आज समय मिला तो मै बी बी सी की साईट पर गया, ओर युही ही पेज पलटते पलटते नजर पडी इस खबर पर, मेरे लिये यह माया बत्ती कुछ नही लेकिन इस वीर जवान के बारे मै यह खबर ज्यादा मायने रखती है, अगर ऎसा होता है तो कोन जान जोखिम मै डाल कर फ़िर ऎसा करेगा ??.... पुरी खबर पढने के लिये यहां दबाये....
एक ओर केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई मुख्यमंत्री मायावती और उनके सहयोगियों के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति बटोरने मामले में चार्जशीट को अंतिम रूप देने में लगी है.


on 14 July 2009 11:55 PM
पढ़ते हैं.
on 15 July 2009 12:29 AM
नहा धोकर आते है, सर।
हे प्रभु यह तेरापन्थ
on 15 July 2009 12:41 AM
धीरेन्द्र राय jiiके साथ सरा सर अन्याय हो रहा है बहनजी के राज मे।
अब ऐसे किस्से हर प्रान्त के राजनितिज्ञो और प्रशासनिक सेवको के बीच आम हो गऐ है। अब अदालतो का साहरा बचा है। तब तक बुढे होकर पेसन के लाले पड जाएगे।
on 15 July 2009 2:10 AM
पढ़कर मन आहत हुआ।
on 15 July 2009 4:24 AM
kahin aisa na ho ki supreem kort palla jhad le ki kaibinet se iski pushti kara kar fir kort me aaye
kyonki aaj kal suprem kort u.p.ke kaibinet ko sarvochh maan rahi hai khair jo bhi ho raha hai upar ke kort me jaroor misil band ho rahi hongi itna avasya vishwaas hai
kya ishwar ke nyyaa me itnti der aur andher hoti hai ??????
on 15 July 2009 4:45 AM
दुखद प्रसंग है।
सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com
on 15 July 2009 5:05 AM
दुखद....
regards
on 15 July 2009 6:13 AM
भाटिया जी सीबीआई ने एक मामले मे मुझे गवाह बनाकर सप्ताह भर समय खराब किया वो मामला आज तक़ अदालत नही पहूचा।उस मामले मे आरोपी छोटा मोटा आदमी नही था एक मुख्यंत्री था मगर क्या हुआ।सीबीआई को तो बंद कर देना चाहिये या नेताओं की दलाल पार्टी घोषित कर देना चाहिये।
on 15 July 2009 6:41 AM
अनिल पूसदकर जी की बात से सहमत हैं.
रामराम.
on 15 July 2009 7:28 AM
क्या कहें जी हम भी खराब हो चले है और सिस्टम भी खराब हो चला है। जिस दिन हम सुधर गए उस दिन सिस्टम भी सुधर जाऐगा। पर फिर भी अफसोस होता है।
on 15 July 2009 8:34 AM
भाटिया जी आपका पोस्ट कुछ अलग सा लगा! अब हर दिन ऐसे ऐसे किस्से सुनने को मिलते हैं जिसे सोचकर बड़ा ताज्जुब होता है!
on 15 July 2009 9:06 AM
hmmmmmmmmm
on 15 July 2009 10:19 AM
यह हिन्दुस्तान सारी धर्मनिरपेक्ष भारत है. जायज है!
on 15 July 2009 11:08 AM
सर जी देर है लेकिन अंधेर नहीं .
on 15 July 2009 11:32 AM
Dukhad sthiti hai, magar yahi Bharat sorry INDIA hai.
on 15 July 2009 1:27 PM
jungle raaj hai jiske hath me lathi bhains ushi ki !!
on 15 July 2009 5:20 PM
अब यह कोर्ट कचहरी तय करे। क्या कह सकते हैं।
on 15 July 2009 5:41 PM
Vyavstha ki visangatiyon par tikhi chot...dukhad !!
on 16 July 2009 2:38 PM
ये तो सरासर अन्याय है बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और शरमनाक है मगर इन नेताओं को पूछने वाला कोई नही खबर के लिये आभार्
on 16 July 2009 3:37 PM
जनता जब चेत जायगी और जब सामूहिक आक्रोश तेज हो जायगा तो इस तरह की बातें कम होने लगेंगी. अभी तो जनता कुछ नहीं बोलती तो मनमानी तो होगी ही!!
सस्नेह -- शास्त्री
हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
http://www.Sarathi.info
on 16 July 2009 7:35 PM
बेहनजी के बारे में जो भी पढा, दुख ही हुआ. अपनी मूर्तीयां लगाने का कारनामा तो हद ही हो गयी.
on 16 July 2009 8:42 PM
बहुत ही शर्मनाक मगर राजनेताओं में शर्म बची कहाँ है .
on 17 July 2009 4:57 AM
दुखद प्रसंग है....
on 17 July 2009 8:01 AM
काश, नेताओं में भी बुद्धि जागृत होती।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }
on 17 July 2009 6:49 PM
शर्मनाक खबर ......!!
on 18 July 2009 2:36 PM
बेहद शर्मनाक और दुखद्!!!!!
on 19 July 2009 11:40 AM
हिन्दुस्तान में यह कोई नई बात नहीं है.
on 19 July 2009 2:06 PM
मेरा भारत महान
नेता की शान
मतदाता सदा परे शान से।
on 19 July 2009 3:26 PM
मन दुखी ही हुआ.
on 19 July 2009 4:02 PM
बेहद शर्मनाक और दुखद्
on 19 July 2009 6:03 PM
Bat kuchh samajh men nahin ai..abhi aur badi ho jaun.
on 22 July 2009 1:38 PM
....kya bhavishya men netagan sudharengen ??
मेरे ब्लॉग "शब्द सृजन की ओर" पर पढें-"तिरंगे की 62वीं वर्षगांठ ...विजयी विश्व तिरंगा प्यारा"
on 26 July 2009 5:11 AM
जन-प्रतिनिधि जब निरंकुश हो जाते हैं तो ऐसा ही होता है मगर ऐसे लोग भूल जाते हैं कि समय बहुत बलवान होता है.
on 29 July 2009 5:01 AM
oh....अनिल पुसदकर जी ने बिल्कुल सही कहा
on 2 August 2009 6:37 AM
मेरा भारत महान ।
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