हमारा देश पुराने समय से ही दानियों का देश रहा है. यहाँ कुपात्र सुपात्र नहीं देखे जाते. हमने तिब्बत चीनीओं को दान कर दिया. आधा कश्मीर दुसरे देशों को दान कर दिया. अखंड भारत के विभिन्न अंगों को जाने किसे किसे दान कर दिया . आज गुड फ्राई डे के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं आपको !!
सब गांधी जी की औलादें हैं न । एक गाल पर थप्पड़ मिले तो दूसरा आगे कर दो , लेकिन उफ़ न करो।
यहाँ बड़े-बड़े कारखानों में बिजली की आपूर्ति नहीं है , उत्पादन , खपत से काफी कम है , जिसके कारण बिजली महँगी है और समान भी महंगे हैं। grid failure हो रहे हैं । लोग बिजली की कमी से छटपटा रहे हैं, लेकिन भारत-भूमि की ऋषि संतानें किसी दानवीर कर्ण से कम नहीं ।
33 आप की राय:
खुद के घर में अँधेरा और दूसरों को भाई लोग उजाला दे रहे हैं ....
आपने जो कहावत लगा दिया है शीर्षक में वही पूरी कथा बयान कर जाता है। इसके आगे कुछ कहना ही नहीं है।
अरे हम तो हैं ही महान ...
माँ तै चोथी-चोथी बेटे बिटौडे बख्शें
प्रणाम
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आपके किसी भी ब्लॉग पर टिप्पणी करते वक्त उपरोक्त लिंक की साईट खुलती है जी
क्या चक्कर है??
प्रणाम
na amma, na dane, na bharat na pakistaan......
aajkal to har sirfira
ban ne ko aatur hai shrimaan....
सही तो है
"घर में नहीं है दाने अम्मा चली भुनाने "
अब अम्मा को तो ऐसे ही अच्छा बनना पड़ेगा न ?
सुबह खबर पढ़कर मेरे मस्तिष्क में भी यही बात कौंधी थी कि खाने को आटा नहीं, शौक नवाबो वाले !
भारत को भी कभी कभी दानदाता बनने देना चाहिए |
अजी गाँधी भी तो ६५ करोड़ दिलवाने के लिए अनशन कर रहे थे, गाँधी के भक्त क्या इतना भी न करेंगे ??
बिलकुल सही... अपने यहाँ समस्याएं क्या कम हैं....?
सटीक शीर्षक ...यही हो रहा है
अब जब वोट का सवाल हो तो कुछ भी करेगा.. वह लात मारे हम कालीन हो जाते हैं....
जय परोपकारी जीव।
बिलकुल सही मुहावरा है !
ऐसे समाचार पढ़कर ऐसे ही उदगार आते हैं।
घर का पूत कंवारा डोले,
पाडोसी का फेरा पाडे.
हो सकता है इस सस्ती डील में ऊपर का कुछ कमीशन मिल रहा हो किसी को...............जो कुछ दिन बाद एक घोटाले के रूप में पता चले.
इसे कहते है चिराग तले अँधेरा
http://blondmedia.blogspot.com/2011/04/blog-post.html
दानवीरता इस देश की परम्परा रही है ! इसी का नाम भारत वर्ष है और दानी अपनी दशा नहीं देखते !
हमारा देश पुराने समय से ही दानियों का देश रहा है. यहाँ कुपात्र सुपात्र नहीं देखे जाते. हमने तिब्बत चीनीओं को दान कर दिया. आधा कश्मीर दुसरे देशों को दान कर दिया. अखंड भारत के विभिन्न अंगों को जाने किसे किसे दान कर दिया .
आज गुड फ्राई डे के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं आपको !!
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सब गांधी जी की औलादें हैं न । एक गाल पर थप्पड़ मिले तो दूसरा आगे कर दो , लेकिन उफ़ न करो।
यहाँ बड़े-बड़े कारखानों में बिजली की आपूर्ति नहीं है , उत्पादन , खपत से काफी कम है , जिसके कारण बिजली महँगी है और समान भी महंगे हैं। grid failure हो रहे हैं । लोग बिजली की कमी से छटपटा रहे हैं, लेकिन भारत-भूमि की ऋषि संतानें किसी दानवीर कर्ण से कम नहीं ।
" घर फूंक तमाशा देख "
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सच है ....शायद ऐसा कर के हम अपने अहं को दुलरा लेते हैं ......आभार !
कहावत सटीक लगाई है आपने ,वाह.
यही हो रहा है...बिलकुल सही
तन पर नहीं लत्ता, दूसरों को पान खाए अलबत्ता...(साभार अनूप शुक्ल)
ज़िंदगी झंड बा, फिर भी घमंड बा...
जय हिंद...
आखिर दानवीर कर्ण की धरती है यह...।
शीर्षक का व्यंग्य सब कुछ कह रहा है।
आखिर दानवीर कर्ण की धरती है यह..
राम-राम जी,
ये भारत अजीब निराला है, यहाँ हर कहीं गडबड घोटाला होता ही रहता है।
इन नेताओ की चले तो आधे कश्मीर की तरह, आधा देश ही पाकिस्तान बना दे।
राज भाटिया जी, मैं तो मानता हूँ कि हमारे इर्द गिर्द ऐसे बहुत सारे महाज्ञानी गधे रहते हैं. इन्ही लोगों का तो तंत्र है, मतलब लोकतंत्र.
raj ji
yahi to hote aa raha hai , kayi barso se,, islilye hamare desh me aaj bhi 5 lakh gaanv me bijli nahi hai ..
bahut acchi baat kahi aapne ..
badhayi
मेरी नयी कविता " परायो के घर " पर आप का स्वागत है .
http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/04/blog-post_24.html
ाब क्या कहें सरकार को अपने घर मे पूरी पदती नही और पडोसियों को आमन्त्रण। शुभकामनायें।
महान है हम....
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