17/05/11

बुरी नज़र वाले......

बुरी नज़र वाले, तेरा मुंह काला “रिश्ते में लगता तू साला,
बुरी नज़र वाले तेरा मुंह काला.”

“बुरी नज़र वाले, तेरे बच्चे जियें, बड़े होकर, देसी शराब पियें”
“छोटा परिवार, सुखी परिवार एक या दो, बस “

शेर दो हों मगर सलीके के, घर को ऐसी ग़ज़ल बनाना है
“चल हट, कोई देख लेगा"

“देखो मगर प्यार से"
“दुल्हन वही जो पिया मन भाये, गाड़ी वही जो नोट कमाए"
“काला कुरता, काला चश्मा, काला रंग कढाई का, एक तो तेरी याद सताए, दूजा सोच कमाई का."
“चलती है गाड़ी, उड़ती है धूल, निकलता है पसीना, बिखरते हैं फूल"
“अमीरों की ज़िन्दगी, बिस्किट और केक पर, ड्राईवर की ज़िन्दगी, क्लच और ब्रेक पर.
" बीवी रहे टिपटॉप दो के बाद फुल स्टॉप
बुरी नज़र वाले तू जिए, और तेरा बेटा बड़ा होकर तेरा खून पिए

47 comments:

वन्दना said...

आज तो सारा नक्शा उकेर दिया।

मनोज कुमार said...

हा-हा-हा...
अब चाहे सर फूटे या माथा

नरेश सिह राठौड़ said...

मालिक तो महान है चमचो से परेशान है |थोड़ा थोड़ा पीना रानी महँगा है ईराक का पानी |

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

हा-हा.... कहाँ-कहाँ नोट करते रहे इन डायलोगो को ?

shikha varshney said...

:)

rashmi ravija said...

एक से बढ़कर एक तस्वीरें
रोचक पोस्ट :)

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

गजब फ़ोटो के साथ, गजब संदेश, सब गजब है,
आखिरी फ़ोटो में टेपों पर क्या लदा है समझ नहीं आ रहा है,

रेखा श्रीवास्तव said...

बड़ी मेहनत से ये स्लोगन आपने इकट्ठे किये होंगे. वैसे सचित्र प्रस्तुति बहुत बढ़िया रही.

प्रवीण पाण्डेय said...

सब माया है।

रश्मि प्रभा... said...

mazaa aa gaya hahaha

Gyandutt Pandey said...

ओह! गॉड जी, ये क्या हो रहा है! :)

संजय भास्कर said...

...तस्वीरें बढ़िया है

ajit gupta said...

पूर्व में देखी गयी हैं ये तस्‍वीरें, लेकिन बार-बार देखने पर अच्‍छा ही लगता है।

अभिषेक मिश्र said...

गाड़ियों के पीछे लिखे इन स्लोगन्स का वाकई संकलन होना चाहिए.

mahendra verma said...

अनोखे चित्र, अनोखे स्लोगन।
दो के बाद भी, दन दना दन ।

मदन शर्मा said...

राज भाटिया जी नमस्ते!
ऐसे अनोखे चित्र कहाँ से लाते है आप
लगता है की मैं लालू प्रसाद यादव के बिहार में पहुँच गया हूँ

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

:):) बहुत बढ़िया

anshumala said...

बाप रे लगता है बहुत सारे ट्रको का पीछा किया है :))

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

क्या कहें..... यही हकीकत है...

दर्शन कौर धनोए said...

कहा से उठा लाए इतने सुंदर चित्र भाटिया जी --यह तो हद ही हो गई ........?

ZEAL said...

वाह भाटिया जी , गजब का चित्र !

रचना दीक्षित said...

चित्र तो गज़ब के हैं ही लेकिन स्लोगन तो और भी जबरदस्त है. इंडिया आकर आप इसी काम में जुट जाते हैं क्या.

शानदार.

डॉ टी एस दराल said...

वाह भाटिया जी । बस एक रह गया ---बुरी नज़र वाले , तेरा भी भला हो ।

डॉ० डंडा लखनवी said...

इन तस्वीरों का खुलासा।
दिखा रहीं हैं गजब का तमाशा॥

Patali-The-Village said...

एक से बढ़कर एक तस्वीरें|शानदार

विनोद कुमार पांडेय said...

मशहूर स्लोगन को आपने सचित्र नये अंदाज में पेश किया ..बहुत अच्छा लगा..धन्यवाद

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

वाह बहुत खूब!

Rakesh Kumar said...

रिंकी,पिंकी,मिंकी ते 'राज' दी गडडी

वाह ! जी वाह! 'राज जी' आप दी गड्डी का भी जबाब नहीं.

रंजना said...

क्या खूब कैप्चर किया आपने...

एक से बढ़कर एक...

Arvind Mishra said...

बाप रे ..

कविता रावत said...

वाह भाटिया जी! गाड़ियों के पीछे लिखे इन स्लोगन्स को आपने सचित्र नये अंदाज में पेश किया,बहुत अच्छा लगा..धन्यवाद!

ज्योति सिंह said...

tasvir to kamaal ke hai aur samvaad bhi kam nahi ,mazejar post

डा. अरुणा कपूर. said...

waah!...tasveeren bhee majedaar aur kahaavaton ka to kyaa kehanaa!

BrijmohanShrivastava said...

गजब स्लोगन गजब चित्र

सुशील बाकलीवाल said...

गजब के हैं फोटो, गजब के ये शेर ।

वाकई दुर्लभ संकलन चित्रों का...

सतीश सक्सेना said...

कमाल हो राज भाई ...आज तो मस्ती में हो ...शुभकामनायें आपको !

दिगम्बर नासवा said...

तस्वीरें और डॅयेलॉग .... दोनो ही धाँसू हैं ...

Kajal Kumar said...

बल्ले बल्ले :)

hem pandey said...

ऐसे शेर तो कई बार पढ़ने को मिलते हैं , लेकिन चित्र ?

Sunil Kumar said...

chitra ke liye badhai durlabh chitra
dur rahte magr ghar ki khabar rakhte hai ....

Babli said...

हा हा हा हा ! बहुत ही मज़ेदार लगा! तस्वीरें तो ज़बरदस्त है! शानदार पोस्ट!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

फेवीकोल का जोड़ है...

देवेन्द्र पाण्डेय said...

आनंद वर्षा करती कमाल की पोस्ट!
देखिए कहीं आपके ब्लॉग पर किसी की नज़र ना लगे।

Kunwar Kusumesh said...

वाह भाटिया जी ,जवाब नहीं आपका.

प्रतीक माहेश्वरी said...

हाहा मस्त है.. कहाँ से मिली इतनी सारी लाईनें?

सुख-दुःख के साथी पर आपके विचारों का इंतज़ार है..
आभार

उपेन्द्र ' उपेन ' said...

raj sahab , bahut sunder . ye samajh nahin aa raha ki kiski tarif jyada karoo chitron ki ya sher ki............ sabhi ek se badkar ek hai.............

Shah Nawaz said...

:-)