09/12/10

कोइ तो मदद करेगा ही...

अजी नया लेपटाप बहुत अच्छा लगा, पुराने मे कोई हार्ड्बेयर कमी थी, लेकिन हमे पता नही चला, हम सोचते थे कि ज़ह विंडो सेवन के नखरे हे,ओर शर्माते हुज़े किसी से कुछ कहते भी नही थे, वो तो मेरे बेटे ने जब दुसरा लेपटाप लिया तो मालूम पडा कि इस मे कमियां ही कमिया हे, इस कारण उसे वापिस भेजा, ओर कम्पनी ने तो पेसे ही दे दिये.

अब यह नया तो बहुत खुब  चल रहा हे, लेकिन एक कमी कभी कभी खलती हे, मै जब भी इस मे कोई ऎसा शब्द लिखू जिस मे *  अक्षर लिखना हो तो हम अकसर Y को दवाते हे, लेकिन इस मे Y को दबाने से ज़ लिखा जाता हे ओर Z को दबाने से य लिखा जाता हे, ओर भी कई शब्द हे जो अलग अलग जगह आते हे, जेसे >?< ज़ह सब भी जब हिन्दी मे लिखता हुं तो सही जगह नही आते, जर्मन, अग्रेजी, रोमन लिखने पर सब सही आता हे, क्या कोई बतायेगा, कि इसे केसे सेट किया जाये.कभी कभी किसी किसी ब्लांग पर यह सही आते हे.
 

24 comments:

shikha varshney said...

कठिन समस्या लगती है .

मनोज कुमार said...

हम तो कुछ नहीं कह सकते।

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

:( koi jankari nahin .....

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

गंभीर समस्या ...इस क्षेत्र में अनाड़ी हैं

Kajal Kumar said...

आह मैं तो हिन्दी कैफे प्रयोग कर रहा हूं इसलिए चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा हूं

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

हमें तो आपके लैपटाप पर किसी भूत-प्रेत का प्रकोप दिख रहा है...हमारी मानें तो जल्दी से इसे किसी ओझा, गुनियाँ को दिखा लीजिए :)

प्रवीण पाण्डेय said...

अब आप देवनागरी इन्स्क्रिप्ट से टाइप करें, यह सब दुविधायें कभी नहीं रहेंगी।

केवल राम said...

अब क्या कहें ....

शिवम् मिश्रा said...


बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

संजय भास्कर said...

....गंभीर समस्या

नरेश सिह राठौड़ said...

भाटिया जी आप अपने लैपटॉप को हिन्दी के सुसंगत (compitible) कीजिये शायद समस्या हल हो जायेगी |ये कैसे करते है इसके लिए मै आपको मेल द्वारा लिंक भेजता हूँ |

डा. अरुणा कपूर. said...

....नए लैपटॉप के लिए बधाई!...समस्या का जल्द ही हल निकल आएगा!

देवेन्द्र पाण्डेय said...

प्रवीण जी ठीक कह रहे हैं। थोड़े दिनो की मेहनत के बाद अंगुलियाँ ठीक से चलने लगेंगी फिर कभी परेशानी नहीं होगी।

देवेन्द्र पाण्डेय said...

प्रवीण जी ठीक कह रहे हैं। थोड़े दिनो की मेहनत के बाद अंगुलियाँ ठीक से चलने लगेंगी फिर कभी परेशानी नहीं होगी।

देवेन्द्र पाण्डेय said...

प्रवीण जी ठीक कह रहे हैं। थोड़े दिनो की मेहनत के बाद अंगुलियाँ ठीक से चलने लगेंगी फिर कभी परेशानी नहीं होगी।

महाशक्ति said...

ये तो तकनीकी महागुरू ही बता पायेगे

Mithilesh dubey said...

all is well

Arvind Mishra said...

प्रवीण जी मास्टर साहब हल कर सकते हैं मामला !

Shekhar Kumawat said...

hota hai ji hota hai aisa hi hota hai kai bat

girish pankaj said...

लेपटाप के मारे हुए है
हम भी तो हारे हुए है
यन्त्र भी षड़यंत्र जैसा,
है मगर धारे हुए है
हो गए आदी हम उसके
अब तो बेचारे हुए हैं
लेपटाप के मारे हुए है......

ताऊ रामपुरिया said...

क्या कोई बतायेगा, कि इसे केसे सेट किया जाये.कभी कभी किसी किसी ब्लांग पर यह सही आते हे.

लो जी हमारे होते हुये कोई और क्यों बतायेगा? कल शनिवार को सुबह सुबह ही इस पर हार फ़ूल चढाकर "औं ताऊ देवाय: नमै:" मंत्र का श्रद्धा पुर्वक जाप करके एक मेड-इन-जर्मन इसकी गर्दन पर मार कर प्रसाद बांट दिजियेगा, फ़िर सब सही सही लिखने लग जायेगा, एक बार योगिंद्र मौदगिल का लेपटोप भी ऐसे ही नखरे करने लग गया था तो यही उपाय कारगर हुआ था.

टेस्टेड फ़ार्मुला है, बिना डरे आजमाएं.

रामराम.

वीना said...

हमारी भी कोई दखल नहीं है इस क्षेत्र में.....

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

Baraha IME बहुत बढ़िया है.. डाउनलोड़ करिये और रोमन से हिन्दी में टाइप कीजिये... सभी पर चलता भी है..

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

भाटिया जी देखें और बताएं कि आप अंग्रेजी का कौन सा की बोर्ड प्रयोग कर रहे हैं। यदि कोई और है तो उसे यूएस में कनवर्ट कर लें काम हो जाएगा।
यह आप को कंट्रोल पैनल,रीजनल एण्ड लेंग्वेज,लेंग्वेज, फिर डिटेल्स में जाएंगे तो मिल जाएगा।