03/06/11

क्रिकेट मेच का जब हमने अपने दोस्तो के संग देखा...

यह पोस्ट मैने बहुत पहले लिखी थी, किसी कारण यह नजरो मे नही पडी यानि आंख बचा कर छुप गई थी आज इसे मिटने लगा तो सोचा अरे नही इस पोस्ट ही कर देता हू; तो लिजिये....

 इस बार मेरे यहां मेच का लाईफ़ प्रसारण आ रहा था, ओर मैने इस बार भारत के कई मेच देखे, आस्ट्रेलिया को हराया, फ़िर पाकिस्तान को रोंदा यह सब देखा धडकते दिल से, हमारे बुजुर्ग हे ग्याणेशवर दयाल गुप्ता जी, लेकिन सब उन्हे इज्जत से दयाल जी कहते हे,जब हमारा मेच पाकिस्तान से था उस वाले दिन उस का फ़ोन बार बार आये कि हाय हम तो हार रहे हे... जब कि मै उन्हे बार बार कह रहा था, द्याल जी होसल्ला रखे, जब जीत गये तो मैने उन्हे बताया, कि मै तो टी वी पर देख रहा हुं. फ़िर तय हुआ कि कुछ परिवार जिन के पास मेच लाईव नही आ रहा, मै उन्हे अपने घर आने का निमत्रण दुं,

फ़िर मैने सब से पहले दयाल जी को बीबी समेत आने का निमत्रंण दिया, फ़िर ड्रा० नरेश जी को जो क्रिकेट के दीवाने भी हे, ओर हमारी बीबी ने दुसरे दिन के खाने के लिये सब्जियां बगेरा सब बना ली, ओर मैने मेच के दोरान खाने का समान पहले ही तेयार कर लिया, (पिस्त्ता, काजू, कार्नफ़लेक्स, दाल भुजिया ओर पान)

सुबह जल्दी उठे ओर बीबी ने अपनी रोजाना की पुजा पाठ कि, मै भी आज सुबह सवेरे नहा लिया, ओर फ़िर तंगडा नाश्ता किया, इतने मे कब दस बजे पता ही ना चला, फ़िर टी वी चालू किया, मेदान मे काफ़ी लोग इधर उधर घुम रहे थे, थोडी देर मे ही कार्य कर्म शुरु हो गया, जब दुसरी बार टास हुआ तो द्याल जी सपत्निक आ गये, ओर फ़िर दोनो देशो का राष्ट्रिया गान शुरु हुआ, टास हारने से दिल को एक झटका सा लगा,

फ़िर सभी खिलाडियो ने अपना अपना स्थान सम्भाल लिया,ओर अभी दो बाल ही खेले थे कि इतनी देर मे ड्रा० नरेश सपत्निक ओर अपने छोटे बेटे के संग आ गये, सब ने जल्दी जल्दी अपनी जाकेट बगेरा मुझे पकडाई ओर टीवी के सामने बेठ गये,ओर श्री लंका-भारत का खेल देखते रहे, पुरा खेल ठीक रहा लेकिन अंत मे जब लंका ने काफ़ी रन बटोरे तो हम सब प्राथना करने लगे कि यह सब आऊट हो जाये, क्योकि हम सब ने पहले ही आंदाज लगाया था २४०-५०.... चलिये राम का नाम ले कर खेल खत्म हुआ, हमारे यहां शायद २ या २,३० बज गये थे, हमारी बीबी ओर मिसेज दयाल जी ने मिल कर झट पट रोटिया बनाई, सब ने मिल कर खाना खाया, ओर मैने जल्दी जल्दी बरतन मशीन मे डाले दिये, इतनी देर मे मेच भी शुरु होने वाला हो गया, दयाल जी को फ़िक्र हो रही थी कि कही मेच हार ना जाये, लेकिन हम ने कहा दयाल जी हमारे शॆर भी जीतना चाहते हे, बेफ़िक्र रहे...

