14/07/09

कर्तव्य निभाने की सज़ा?

आज समय मिला तो मै बी बी सी की साईट पर गया, ओर युही ही पेज पलटते पलटते नजर पडी इस खबर पर, मेरे लिये यह माया बत्ती कुछ नही लेकिन इस वीर जवान के बारे मै यह खबर ज्यादा मायने रखती है, अगर ऎसा होता है तो कोन जान जोखिम मै डाल कर फ़िर ऎसा करेगा ??.... पुरी खबर पढने के लिये यहां दबाये....
एक ओर केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई मुख्यमंत्री मायावती और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति बटोरने मामले में चार्जशीट को अंतिम रूप देने में लगी है.

35 comments:

Udan Tashtari said...

पढ़ते हैं.

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

नहा धोकर आते है, सर।

हे प्रभु यह तेरापन्थ

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

धीरेन्द्र राय jiiके साथ सरा सर अन्याय हो रहा है बहनजी के राज मे।

अब ऐसे किस्से हर प्रान्त के राजनितिज्ञो और प्रशासनिक सेवको के बीच आम हो गऐ है। अब अदालतो का साहरा बचा है। तब तक बुढे होकर पेसन के लाले पड जाएगे।

रविकांत पाण्डेय said...

पढ़कर मन आहत हुआ।

arun prakash said...

kahin aisa na ho ki supreem kort palla jhad le ki kaibinet se iski pushti kara kar fir kort me aaye
kyonki aaj kal suprem kort u.p.ke kaibinet ko sarvochh maan rahi hai khair jo bhi ho raha hai upar ke kort me jaroor misil band ho rahi hongi itna avasya vishwaas hai
kya ishwar ke nyyaa me itnti der aur andher hoti hai ??????

श्यामल सुमन said...

दुखद प्रसंग है।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com

seema gupta said...

दुखद....

regards

Anil Pusadkar said...

भाटिया जी सीबीआई ने एक मामले मे मुझे गवाह बनाकर सप्ताह भर समय खराब किया वो मामला आज तक़ अदालत नही पहूचा।उस मामले मे आरोपी छोटा मोटा आदमी नही था एक मुख्यंत्री था मगर क्या हुआ।सीबीआई को तो बंद कर देना चाहिये या नेताओं की दलाल पार्टी घोषित कर देना चाहिये।

ताऊ रामपुरिया said...

अनिल पूसदकर जी की बात से सहमत हैं.

रामराम.

सुशील कुमार छौक्कर said...

क्या कहें जी हम भी खराब हो चले है और सिस्टम भी खराब हो चला है। जिस दिन हम सुधर गए उस दिन सिस्टम भी सुधर जाऐगा। पर फिर भी अफसोस होता है।

Babli said...

भाटिया जी आपका पोस्ट कुछ अलग सा लगा! अब हर दिन ऐसे ऐसे किस्से सुनने को मिलते हैं जिसे सोचकर बड़ा ताज्जुब होता है!

रश्मि प्रभा... said...

hmmmmmmmmm

incitizen said...

यह हिन्दुस्तान सारी धर्मनिरपेक्ष भारत है. जायज है!

डॉ. मनोज मिश्र said...

सर जी देर है लेकिन अंधेर नहीं .

Abhishek Mishra said...

Dukhad sthiti hai, magar yahi Bharat sorry INDIA hai.

Murari Pareek said...

jungle raaj hai jiske hath me lathi bhains ushi ki !!

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

अब यह कोर्ट कचहरी तय करे। क्या कह सकते हैं।

KK Yadav said...

Vyavstha ki visangatiyon par tikhi chot...dukhad !!

Nirmla Kapila said...

ये तो सरासर अन्याय है बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और शरमनाक है मगर इन नेताओं को पूछने वाला कोई नही खबर के लिये आभार्

Shastri JC Philip said...

जनता जब चेत जायगी और जब सामूहिक आक्रोश तेज हो जायगा तो इस तरह की बातें कम होने लगेंगी. अभी तो जनता कुछ नहीं बोलती तो मनमानी तो होगी ही!!

सस्नेह -- शास्त्री

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
http://www.Sarathi.info

दिलीप कवठेकर said...

बेहनजी के बारे में जो भी पढा, दुख ही हुआ. अपनी मूर्तीयां लगाने का कारनामा तो हद ही हो गयी.

anil said...

बहुत ही शर्मनाक मगर राजनेताओं में शर्म बची कहाँ है .

'अदा' said...

दुखद प्रसंग है....

महामंत्री - तस्लीम said...

काश, नेताओं में भी बुद्धि जागृत होती।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Harkirat Haqeer said...

शर्मनाक खबर ......!!

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

बेहद शर्मनाक और दुखद्!!!!!

hem pandey said...

हिन्दुस्तान में यह कोई नई बात नहीं है.

अविनाश वाचस्पति said...

मेरा भारत महान
नेता की शान
मतदाता सदा परे शान से।

P.N. Subramanian said...

मन दुखी ही हुआ.

महेन्द्र मिश्र said...

बेहद शर्मनाक और दुखद्

Pakhi said...

Bat kuchh samajh men nahin ai..abhi aur badi ho jaun.

KK Yadav said...

....kya bhavishya men netagan sudharengen ??

मेरे ब्लॉग "शब्द सृजन की ओर" पर पढें-"तिरंगे की 62वीं वर्षगांठ ...विजयी विश्व तिरंगा प्यारा"

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

जन-प्रतिनिधि जब निरंकुश हो जाते हैं तो ऐसा ही होता है मगर ऐसे लोग भूल जाते हैं कि समय बहुत बलवान होता है.

योगेन्द्र मौदगिल said...

oh....अनिल पुसदकर जी ने बिल्कुल सही कहा

Mrs. Asha Joglekar said...

मेरा भारत महान ।