25/09/10

अछूत कुत्ता!!!!

हम दुनिया मे आज कहां है, यह तो पता नही लेकिन कई बाते आज भी हमे हेरान करती है... ओर हमारे लोग, हमारी पंचायते भी इन गलत प्रथा का साथ देती है,ऎसी बकवास सुन कर कोन नही हमे पिछडा कहेगा??
पुरी  ओर शर्मनाक खबर यहां पढे

ओर अगर कोई इन की बेटी को छू ले तो? या जो यह लोग इन गरीबो का खुन चुस कर पेसा बनाते है वो भी तो अछूत हुआ ना, आओ ओर मिल कर ऎसी बुराई को समाज से निकाल बाहर करे

51 comments:

  1. कल ही जनसत्ता में यह खबर पढ़ी थी...वाकई सोचनीय.
    ______________
    'शब्द-शिखर'- 21 वीं सदी की बेटी.

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  2. इस देश में किसम किसम के पागल हैं। कुछ नहीं कर सकते। इनको तो इनके हाल पर ही छोड़ दो।

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  3. वह हरामजादा कुते से छुटकारा पाने का बहाना ढूंढ रहा था क्योंकि कुत्ते को खुजली वाली बीमारी होने लगी थी सो यह तरीका सूझ गया ! तरह-तरह के कमीनो से पटा पडा है देश !उस पर तो यह मुकदमा चलाया जाना चाहिए कि उसने अपने एक पालतू जीव को भूखा रखा हुआ था अगर वह भूखा न होता तो रोटी क्यों खाता ?

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  4. कबिरा इस संसार में भांति भाति के लोग...

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  5. इस तरह की कोई भी सामाजिक बुराई तब तक देश से ख़त्म नहीं होगी जब तक सरकारे ईमानदारी से काम नहीं करेगी कड़ी कीजिये कानून व्यवस्था और डालिए सबको अन्दर फिर देखिये कैसे नहीं सुधारते है पर ये जाति व्यवस्था तो पुलिश प्रशासन सारकार हर जगह व्याप्त है तो ये ख़त्म कैसे होगी |

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  6. हद हो गई राज जी .. ऐसे लोगों की मानसिकता को क्या कहें ....

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  7. कल पढ़ी थी यह खबर भी ...अजीब मानसिकता है लोगों की ...

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  8. जाति प्रथा का एक और शिकार।

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  9. मेरा भारत महान ....

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  10. इसी पर कुछ यहाँ भी पढ़े

    यहाँ भी आये और अपनी बात कहे :-
    क्यों बाँट रहे है ये छोटे शब्द समाज को ...?

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  11. जाने यहां के लोग कैसे आगे बढेंगें।
    पंचायत भी राजपूतों की ही होगी।
    सचमुच ताकतवर से सब डरते हैं।
    खुजली वाले कुत्ते से छुटकारा भी पा लिया और बेचारे गरीब पर 15000 का जुर्माना भी ठोक दिया।

    प्रणाम

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  12. जब जानवरों को भी भेद-भाव में नहीं छोड़ा तो इंसानों की क्या बिसात?
    भैया अच्छा ही है कि सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या-बाबरी केस पर फिलहाल रोक लगा दी है.. दंगे होते देर न होगी ऐसे बेवकूफों की कृपा से..

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  13. यह बहुत बड़ी विडम्बना है कि आजादी के 64 साल बाद भी भेद-भाव समाप्त नही हो सका है!

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  14. हैरत और हद दोनों !

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  15. SHARM AATEE HAI YAH SUB DEKH-SUN KAR....

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  16. कमाल है! इन्सान तो इन्सान अब जानवरों पर भी छुआछूत लागू.....ये तो हद ही हो गई!