अब भारत का खेल शुरु.... पहली बाल , फ़िर मालिंगा ने दुसरी बाल फ़ेंकी... ओर एक जबर दस्त झटका... दयाल जी को पहले तो पता ही नही लगा, जब हम ने बताया कि सहवाग गया तो बोले हम  गये... इतना बडा स्कोर ओर  टाप के खिलाडी.आऊट.., तभी गंभीर  आये खेल कुछ आगे बढा उन का पावर पले साफ़ लिखा था, तभी ६ ऒवर की पहली गेंद पर सचिन जी गये.... अब तो यह झटका पहले से ज्यादा लगा, लेकिन हम ने सोचा अभी हे हमारे ओर भी अच्छॆ खिलाडी, लेकिन दिल मे डर ओर दयाल जी बीच बीच मे बोल कर हमे ओर भी डरा दे, चलो अब तो हार गये  , हम दयाज जी को बार बार बोले रहे थे... दयाल जी ऎसे ना बोले...

अब गंभीर का साथ देने आये बिराट कोहली जी, अंदर से मै भी ओर बाकी सब देखने वाले थोडा डर तो गये, लेकिन कही दिल से आवाज आई कि आज तो हमी जीतेगे, ओर ड्रा० नरेश यही कह रहे थे कि इन की जोडी जम जाये, दयाल जी बार बार कहते अरे बडी धीरे धीरे रन बना रहे हे, यह चोके छीके क्यो नही मार रहे, अगर ऎसे ही खेलते रहे तो हम हार जायेगे, तो ड्रा० नरेश जी ने समझाया कि दयाल जी देखो हमारा रन रेट श्री लंका से अच्छा हे, यह दोनो सही खेल रहे हे, अगर ऎसे भी खेले ओर जम जाये तो हम जीत सकते हे,

खेल थोडा जम गया ओर हम सब मे जान आई, चेहरो पर थोडी चमक, अभी २१ ओवर ओर तीन बाल ही खेले थे, यह ऒवर दिल शान का चल रहा था, ओर अगली बाल पर ही उस ने अपना बदला ले लिया, यानि गंभीर आऊट, अब हम सब को बेचेनी हुयी, कि कही सच मे ही आज शर्मनाक हार ना हो जाये, अब तो दयाल जी ने भी कह दिया कि अब तो अच्छॆ खिलाडी गये, धोनी ने इस बार अच्छा नही खेला, अब तो जरुर हार जायेगे, मैने ड्रा० नारेश ओर उन की बीबी की ओर देखा फ़िर मैने कहा नही दयाल जी आज तो हम जरुर जीतेगे, आप हिम्मत ना हारे.

 फ़िर धोनी जनाब आये, लेकिन हम लोगो को धोनी से उम्मीद कम ही थी, लेकिन अच्छा खिलाडी हे इस लिये नाउम्मीद भी नही हुये, अब ड्रा० नरेश कहने लगे अब इस जोडी को जमना चाहिये, ओर उन की बात सही निकली, ओर यह जोडी जम गई, अब मलिंगा या कलिंगा को लेने के देने पड गये, ओर उस के सारे उपाय बेकार, अब हम लोगो के चेहरे पर बहुत चमक आ गई कि अब जीत करीब आ रही हे, दयाल जी फ़िर बोले कि यह रन धीरे धीरे बना रहे हे, इन्हे चोकै छक्के मारने चाहिये अभी अभी ४१ ऒवर शुरु हुआ, केप्टन धोनी ने गंभीर से कुछ कहा, ओर गंभीर के ९७ रन थे, हमे उम्मीद थी की यह शतक जरुर बना लेगा, लेकिन ४१वे ऒवर की दुसरी गेंद पर.....गम्भीर भाई आऊट, लेकिन अब डर थोडा कम हो गया था हार का, लेकिन फ़िर भी थोडा डर था, उम्मीद थी तो अभी युवराज , रेना, भज्जी पर.

