04/10/10

मिट्ठी मिट्ठी बाते ओर मिट्ठा बोलने वालो से बच के रे बाबा...

कहते है हम मीट्ठा बोल कर किसी का भी दिल  जीत सकते है ? मेरे ख्याल मै यह गलत है या सही, उस से पहले आप यह विडियो देखे फ़िर अपनी राय दे वो ही राय मेरी होगी जो आप की होगी....

39 comments:

अभिषेक ओझा said...

अरे रे ! बड़ा हिंसक बालक है.

दीपक 'मशाल' said...

ओह्ह हद है दुष्टता की!!!!!!!!!

मनोज कुमार said...

हम्म। कमाल है। आप सही हैं। बहुत अच्छी प्रस्तुति। हार्दिक शुभकामनाएं!
योगदान!, सत्येन्द्र झा की लघुकथा, “मनोज” पर, पढिए!

सतीश सक्सेना said...

बाप रे बाप राज भाई ....
डरा दिया आज आपने सुबह सुबह ...यह ग्रांड माँ सपने में भी न मिले तभी अच्छा होगा ! पसीना पोंछता हुआ बापस जा रहा हूँ !

प्रवीण पाण्डेय said...

सच में, डर गये।

योगेन्द्र मौदगिल said...

kya baat hai bhatiya ji yu ke dikha diya...?

निर्मला कपिला said...

ओह मै भी डर गयी। यहाँ भी आपके बहुमूल्य विचारों की जरूरत है।
http://veeranchalgatha.blogspot.com/
धन्यवाद।

पी.सी.गोदियाल said...

जमाना ही ऐसे लोगो का है भाई साहब ! मगर दादी माँ भी कम अक्ल की निकली ! चारा खिलाते खिलाते रोज चुपके से एक एक कर दबोचती बजाये एक ही दिन AK 47 चलाने के !:)

पी.सी.गोदियाल said...

चिट्ठाजगत नहीं खुल रहा कल से मेरे कंप्यूटर पर क्या आप लोग भी ऐसी ही दिक्कत महसूस कर रहे हैं ?

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

इसी लिए कहते हैं लालच में नहीं आना चाहिए ...दाना देख कर आ गए ...उफ़ ..बहुत बेदर्दी से मारा ..

डॉ. मोनिका शर्मा said...

अरे बाप रे ... आपका कहना सही है.....

ajit gupta said...

ये तो मीठी छुरी वाली कहावत है। मीठा बोलकर छुरा भोंकना इसे ही कहते हैं। यह बच्‍चा तालीबानी है क्‍या? या हिटलर की आत्‍मा प्रवेश हो गयी है इसमें?

shikha varshney said...

OMG...हद्द हो गई.

shikha varshney said...

OMG...हद्द हो गई.

rashmi ravija said...

बहुत ही भयानक है यह तो...

'उदय' said...

...क्या स्टाईल है !

काजल कुमार Kajal Kumar said...

हे भगवान.

देवेन्द्र पाण्डेय said...

हे राम!

Archana said...

सबने हिंसक,भयानक,डरावना लिखा है,पता नही होगा या नहीं ---------मै देख नहीं सकती...इसलिये नहीं देखा...

वाणी गीत said...

भगवान् बचाए...कोई प्रेतात्मा का साया था शायद..
वैसे बच्चे ने बोला क्या था ...!

Gagan Sharma, Kuchh Alag sa said...

लाल टीका मीठी बानी,
दगाबाज की यही निशानी।

चैतन्य शर्मा said...

सही कहा आपने..... यह बड़ी डेंजर दादीमा हैं.....

आपने अच्छी सीख की बात कही.....

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मेरे ब्लॉग पर है किताबों की दुनिया...

http://chaitanyakakona.blogspot.com

दिगम्बर नासवा said...

हद है ...

Babli said...

आपने बिल्कुल सही कहा है! ये तो हद्द हो गयी!

शरद कोकास said...

हमारे यहाँ ऐसे लोग है ।

नीरज गोस्वामी said...

Khatarnaak...Baap re...

Neeraj

नरेश सिह राठौड़ said...

जरूरत से ज्यादा मीठा मधुमेह जैसी बीमारी को आमंत्रण देता है अती बुरी है |

राम त्यागी said...

अरे डरा दिया !!

राम त्यागी said...

अरे डरा दिया !!

राम त्यागी said...

बहुत डरावना है ये तो !!

KK Yadava said...

हुंह...क्या कहें. डर ही गए...


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'शब्द सृजन की ओर' पर चिट्ठियों की बातें...

S.M.MAsum said...

यही होता है आज के ज़माने मैं . पहले दाना डालो और फिर गोली मार भेजे मैं..इसलिए दाना डालने वालों से होशिआर. ख़ास कर युवा .

बंटी चोर said...

ताऊ पहेली ९५ का जवाब -- आप भी जानिए
http://chorikablog.blogspot.com/2010/10/blog-post_9974.html

भारत प्रश्न मंच कि पहेली का जवाब
http://chorikablog.blogspot.com/2010/10/blog-post_8440.html

hem pandey said...

खतरनाक मीठा !

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

उफ.

माधव( Madhav) said...

ohh

Akshita (Pakhi) said...

आपने कहा है तो बचना ही होगा अब...


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'पाखी की दुनिया' के 100 पोस्ट पूरे ..ये मारा शतक !!

Mrs. Asha Joglekar said...

Bap re, aise bhee hote hain log!!!

Mrs. Asha Joglekar said...

Bap re aise bhee hote hain log !!!