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  17. भारत के गांवों का प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यावरण, सामाजिक अच्‍छाइयां ये तो तेजी से समाप्‍त होते जा रही हैं। लेकिन बुराइयां जस-की-तस हैं, या हम कहें कि बढ़ती जा रही हैं तो अतिश्‍योक्ति नहीं होगी।

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  18. ये समाचार पढ़ के सच में बहुत दिल दुखा था सर.. बहुत सुन्दर आह्वाहन :)

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  19. क्या ऐसा भी होता है हमारे देश में ...
    शर्मनाक !

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  20. हद है यार इन सालों को तो बांध कर पीटा जाना चाहिए ..ताकि अक्ल ठिकाने आ जाए ..ये तो हैवान हो चुके हैं

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  21. बहुत अच्छी प्रस्तुति। राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है।
    कहानी ऐसे बनी– 5, छोड़ झार मुझे डूबन दे !, राजभाषा हिन्दी पर करण समस्तीपुरी की प्रस्तुति, पधारें

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  22. अछुत नामक रोग का निदान अभी तक नहीं हो पाया है। इतने कानून बनाने के बाद भी

    बेहतरीन लेखन के बधाई

    तेरे जैसा प्यार कहाँ????
    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

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  23. निहायत ही शर्मनाक घटना है ..... इस पर ओशो के शब्द पढ़े बहुत ही अच्छी बात कही है

    http://oshotheone.blogspot.com/2010/09/blog-post_24.html

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  24. मुझे तो डर है कि कहीं लोग किसी दलित की पोस्ट पढ कर भी यही न कहने लगें कि हम अछूत हो गये। बहुत शर्मनाक निन्दनीय घटना है। लेकिन जिसने अछूत कहा है ऐसे लोगों का समाज से वहिश्कार होना चाहिये। आभार।

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  25. क्या कहा जाय......

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  26. ये सब सुनकर सिर्फ़ आश्चर्य ही नहीं बल्कि शर्म आती है! पता नहीं लोगों की मानसिकता में कब बदलाव आयेगा! न जाने क्या होगा देश का!

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  27. शर्म आती है आज भी ऐसी मानसिकता को देख कर .....

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  28. Mujhey toh yehi samajh nahi aa raha hae ki kya bolu..sharmnaaq ghatna..Yahan na insaan ki kadr hae, na jaanwar hee kisi ginti mae hae.

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  29. हद तो यह है कि अभी मामले की जांच चल रही है। जांच की यह रफ्तार ही सभी अपराध की जड़ है।

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  30. पंचायत का फैसला और ही चोकाने वाला है ?
    ये कोनसी सदी में जी रहे है हम ?

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  31. तुच्छ मानसिकता का परिचय। अभी भी मानसिक रूप से विकलांग लोगों की जमात कम नहीं हुई है यह घटना इस बात की परिचायक है।

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  32. तुलसी इस संसार में भाँती भाँती के लोग !

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  33. राज़ जी ,
    गोदियाल जी ने अच्छा जवाब दे दिया .....अब क्या कहूँ .....
    सच कहूँ तो कुत्ते को देख मेरे दिल में भी यही ख्याल आया था .....!!

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  34. राज़ जी ,
    गोदियाल जी ने अच्छा जवाब दे दिया .....अब क्या कहूँ .....
    सच कहूँ तो कुत्ते को देख मेरे दिल में भी यही ख्याल आया था .....!!

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  35. भाटिया साहब,
    लुधियाना में दैनिक जागरण समाचार पत्र में मैनें भी कुछ ही दिन पूर्व यही खबर पढ़ी थी, तो मन तृष्णा से भर गया था पढ़े-लिखों की समझ पर, किन्तु अगले ही दिन उसी समाचार पत्र में एक बुद्धिजीवी द्वारा बनाया गया और प्रकाशित कार्टून देखा तो मन वह कर उत, जिसमें कहा गया था कि
    " अछूत के रोटी खिलने से कुत्ता तो अछूत हो गया पर उसी अछूत के हाथों यदि पंचायत द्वारा लगाया गया १५००० रूपए जुरमाना प्राप्त हुवा तो वह कैसे पवित्र हो जायेगा........."

    चन्द्र मोहन गुप्त

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नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये