22/01/11

फ़ेस बुक से चोरी का माल आप सब के लिये

अजी थोडी मेहनत आप भी करे, इस पर किल्क करे फ़िर पढे..

44 comments:

  1. हा-हा-हा
    बच्चे का नाम फत्तू था

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  2. waah re kalyug.......

    western culture ka ek or udahran..

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  3. बालक तो तत्‍वज्ञानी जान पड़ता है.

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  4. आपने फ़ेस बुक से चोरी की यह आपकी सोच है।
    इस बात हमें गुदगुदी होगी यह आपका वहम है।

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  5. सच में अब बच्चे ऐसे ही हो गये है |

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  6. लेकिन बच्चे का जवाब है तो सही ही
    :)

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  7. ????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????

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  8. बहुत ही रोचक ...:)

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  9. चोरी का ऐसा ही माल उडाया जाता है :)

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  10. जरूर जीनियस होगा ( हमारी सोंच ) ...... और शायद बचपन की उम्र में गलती से पचपन का रोग लग गया होगा. (हमारा वहम )

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  11. बहुत बढ़िया ...सच में आजकल बच्चों को छोटा समझाना वहम ही है....

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  12. बच्चे बड़े हो गए...

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  13. .बड़ा सटीक व्यंग्य है.

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  14. भाटिया जी.. आप भी ना

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  15. हम सब वहम में ही जी रहे हैं |

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  16. बहुत बढ़िया रहा यह चोरी का माल!

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  17. बहुत बढ़िया रहा यह चोरी का माल!

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  18. .

    Unfortunately , teachers enjoy such answers.

    Loss of ethics , moral values and culture is very well depicted in this small poetry.

    I wish readers must not read it as a joke but try to see this as a sarcasm on the current state of affairs.

    Pathetic state of children !


    .

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  19. अले ले ले तो तू बड़ा हो गया है रे मेरा लल्लू !हा हा हा !

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  20. जनाब जाकिर अली साहब की पोस्ट "ज्‍योतिषियों के नीचे से खिसकी जमीन : ढ़ाई हजा़र साल से बेवकूफ बन रही जनता?" पर निम्न टिप्पणी की थी जिसे उन्होने हटा दिया है. हालांकि टिप्पणी रखने ना रखने का अधिकार ब्लाग स्वामी का है. परंतु मेरी टिप्पणी में सिर्फ़ उनके द्वारा फ़ैलाई जा रही भ्रामक और एक तरफ़ा मनघडंत बातों का सीधा जवाब दिया गया था. जिसे वो बर्दाश्त नही कर पाये क्योंकि उनके पास कोई जवाब नही है. अत: मजबूर होकर मुझे उक्त पोस्ट पर की गई टिप्पणी को आप समस्त सुधि और न्यायिक ब्लागर्स के ब्लाग पर अंकित करने को मजबूर किया है. जिससे आप सभी इस बात से वाकिफ़ हों कि जनाब जाकिर साहब जानबूझकर ज्योतिष शाश्त्र को बदनाम करने पर तुले हैं. आपसे विनम्र निवेदन है कि आप लोग इन्हें बताये कि अनर्गल प्रलाप ना करें और अगर उनका पक्ष सही है तो उस पर बहस करें ना कि इस तरह टिप्पणी हटाये.

    @ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा "और जहां तक ज्‍योतिष पढ़ने की बात है, मैं उनकी बातें पढ़ लेता हूँ,"

    जनाब, आप निहायत ही बचकानी बात करते हैं. हम आपको विद्वान समझता रहा हूं पर आप कुतर्क का सहारा ले रहे हैं. आप जैसे लोगों ने ही ज्योतिष को बदनाम करके सस्ती लोकप्रियता बटोरने का काम किया है. आप समझते हैं कि सिर्फ़ किसी की लिखी बात पढकर ही आप विद्वान ज्योतिष को समझ जाते हैं?

    जनाब, ज्योतिष इतनी सस्ती या गई गुजरी विधा नही है कि आप जैसे लोगों को एक बार पढकर ही समझ आजाये. यह वेद की आत्मा है. मेहरवानी करके सस्ती लोकप्रियता के लिये ऐसी पोस्टे लगा कर जगह जगह लिंक छोडते मत फ़िरा किजिये.

    आप जिस दिन ज्योतिष का क ख ग भी समझ जायेंगे ना, तब प्रणाम करते फ़िरेंगे ज्योतिष को.

    आप अपने आपको विज्ञानी होने का भरम मत पालिये, विज्ञान भी इतना सस्ता नही है कि आप जैसे दस पांच सिरफ़िरे इकठ्ठे होकर साईंस बिलाग के नाम से बिलाग बनाकर अपने आपको वैज्ञानिक कहलवाने लग जायें?

    वैज्ञानिक बनने मे सारा जीवन शोध करने मे निकल जाता है. आप लोग कहीं से अखबारों का लिखा छापकर अपने आपको वैज्ञानिक कहलवाने का भरम पाले हुये हो. जरा कोई बात लिखने से पहले तौल लिया किजिये और अपने अब तक के किये पर शर्म पालिये.

    हम समझता हूं कि आप भविष्य में इस बात का ध्यान रखेंगे.

    सदभावना पूर्वक
    -राधे राधे सटक बिहारी

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  21. सही तो कह रहा है………हा हा हा

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  22. हास्य अच्छा है, मगर आज की स्थिति भी यही है

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  23. bachcho ki soch ka jawab nahi ,bahut badhiya .gantantra divas ki badhai ,vande matram .

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  24. गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई

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  25. आप सब को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं.

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  26. गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई ...

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  27. गणतंत्र दिवस की आपको हार्दिक बधाई

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  28. आप सभी कों गणतंत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनायें !

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  29. आप को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं!

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नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये