16/02/10

ब्लांग मिलन हम सब का... ओर एक शान दार याद गार, अजय झा जी की मेहनत आखिर रंग लाई

नमस्कार आप सभी को, आज ७ फ़रवरी का दिन है मुझे आज पुरे सात दिन हो गये भारत आये, बस एक दिन को छोड कर बाकी सभी दिन मेने सपनो की दुनिया मै बिताये , बहुत ही अच्छे अच्छॆ दोस्त मिले, कोई हम उम्र तो कोई मेरे बच्चो की उम्र का तो कॊई मेरे से बडा लेकिन सब से बहुत प्यार ओर सम्मान मिला कई दोस्तो से मिल नही सका, लेकिन उन से अगली बार मिल ले गे.
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आज के दिन हमारे मित्र ब्लांगर अजय झा जी ने, एक बहुत भव्य कार्यकर्म रखा, जिस मै हमारे समेत बहुत से नाम चीन ब्लांगर आये, ओर अजय झा जी ने दिल से सब का स्वागत किया, सब से पहले चाय, काफ़ी बगेरा

फ़िर खुब बाते हुयी, इस ब्लांग पार्टी के बारे तो बहुत से लोगो के लिखा इस लिये मै इस बारे ज्यादा नही लिख रहा, फ़िर खाना हुया, ओर फ़िर एक दोर चाय काफ़ी ओर बातो का..... सभी ऎसे मिले जेसे सभी एक दुसरे को पहले से जानते हो,

बहुत से साथी मिलने आये थे....
श्री अजय कुमार झा जी
श्री मोईन शम्सी जी
श्री विनीत उत्पल जी
श्री सरवत जमाल जी,
डा.टी.एस .दराल जी ,
श्री राजीव तनेजा जी,
श्रीमती संजू तनेजा जी,
श्री मसीजीवी जी
श्रीमती कविता वाचक्नवी जी,
श्री अविनाश वाचस्पति जी,
श्री सतीश सक्सेना जी,
श्री अमित गुप्ता ( अंतर सोहिल )
श्री पद्म सिंह जी ,
श्री खुशदीप सहगल जी,
श्री विनीत कुमार जी ,
श्री तारकेशवर गिरि जी,
सुश्री प्रतिभा कुशवाहा जी,
पंडी .के शर्मा "वत्स " जी ,
श्री प्रवीण पथिक जी ,
श्री मिथिलेश दूबे जी,






श्री यशवंत मेहता जी
श्री निशांत त्रिपाठी जी,
श्री विनोद कुमार पांडेय जी,
श्री नीरज जाट जी ,
श्री मयंक सक्सेना जी ,
श्री एम .वर्मा जी,
श्री कनिष्क कशयप जी

बाकी जिन के नाम बच गये हो उन से माफ़ी चाहूंगा



 बहुत से ब्लांगरो से बाते हुयी, कविता जी से बातो बातो मै पता चला कि वो तो पंजाब से है, ओर आज कल लंडन मै है, ओर बहुत अच्छा लगा उन से बात कर के, फ़िर अविनाश जी से बात हुयी, उन से मिल कर भी बहुत अच्छा लगा, बहुत अपना पन मिला ,
डां दराल जी तो बहुत सुंदर फ़ुल के कर आये थे, ओर उन का स्वभाव भी उन फ़ुल की तरह से बहुत सुंदर है.



