01/04/11

नकली नोट रिजर्व बैंक और सरकार

यह समाचार मुझे मेल से मिला हे, सोचा आप सब से बांट ले...

* नकली नोट पर अब तक का सबसे बडा ख़ुलासा
* रिजर्व बैंक के ख़जाने में नकली नोट कैसे पहुँचे
* सीबीआई ने रिजर्व बैंक में क्यों छापा मारा
* नकली नोट के खुलासे से यूरोप में भुचाल क्यों आया

देश के रिज़र्व बैंक के वाल्ट पर सीबीआई ने छापा डाला. उसे वहां पांच सौ और हज़ार रुपये के नक़ली नोट मिले. वरिष्ठ अधिकारियों से सीबीआई ने पूछताछ भी की. दरअसल सीबीआई ने नेपाल-भारत सीमा के साठ से सत्तर विभिन्न बैंकों की शाखाओं पर छापा डाला था, जहां से नक़ली नोटों का कारोबार चल रहा था. इन बैंकों के अधिकारियों ने सीबीआई से कहा कि उन्हें ये नक़ली नोट भारत के रिजर्व बैंक से मिल रहे हैं. इस पूरी घटना को भारत सरकार ने देश से और देश की संसद से छुपा लिया. या शायद सीबीआई ने भारत सरकार को इस घटना के बारे में कुछ बताया ही नहीं. देश अंधेरे में और देश को तबाह करने वाले रोशनी में हैं. आइए, आपको
आज़ाद भारत के सबसे बड़े आपराधिक षड्‌यंत्र के बारे में बताते हैं, जिसे हमने पांच महीने की तलाश के बाद आपके सामने रखने का फ़ैसला किया है. कहानी है रिज़र्व बैंक के माध्यम से देश के अपराधियों द्वारा नक़ली नोटों का कारोबार करने की.पुरा समाचार पढने के लिये यहां जाये....

18 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

भाटिया साहब, आपने तो होश उड़ा दिये. अब तो अपने आप पर भी विश्वास करना मुहाल हो रहा है..

मनोज कुमार said...

इस तथ्य की जानकारी नहीं थी।

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

बेहद अफसोसजनक और हैरान परेशान करने वाली खबर है.....

प्रवीण पाण्डेय said...

चिन्ताजनक स्थिति है यह।

ajit gupta said...

राज जी इस समाचार को चौथी दुनिया की मेल पर ही पढ़ लिया था। बेहद अफसोस जनक है। भारत में अभी जो सरकार कार्यरत है उसे केवल अपनी तिजौरी भरने के अतिरिक्‍त कोई कार्य नहीं है। सब मिलकर लगे हैं देश को लूटने में। इस देश में भी एक क्रांति की आवश्‍यकता है।

anshumala said...

नेपाल से जुड़े उत्तर प्रदेश के कई सीमावर्ती शहरों के बैंको पर वहा की एस आई टी ने छापा डाल कर काफी पैसा बरामद किया था उसके बाद ये केस सीबी आई को सौपा गया | ये खबर काफी साल पहले की है तब काफी चर्चा में था जिसमे ये पता चला था की कैशियर और बैंक के मैनेजर ही मिल कर ये नकली नोटों का धंधा कर रहे थे बाद में इसमे रिजर्व बैंक का भी नाम आया था और तभी से इस खबर को दबा दिया गया |

खुशदीप सहगल said...

राज जी, बस गाना गाइए...

यहां कौन है असली, कौन है नकली,
ये तो राम जाने, ये तो राम जाने...

जय हिंद...

पी.सी.गोदियाल "परचेत" said...

डे ला रु से सम्बंधित खबर तो मैंने करीब ७-८ महीने पहले टाइमस नाउ और डेली मेल यूं के में पढ़ ली थी, और उस समय आरबीआई की तरफ से यह कहा गया कि डे ला रु के खिलाफ सिर्फ डिफेक्टिव पेपर सप्लाई करने का मामला है! मगर यह सीबीआई के छापे वाले खबर वाकई चौंकाने वाली है !

Manpreet Kaur said...

इसके बारे में पता नहीं था अच्छी जानकारी ! हवे अ गुड डे !
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संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

ओह ..जागरूक करने वाली जानकारी

सुशील बाकलीवाल said...

खतरनाक साजिश का खुलासा

नरेश सिह राठौड़ said...

बहुत बढिया खबर की और ध्यान दिलाया है आपने | ये समस्या वाकई चौकाने वाली है |

डॉ टी एस दराल said...

अज़ी एक ही बैंक पर तो भरोसा था । वो भी टूट गया ।
हम तो एक ही नोट से परेशां हो जाते हैं । खून पसीने की कमाई होती है भाई ।

ZEAL said...

बेहद अफसोसजनक है।

Kunwar Kusumesh said...

बेहद अफसोसजनक.ये मुझे पता नहीं था.

सुमित प्रताप सिंह Sumit Pratap Singh said...

hmmm...

आलोक मोहन said...

यहाँ भी नकली नोट फिर आम आदमी के पास क्या नही hoge ही नकली नोट

अभिषेक मिश्र said...

Vakai dukhad sthiti hai. Magar sirf afsos hi kiya ja sakta hai, Kranti nahin; kyonki vikalp kya hai - Lutane ko ' in waiting' kisi aur ummidvar ki talash. Aur Kranti karenge kaun - Cricket team ki jeet ke liye upvas karne, ladne - marne vale log jo puchte hain Anna Hazare kaun hain ? Ek aur scripted tournament shuru ho jayega aur janta apne TV set par .....