04/12/09

पिन्नी केसे बनाये? कोई बतयेगा क्या?

अजी केसे है आप सब, सर्दी भी तो बढ गई है अब ... हमारे यहां  अब कई सालो से सर्दी सही ढंग से नही पढ रही, अभी तक दो तीन बार बर्फ़ गिर चुकी होती, लेकिन पिछले साल को छोड कर मोसम अपने सही रुप मै नही आया अभी, वेसे सर्दी तो है बहुत लेकिन जितनी आज कल मै होनी चाहिये उतनी नही, ओर इस चक्कर मै लोग भी बहुत बीमार हो जाते है.

कुछ दिनो से मेरी टांगो मे भयकंर दर्द होता है, बस इन्ही दिनो मे ज्यादा होता है, ओर मै ऎलो पेथी की दवा बहुत कम खाता हुं. ओर इस दर्द की वजह से मै कई काम भी नही कर पाता, भारत मै लोग सर्दियो मै पिन्नी ( पिण्णी) या अलसी के लड्डू या कुछ ओर नाम होगा बनाते है,शयाद इसी कारण की शरीर को यह पिन्नियां मजबुत करती हो, मै जब पिछले दिनो भारत आया तो  कमर कस( खस खस) गोंद ले कर आया था, ओर अलसी हमारे पास कई सालो की पडी है, अन्य मेवे भी घर मै पडे है, देसी घी भी मलाई जमा कर कर के हमारी बीबी ने बनाया है, लेकिन हमे यह पिन्नी बनानी नही आती, इस कि विधि केसे है हमे पता नही यहां रहने वाले भारतिया भी हमारी तरह से अन्जान है.

क्या आप लोग हमारी मदद करेगे  कि कोन सी चीज कितनी मात्रा मै ओर केसे डालनी है, कोन सी चीज कितनी भुनानी है, अगर कोई इस बारे मै जानता हो या आप के घर मै मां दादी या आप की बीबी इसे बानती हो , या कोई महिला इसे पढ कर मेरी मदद कर सके तो हम उन का दिल से   आभार अभी से करते है.

तो इतना जरुर बताये कि कितनी मात्रा मै कोन कोन सा समान इन मै डाले, ओर  हमे कितनी पिन्नियां एक दिन मै खानी चाहिये अलसी वाली, ओर बच्चो को यह दे या ना दे, आप के जबाब की इंतजार मै, अगर आप टिपण्णी मै अपनी राय नही देना चाहते तो कृप्या मुझे मेल कर दे, मेल का पता मेरे ब्लांग पर मोजूद है

34 comments:

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

कोई बनाना सिखा दें तो खा हम भी सकते है

Arvind Mishra said...

हम भी कलम कागज़ लिए तैयार हैं -कोई बताये तो नोट कर लूं !

महफूज़ अली said...

हमारे एक जान्ने वाले हैं उनसे पूछ के बताता हूँ........

M VERMA said...

बन जाये तो सूचित करियेगा.

राज भाटिय़ा said...

अरे सब खाने वाले आ गये कोई मेहनत कर के बनानी भी सिखाये तभी तो हम सब खायेगे...:)

विनोद कुमार पांडेय said...

इधर तो बस खाने वाले है ..बनाना तो दूर दूर तक नही आता कोई ना कोई तो बताएगा बस हम भी सीख लेंगे यह विद्या

बी एस पाबला said...

फिलहाल तो यह दो लिंक देखिए भाटिया जी
बाकी कल बताता हूँ
इनक होमपेज पर क्लिक कर बाकी रेसिपी भी देखी जा सकती है

http://nishamadhulika.com/sweets/gur-mewa-laddoo-recipe.html

http://nishamadhulika.com/sweets/how_to_make_besan_ke_laddu.html

बन जाए तो हमारे लिए भी भेज दीजिएगा :-)

बी एस पाबला

cmpershad said...

ये पिन्नी क्या होता है जी। लड्डू बनाना तो हम सिखा ही देंगे:)

राज भाटिय़ा said...

cmpershad जी पिन्नी पंजाबी मै कहते है, इसे सर्दियो मै हमारी मां बनाती थी, जिस मै अलसी,चीनी, गोंद, खस खस, किसमिस ओर बहुत से मेवे डालते है ओर गेंहु का आटा भी ओर देसी घी, लेकिन इन्हे किस अनुपात मै मिलाना है ओर किस किस चीज को तलना है, यानि इस की विधि नही मालुम, शायद इसे अलसी के लड्डू भी कह सकते है.
धन्यवाद

Udan Tashtari said...

थोड़ा एक्स्ट्रा बना लेना भाई..मैं भी तो हूँ..पैर में दर्द भी है और ठंड तो जी, पूछो मति...बस, आप तो पिन्नी का इन्तजाम करो...

ललित शर्मा said...

भाटिया जी, ठंड मे जब हाथ-गोड्डे दर्द करें तो मेथी के गोंद के लड्डु बनते हैं हरियाणा-राजस्थान मे। आप कहें तो उसकी रेसिपि भेज सकता हुँ, और कहो तो लाडु भेज दुं, कोई समस्या नही है।

खुशदीप सहगल said...

@राज जी,
आप टाम-टमीरे में क्यों पड़ते हैं...पता बताइए, यहीं से आपके लिए लाजवाब पिन्नियां कूरियर करा देते हैं...वैसे गज़क, रेवड़ी के बारे में भी आपका क्या ख्याल है...

@उड़न तश्तरी वाले गुरुदेव
आपके पैरों में दर्द...क्या आजकल टीचर या जॉनी भाई से नहीं मिल रहे...

जय हिंद...

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

भाटिया जी, पिन्नियाँ बनाने का तरीका आपको कल मेल करता हूँ...हमारे यहाँ तो हर साल सर्दियाँ शुरू होते ही बना ली जाती हैं...इस बार भी 10-12 दिन हुए हमारी धर्मपत्नि बना चुकी है...

(कमरकस और खसखस दोनों अलग अलग चीजें है:)

Udan Tashtari said...

@ खुशदीप भाई

वो तो टीचर या जॉनी भाई साथ ही है...ये तो राज भाई के साथ में आंसू बहा कर सामान्य शिष्टाचार निभा रहे थे.. :) मित्र हैं भाई अपने. दो बूंद आंसू की तो जायज बनती है. :)

मनोज कुमार said...

राज जी अभिनंदन। जानकारी मिल जाए तो बांट दीजिएगा।

जी.के. अवधिया said...

राज जी, पिन्नी तो मैं नहीं जानता क्योंकि हमारे छत्तीसगढ़ में कोई शायद ही पिन्नी बनाता हो। पर खुशदीप जी की सलाह भी बहुत अच्छी है। मेथी के लड्डू जोड़ों के दर्द के लिये बहुत लाभदायक होते हैं।

पी.सी.गोदियाल said...

भाटिया साहब इसे पढ़िए, यह शायद आपकी कुछ मदद कर सके ;

Ingredients:
* 250 gms. Wheatflour
* 250 gms. Ghee
* 250 gms. Sugar ground
* 3-4 tbsp. Milk
* 1 tsp. Cardamom powder
Method
* Melt ghee in a heavy pan.
* Add flour and cook on med/low flame.
* Stir continuously, till medium brown.
* When aroma exudes then take off fire.
* Spread in a large plate.
* Cool till a shade above room temperature

अन्तर सोहिल said...

राज जी नमस्कार

ललित शर्मा जी की बात सही है। मेरे दादाजी भी मेथी के लड्डू खाते थे सर्दियों में। यह बहुत गर्म होते हैं और बहुत फायदा करते हैं। लेकिन बहुत कडवे भी लगते हैं।
ललित जी ने आपको तरीका बता ही दिया होगा, अगर आप कहें तो मैं कल अपनी माता जी से पूछ कर आपको मेल कर दूंगा।

प्रणाम स्वीकार करें

रश्मि प्रभा... said...

gond ke laddu achhe bante hain....
meri didi banati hai,uske baare mein bataun

दिगम्बर नासवा said...

भाई अपने तो भारत पास है ........ कोई ना कोई भेजता ही रहता है ...........

MUMBAI TIGER मुम्बई टाईगर said...

raaj bhai shab
namskar

आभार
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मुम्बई ब्लोगर मीट दिनाक ०६/१२/२००९ साय ३:३० से
नेशनल पार्क बोरीवली मुम्बई के त्रिमुर्तीदिगम्बर जैन टेम्पल
मे होनॆ की सुचना विवेकजी रस्तोगी से प्राप्त हुई...
शुभकामानाऎ
वैसे मै यानी मुम्बई टाईगर इसी नैशनल पार्क मे विचरण करते है.

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जीवन विज्ञान विद्यार्थीयों में व्यवहारिक एवं अभिवृति परिवर्तन सूनिशचित करता है
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ताउ के बारे मे अपने विचार कुछ इस तरह
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ब्लाग चर्चा मुन्नाभाई सर्किट की..
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

नही जानते हैं जी!

ज्ञानदत्त G.D. Pandey said...

मिल जाये तो हमें भी खाने में परहेज नहीं। थोड़ा ज्यादा सी हो! :)

काजल कुमार Kajal Kumar said...

बनाने का तो पता नहीं.
हां, खाने का पता है कि गर्मागर्म दूध के साथ मिल जाएं तो मौज्जां इ मौज्जां

राज भाटिय़ा said...

@पाबला साहब धन्यवाद लिंक देने के लिये.

समीर जी भई आप आये फ़िर जितनी चाहे खाये एक बार बनानी आ जाये.

ललित शर्मा जी गोडो मै दर्द नही टांगो मै जिसे पिन्नी कहते है वहा दर्द रहता है, मैथी के लड्डू के लिये आप का धन्यवाद, वो तो आप के पास आ कर खायेगे.

खुशदीप जी आप का भी बहुत बहुत धन्यवाद अजी जब आयेगे तो खुब रज के खायेगे, वेसे हमारी बीबी को शोंक है नयी नयी चीजे घर मै बनाने का,

वत्स जी आप जल्दी से भेजे पिन्नी बनाने का तरीका, आप का धन्यवाद

समीर जी यह टीचर ओर जानी भी तभी मजा देती है जब यार दोस्त साथ मै हो..:)

गोदियाल जी धन्यवाद आप का रेसिपी देने के लिये लेकिन यह तो बच्चो के लिये हुये ना.

अन्तर सोहिल जी यह ओर अलसी दोनो को रेसिपी भेज दे, ओर माता जी को प्रणाम कहे, धन्यवाद

रशिम जी जल्दी बताओ आप का धन्यवाद

ज्ञानदत्त जी काजल कुमार जी ओर बाकी सभी साथियो अगर पास होता तो जरुर आप सब को भेज देता यह पिन्नियां चलिये अब आप एक दुसरे को मेरे नाम से भेज दे सभी खुश.
आप सभी का धन्यवाद

ललित शर्मा said...

भाटिया जी-मै तो देखण आया था के थमने मसाला मिल्या के नही, नुंए रह्या तो बणगी थारी पिन्नी, और जब तक पिन्नी बणैगी, तब तक जाड़ा जा लेगा, बस फ़ेर राम-राम ही सही।

Babli said...

माफ़ी चाहती हूँ राज जी क्यूंकि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है! उम्मीद करती हूँ जल्द ही आपसे इसका जवाब मिलेगा!

रंजना said...

Hamnre taraf shayad shardi itbni nahi padti isliye is prakaar ke kisi khaydy padarth ka prachalan nahi hai...haan gavon me hamne yah jaroor dekha hai ki shardiyon se bachne ke liye log puaal ke gadde bana uske oopar bistar rakh sote hain...

खुशदीप सहगल said...

राज जी,
आपकी तबीयत कैसी है...एक-दो दिन ब्लॉग पर नहीं होते तो सूना-सूना लगता है...अगर
हो सके तो मुझे अपना ई-मेल भेज दीजिए...मेरा ई-मेल है sehgalkd@gmail.com

आठ दिसंबर को एक पोस्ट लिखी थी...मां ठंडी छांव...उस पर आपके कमेंट की शिद्दत के साथ इंतज़ार कर रहा था...पोस्ट का लिंक है...http://deshnama.blogspot.com/2009/12/blog-post_08.html

जय हिंद...

Rekhaa Prahalad said...

(i) Alsi Laddu:
Ingredients:
Linseed = 1kg
Wheat flour/rice flour = 200 gm
Jaggery/sugar = 500gm
Ghee = 50 gm
Dry fruits = 50 gm
Method: Cleaned linseed seeds are roasted
in a hot pan. Then it is cooled and grinded. Rice/
wheat flour is roasted on a low flame in ghee on
hot pan. Grinded linseed along with wheat flour/
rice and crushed dry fruits are thoroughly mixed
in jaggery syrup and made into round balls

2) Gond ke Laddu Laddoo Ladoo Recipe
Made with whole grain wheat flour Char Magaz (nuts) Gond (Edible tree Sap) sugar and spices
The dish is normally prepared for nursing mother to help with lactation and nutrients for the child. It is believed that 'Char Magaz' enhances the brain of the child. The Kasoori Patta (Dried Fenugreek leaf) and Fenugreek seed powder aid in the lactation. This desserts originates from Rajasthan (North India). There is a lot of frying in Ghee as well as dry roasting involved in this dish. You should have two heavy bottom pans, one for dry roasting, and the other of Ghee frying.

Ingredients
1. Ghee (Clarified butter): 1 Cup
2. Almonds: ¼ cup
3. Cantaloupe Seeds: 2 Tablespoons
4. Watermelon seeds: 2 Tablespoons
5. Pumpkin seeds: 2 Tablespoons
6. Cashew halves: ¼ Cup
7. Ginger finely chopped: 2 Inch
8. Gond: 2 Tablespoon
9. Whole wheat flour: 2 Cups
10. Fenugreek seed powder: 1½ teaspoon
11. Dried ginger powder: 1 teaspoons
12. Salt: ¼ teaspoon
13. Raisins: ¼ Cup
14. Kasoori Patta: ¼ teaspoon
15. Sugar: 1 Cup

Method
Step 1: In one heavy pan, add 4 Table spoon of Ghee. When hot, fry Almonds, Cantaloupe seeds, Pumpkin seeds, watermelon seeds, Cashews, Ginger, Gond one at a time to light aroma. Remove and place in mixing bowl. Powder the Gond.
Step 2: Sift Fenugreek seed powder, Dried ginger powder, salt, and whole wheat flour.
Step 3: Add remaining Ghee, heat it and add the Flour mix. Roast flour to nutty aroma. Add this to mixture in step 1.
Step 4: Mix the remaining ingredients except sugar.
Step 5: Process sugar in a food processor to a fine powder. Add to mixture. Combine well.
Step 6. Let the mixture cool so it is still hot enough to be handled by bare hand. Now form balls about the size of Golf balls squeezing as tight as possible. As the ghee cools, the ball will start getting firm.

pahliwaali alsi aur dusari gond ki dono ko mila kar alsi aur gond ke laddu:)

ज्योति सिंह said...

hamare yahan to gud aur aate ke laddo bante hai methi khaskhas peepar sonth aadi daalkar ,magar ye pahli baar suna ,rekha ji ne to vidhi bhi likh di ,umda

शरद कोकास said...

जी अभी पूछकर बतते है।

BrijmohanShrivastava said...

सर आपके ब्लोग पर देर से आ पाया ।मेरी हर बात लोग मज़ाक मे उड़ा देते है । आपने पैर दर्द का जिक्र किया इसका अर्थ मै समझा हूं आपकी पिडलियों मे दर्द होता है ,लेकिन काम नही कर पाता हूं मतलब घुटनो या एड़ी मे दर्द हो सकता है ,यह बात व्याधि है (वायु विकार ) और उम्र के साथ बीमारी बढती है ।पिंडलियों के दर्द (काफ पेन) का कारण अभी तक समझ मे नही आ सका है , वहां आयुर्वेदिक चिकित्सक से मिलिये ,अश्वगंघा योग या महायोगराज गुग्गुल का वे तजबीज कर देंगे।य़ॆ पिन्नी वगैरा ,एक तो इनमे घी बहुतायत मात्रा मे प्रयोग होता है तो लाभ की वजाय हानि की संभावना ज्यादा रहती है ,भूख कम हो जाती है ,खुराक कम हो जाती है क्योंकि ये नुस्खे उस जमाने के बनाये हुए है जब लोग सात आठ किलोअमीटर तो आमतौर पर चल ही लिया करते थे ।आजकल तो ये पाक ,(असगंध पाक, मूसलीपाक ) और लड्डू (मैथी, गोंद,ग्वारपाठा,मूंग आदि ) ऐसीडिटी की समस्या खड़ी कर देते है ।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

भाटिया जी, हम तो सिर्फ खा सकते हैं मगर रेखा जी, गोदियाल जी और पाबला जी का शुक्रिया. आपका धन्यवाद पूछने के लिए और श्रीवास्तव जी का आभार स्वास्थ्य संबंधी पूरक जानकारी के लिए!