अजय जी अपनी बातो से सब का मन जीत रहे थे.
खुश दीप भाई भी फ़िजां मै मस्तिया बिखेर रहे थे
राजीव तनेजा जी भी बीच बीच मै मुस्कुरा कर अपनी मुस्कुराहटे हम सब मै बांट रहे थे
सतीश सकसेना जी मस्त आंदाज मै प्यारी प्यारी बाते करने मै मस्त थे
नीरज जाट जी भी मजे से सब का साथ दे रहे थे
सभी जमाल भाई की गजलो की मस्ती की तरीफ़ भी कर रहे थे,
यानि एक मस्त समां बंध गया था, ओर सब उस नशे मै मस्त थे,ओर कोई भी जाना नही चाहता था, लेकिन हाये रे जिन्दगी सब को ओर भी काम थे, फ़िर धीरे धीरे सब ने भीगे मन से विदाई ली, लेकिन विदाई लेते लेते भी सभी एक दुसरे से ऎसे मिल रहे थे, जेसे कोई बहुत दिल के करीब रहने वाले से बिछुड रहा हो....ओर इस सब के पिछे हमारे अजय झा जी का हाथ था, उन के चेहरे से पार्टी की कामयावी की खुशी झलक रही थी, बस यही खुशी हम सब को ओर भी खुश कर रही थी, सभी ब्लांगर मित्रो ने बहुत बाते की मै बस कुछ लोगो के बारे ही लिख पा रहा हुं, बाकी सब माफ़ करे, बुरा ना माने, वेसे विस्तार से तो अजय जी ने लिख ही दिया है इस पार्टी के बारे, ओर अन्त मे मै आप सभी लोगो का धन्यवाद करता हूं जिन्होने मिल कर इस पार्टी की खुशियां भर दी, ओर अजय झा जी को भी दिल से धन्यवाद जिन्होने इतना बडा प्रोगराम किया ओर खर्च किया,ओर हम सब को खुशी बांटी
आप मेरी इस यात्रा के सभी चित्र को बढा कर के भी देख सकते है, ओर यहां से डाऊन लोड भी कर सकते है

46 comments:

दिगम्बर नासवा said...

मज़ा आ गया भाटिया जी ...... फोटो और आपका व्रतांत ..... दोनो ही अच्छे लगे ... सभी ब्लॉगेर्स बंधुओं से आपका मिलना भी हो गया ... आशा है बहुत ही सुनेहरी यादें दिल में बस गयी होंगी ....

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

आप का भारत आना सभी को बहुत अच्छा लगा। मुझे अफसोस रहा कि मैं केवल भागदौड़ में ही आप के साथ रह सका।

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर चिंत्र .. विवरण पढकर भी अच्‍छा लगा !!

शहरोज़ said...

काश हमें भी खबर होती तो क्या हम न आते!!! सुखद जानकर लेकिन दुखद यह कि मैं ऐसे संयोग से वंचित रहा.

डॉ टी एस दराल said...

शानदार चित्रों के साथ , बहुत बढ़िया यादगार वर्णन।
भाटिया जी , आपकी मुलाकात हमेशा याद रहेगी।

राजीव तनेजा said...

आपसे ये मुलाकात हमेशा के लिए यादगार बन कर रह गई ....

महफूज़ अली said...

मैं तो सिर्फ इतना कह सकता हूँ कि....काश! मैं जल्दी उठ जाता....

M VERMA said...

इस सचित्र झांकी ने तो बहुत खूबसूरती से सब कुछ कह दिया

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

चित्रों से सजी हुई रपट बहुत बढ़िया है जी!
सबके दर्शन हो गये!

बी एस पाबला said...

ना आ पाने का अफ़सोस

बस यही कह सकता हूँ

बी एस पाबला

महेन्द्र मिश्र said...

ब्लागर मिलन की बढ़िया जानकारी दी है .. बहुत कुछ जानने का मौका मिला आभार.

Udan Tashtari said...

बढ़िया विवरण एवं उम्दा चित्र.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

आप जब भी आयें और बेहतर पायें.

विनोद कुमार पांडेय said...

आप से मुलाकात करने के बाद ऐसा लगा मानो मेरी ब्लॉगिंग सफल हो गई इतने दिनों से विदेश में भी आपकी हिन्दी के प्रति लगाव और एक नेक दिल जो भारतीयता को हमेशा के लिए संजोए रखा है... राज जी मैं दुआ करता हूँ फिर जल्द वो दिन आए जब एक बार फिर और ज़्यादा संख्या में हम सब मिलकर ब्लॉग की दुनिया को एक बेहतरीन रंग दे..

बवाल said...

बहुत आनंद आ गया राज साहब। बहुत ख़ूब रिपोर्टिंग की। फिर आइएगा। आपसे फ़ोन पर हुई बातचीत आपकी याद दिलाती रहेगी।

खुशदीप सहगल said...

राज जी,
ये क्या ब्लॉगर मिलन से पहले आपने भारत में बिताए दिनों को रिटेल प्यार की तरह हम तक पहुंचाया और ब्लॉगर मिलन को थोक में ही निपटा दिया...राज जी आपसे मिलकर हम सबको कितनी खुशी मिली, वो शब्दों में बयां नहीं की जा सकती...कसक यही रही कि बस पांच छह घंटे का ही साथ रहा...

जय हिंद...

राज भाटिय़ा said...

खुस दीप जी सभी को अपनी अपनी फ़ोटो देखनी थी, दुसरा अभी कई बाते रह गई है, जेसे हमारा हुक्का, बस अब अगला ना० हुक्के का ही है

अभिषेक ओझा said...

वाह ! कितने सारे लोगों से मिल आये आप.

Vivek Rastogi said...

वाह जी मजा आ गया, प्रस्तुति करने का ढ़ंग बहुत भाया।

Sanjeet Tripathi said...

bahut badhiya, umeed karta hu ki kabhi na kabhi to aapse mulakat ho kar hi rahegi.

राज भाटिय़ा said...

नमस्कार इस ब्लांग पार्टी ओर इस महान मिलन का सेहरा तो हमारे अजय झा जी के सर बांधना चाहिये, उन्होने ही यह सब किया ओर उन्ही की मेहरबानी से सब आपस मै मिल पाये, मै दिल से उन का अभारी हुं, ओर फ़िर आप सब का जिन्होने अपना कीमती समय निकाल कर मुझे दर्सन दिये

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

हमें तो यही अफसोस है कि आपको पूरा समय नहीं दे पाए अन्यथा दिल्ली बैठक की बजाय आपसे रोहतक में मुलाकात होती....

काजल कुमार Kajal Kumar said...

बहुत अच्छा लगा आपकी स्मृतियां पढ़कर व नए चित्र देषकर

अविनाश वाचस्पति said...

आपका तो अंदाजे बयां निराला है
पर चित्र किसी का और नाम
किसी का लिख डाला है ?
प्‍यार में सबको मधु स्‍मृतियों का
मधुर दिया हवाला है।

ताऊ रामपुरिया said...

वाह, बहुत शानदार मिलन विव्रण दिया आपने, बहुत ही सुंदर चित्र.

रामराम.

दीपक 'मशाल' said...

ये पोस्ट यादों के एल्बम में सजाने लायक बन गयी.. राज सर..
जय हिंद

पी.सी.गोदियाल said...

भाटिया साहब , आज तस्सली से आपके भारत आगमन और अपने प्रवास के दौरान के अनुभव से सम्बंधित सभी लेख पढ़े , यह जान कर प्रसन्नता हुई कि आपने यह यात्रा काफी एन्जॉय की !

सतीश सक्सेना said...

राज भाई !
वाकई में अजय झा बधाई के पात्र हैं , तमाम लोगों से बेहतरीन मुलाकात हुई ! यह यादगार रहेगा !
सादर !

नीरज मुसाफिर जाट said...

भाटिया जी,
मैं भी रोहतक ब्लोग मीट का विवरण लिख रहा हूं, कल तक प्रकाशित कर दूंगा.
वैसे आपका विवरण एकदम मस्त लगा. शेष अगले भाग मे...ये झंझट ही खत्म.

अजय कुमार झा said...

राज भाई , असल में तो आपसे सुखद मिलन को इतना यादगार बनाने में जिन मित्रों ने अपनी उपस्थिति दर्ज़ कराई , वे सब इस सफ़ल मिलन आयोजन के हकदार हैं और आपसे मिलन तो अब ताउम्र यादगार रहेगी
अजय कुमार झा

नरेश सिह राठौङ said...

आपका यात्रा वर्णन और ब्लोगरो से मिलन बहुत अच्छा लगा | समय समय पर इस प्रकार के आयोजन होते रहने चाहिए | चित्र बहुत ही सुन्दर वा स्पष्ट है |

अन्तर सोहिल said...

