्णन !!!

संगीता पुरी said...

यहां के समाचार पत्रों ने भी इस खबर को प्रकाशित किया है !!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

अरे वाह..

shikha varshney said...

ये भी मजेदार रहा.

ZEAL said...

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lol...interesting..

sweet and silly girl.

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जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

एक हमारे यहाँ के लोग है, जो किसी के जन्मदिन आदि पर जाते ही खाने के लिये है।
क्या शानदार जन्मदिन रहा होगा।

rashmi ravija said...

बहुत ही रोचक घटना..

pallavi trivedi said...

are waah... badi achchi party rahi. hamare desh mein to police dande maarkar bhaga chuki hoti mehmaanon ko.

Vivek Jain said...

अरे वाह,बहुत बढ़िया !
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

Gyandutt Pandey said...

वाह! सामाजिकता का नायाब नमूना!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आपकी पोस्ट की चर्चा यहाँ भी है .....


आज के खास चिट्ठे ...

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

वाह! इसे फेसबुक पार्टी नाम दे सकते हैं।

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

वैसे सब लोग खुद खाना साथ ले कर आएँ तो यहाँ भारत में ऐसी पार्टियाँ रोज होने लगें।

Kunwar Kusumesh said...

मज़ेदार रही ये बात भी.

Tarkeshwar Giri said...

Kitne achhe mehaman the wo log, kash idhar bhi hote

डॉ टी एस दराल said...

बड़ी मज़ेदार गलती रही ।

: केवल राम : said...

एक दम मजेदार ...रोचक ...!

Manpreet Kaur said...

अरे वाह,बहुत बढ़िया !अपना महत्वपूर्ण टाइम निकाल कर मेरे ब्लॉग पर जरुर आए !
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Shah Nawaz said...

हा हा हा... यह भी मजेदार रहा!!!

वन्दना said...

वाह ऐसा हो तो क्या बात है।

निवेदिता said...

पार्टी तो वाकई अच्छी ही हुई होगी :)

kase kahun? said...

desh paraya lekin fir bhi ladkiyon ke liye shayad dunia ki sari jaghe ek saman hai..bachchi ko uski dadi ke yahan bhej diya.....khair party majedar rahi ....rochak hai..

रंजना said...

यही भी खूब रही....

नरेश सिह राठौड़ said...

आपके जर्मनी के लोग तो बहुत सुसंकृत है | अगर यंहा भी ऐसा होने लगे तो रोज पार्टी होने लग जाए |

अन्तर सोहिल said...

रोचक
जब खाना-पीना मेहमान ही ले आते हैं तो घबराने की क्या बात थी। एक मंच बनवाकर सबकी बधाईयां लेनी थी।

यहां तो तोहफा भी ये देखकर खरीदा जाता है कि मेजबान क्या खिलायेगा :)

प्रणाम

anshumala said...

आज सुबह ही ये खबर टीवी पर देखा मुझे तो लगा की लड़की को डरना नहीं चाहिए था ये तो मजेदार पार्टी थी वो भी तब जब मेहमान खुद ही खाने पिने के लिए कुछ लेकर आये थे और साथ में उपहार भी लाये थे :)

mahendra verma said...

गलती जरूर हुई लेकिन कुल मिलाकर आयोजन मजेदार रहा होगा।

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

अरे वाह ...मजेदार वाकिया ...

Arvind Mishra said...

हाँ मैंने भी ओरिजिनल स्टोरी पढी थी -हद है !

दिगम्बर नासवा said...

बच्चों की नादानी ... कभी कभी भारी पढ़ जाता है ...

M VERMA said...

फेसबुक जो न करवा दे

Manoj K said...

party ka badhiya raha.. apna saath lao.. college ke din yaad a gaye.. kharcha apna apna dosti pakki.

देवेन्द्र पाण्डेय said...

यह भी खूब रही।