तभी युवराज आये ओर उन्होने अंत तक धोनी का साथ निभाया, अब स्क्रीन पर गेंद ओर रनो का अंतर दिखा रहे थे, दयाल जी बार बार बोल रहे थे कि गेंदे कम हे ओर रन ज्यादा, तो हम उन्हे कह रहे थे कि दयाल जी ज्यादा अंतर नही, यह आखरी पांच ऒवरो मे कवर कर लेगे, ओर फ़िर धीरे धीरे अंतर खत्म अब बराबर बराबर थे बाल ओर रन... फ़िर धीरे धीरे बाल ज्यादा होगी ओर रन कम ओर फ़िर जब अंत मे धोनी ने छक्का मार कर जीत हासिल की तो कमरे मे बेठे सभी लोगो ने बहुत जोर से हल्ला मचाया जरुर हम सब की आवाज पुरे गांव मे सुनाई दी होगी, तभी ड्रा नरेश ने कहा अगर शहर मे होते तो अभी तक पुलिस आ गई होती, फ़िर मैने सब मे मिठ्ठाई बांटी( यह मिठ्ठाई ड्रा नरेश जी ले कर आये थे, अब रात के ७,३० होने वाले थे, बीबी ने जल्दी जल्दी चाय काफ़ी बनाई समोसे गर्म किये केक काटा ओर सब ने मिल कर खाया, ओर फ़िर सब रात ९ बजे अपने अपने घर चलेगे, हां भारत जीतते ही भारत से सभी को बहुत फ़ोन आये, अब द्याल जी को भी समझ आ गई कि अगर भारतिया टीम जल्द वाजी मे खेलती तो रजल्ट कुछ ओर होना था, हमारी टीम ने आराम से खेला ओर रन रेट कम नही होने दिया, कोई जल्द वाजी नही दिखाई, जब की श्री लंका की टीम दिन मे भी ओर दोपहर बाद भी साफ़ दबाब मे दिख रही  थी,चलिये अब मेच खत्म, आप लोगो ने देखने  समय क्या महसुस किया जरुर लिखे

24 comments:

सुज्ञ said...

रोचक और रसप्रद

ZEAL said...

It's a fun watching the match through your post. thanks.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

आपने महसूस करा दिया...

Patali-The-Village said...

बहुत रुचिकर रहा| धन्यवाद|

Babli said...

ये मैच न देखने पर भी मुझे ऐसा लगा जैसे आपके पोस्ट के दौरान मैच देख लिया हो! बहुत सुन्दर और रोचक पोस्ट!

Arvind Mishra said...

वाह रनिंग ब्लॉग कमेंट्री

मदन शर्मा said...

नमस्कार, राज भाटिय़ाजी!
रनिंग ब्लॉग कमेंट्री दिलचस्प है।

डॉ टी एस दराल said...

अरे वह भाटिया जी । रनिंग कमेंट्री खूब रही ।
मैच तो देखा था । लेकिन आज आपकी ज़ुबानी पूरा विवरण पढ़कर आनंद आ गया ।
विदेश में रहकर भी हमारे भाई बंधू देश से जुड़े रहते हैं , यह जानना अति सुखदायक लगता है ।

प्रवीण पाण्डेय said...

बड़ा ही रोचक विवरण किया है आपने।

उपेन्द्र ' उपेन ' said...

itan maza to log stediyam men bhi nahin utha pate honge........lazbab camentry hai.

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

अच्छा लगा यूँ रुचिकर विवरण पढ़कर...... रोचक पोस्ट

ajit gupta said...

उन पलों की आपने वापस याद दिला दी। बहुत अच्‍छा मैच था।

pallavi trivedi said...

match dekhne ka maza aa gaya...

Kajal Kumar said...

वाह ये तो रनिंग कमेंट्री से आगे बढकर है

अन्तर सोहिल said...

मैं तो क्रिकेट नाम की बीमारी से दूर ही रहता हूँ जी
लेकिन आपकी पोस्ट के रोचक विवरण के कारण पढने में अच्छा लगा।

प्रणाम

VICHAAR SHOONYA said...

इस पोस्ट से उस मैच की याद ताज़ा जो गयी.

rashmi ravija said...

फिर से एक बार पूरी यादें ताज़ा हो गयीं...
आपने तो बहुत लुत्फ़ उठाया सबके साथ....मैच कम पार्टी...वाह

वाणी गीत said...

बढ़िया क्रिकेट चाय पार्टी !

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

अब मन नहीं करता है, मैच देखने का,

Richa P Madhwani said...

http;//shayaridays.blogspot.com

Babli said...

मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

नरेश सिह राठौड़ said...

हमें तो मैच से ज्यादा आपके द्वारा किये गए वर्णन में मजा आया |

Sunil Kumar said...

बड़ा ही रोचक विवरण किया है आपने।

G.N.SHAW said...

क्रिकेट में इंटरेस्ट नहीं है फिर भी मजा आ गया !