आपका और अजय झा जी के हम सब आभारी रहेंगें जी इस ब्लागर मिलन के लिये
सभी चित्र सेव कर लिये हैं जी

प्रणाम

निर्मला कपिला said...

चित्रों सहित सुन्दर विवरण । आपके हुक्के के बारे मे भी पढ वुके हैं दिवेदी जी के ब्लाग पर मगर आपने उसे गुडगुडाया कि नही ये जानना है बस। बस जब भी इस समारोह का विवरण पढती हूँ तो एक ही बात दिमाग मे आती है काश मै भी जा पाती। बहुत बहुत शुभकामनायें

kshama said...

Kaash hambhi iska hissa ban pate!

rashmi ravija said...

राज जी...पहले तो सॉरी बोलूं.....मैंने आज ही एक साथ तीनो पोस्ट पढ़ी(वो भी १२ बजे रात तक जागकर...आज तय कर लिया था,सारी पोस्ट पढनी ही है)...इधर बहुत व्यस्तता थी...बस किसी तरह पोस्ट लिख कर चली जाती थी ...आज ही आपकी 'आदि' से मुलाकात...दोस्त के घर का आत्मीय व्यवहार और साली का प्यार....और फिर दिल्ली में सब ब्लॉगर्स से आपकी मुलाकात ..उसकी ख़बरें तो यत्र तत्र पढ़ ही ली थी...पर अच्छा लगा,आपके द्वारा सुन...आपने यहाँ इतना एन्जॉय किया...जानकर बहुत ख़ुशी हुई...

ज्ञानदत्त पाण्डेय Gyandutt Pandey said...

वाह वाह! बहुत बढ़िया लग रहा है यह पढ़ना और देखना।
बहुत थेंक्यू जी!

अल्पना वर्मा said...

Waah! Raj Sir, aap to bade lucky rahe...itne sare blogger saathiyon se mil liye!
badhayee Ajay ji ko jo itna achcha organise kiya.
Abhaar .

ज्योति सिंह said...

ajay ji bahut hi badhiya kaam kiye isi bahane milna hua bloger ka aapas me aur sunhari yaadon ke panne bhi likh gaye un sabhi ke

रंजन राजन said...

भाटिया जी
इस पोस्ट में आपके जज्वात साफ देखे जा सकते हैं। स्पष्ट चित्रण के साथ चित्र भी लगा दिया, क्या कहने... आपकी यही बात तो अन्य ब्लागरों में जोश भरती रहती है..

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

अरे वाह! रिपोर्ट पढ़कर इतना मज़ा आया तो वहां मौजूदगी में कितना अच्छा लगा होगा. शुक्रिया!

Babli said...

बहुत ही सुन्दरता के साथ आपने विस्तारित रूप से विवरण किया है ! चित्र भी बहुत अच्छा लगा!

हरकीरत ' हीर' said...

शानदार चित्रों के साथ.... बहुत बढ़िया यादगार वर्णन.....!!

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

अजय भाई ने बड़ा अच्छा काम किया आप सब मिल पाए
स स्नेह,
- लावण्या

बेचैन आत्मा said...

मुझे अफ़सोस है कि उस दिन दिल्ली में रहकर भी किसी से नहीं मिल सका ..पुस्तक मेला में घूमते-घुमते ट्रेन का समय हो गया ..चलिए इश्वर ने चाहा तो कभी न कभी भेंट अवश्य होगी.
...चित्र और बातें इतनी अच्छी लगी कि न मिलने का और भी अफ़सोस हुआ.

Mumukshh Ki Rachanain said...

लाजवाब अंदाज़ में जीवंत चित्रों से सजी आपकी यह पोस्ट हमें भी उतना ही मज़ा दे गई जितना आपने महसूस किया.
इस मेहमत भरी, लगन से प्रस्तुत आपकी इस प्रस्तुति पर हमारा सलाम.

हार्दिक आभार.

चन्द्र मोहन गुप्ता

KK Yadava said...

यह तो बढ़िया रहा...भविष्य में भी जारी रहे तो उत्तम.
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शब्द सृजन की ओर पर पढ़ें- "लौट रही है ईस्ट इण्डिया कंपनी".