11/07/09

तो प्लीज आप और लोगों को भी सचेत करें

एक मेल मुझे कल मिला, जिस मै एक सज्जन ने जो भी लिखा वो सब मै उन सज्जन के नाम लिये बगेरा उन का यह संदेश आप तक पहुचां रहा हुं, यह उन सज्जन की इच्छा है...

कल मैंने शाम को एक बार पुनः डाक्टर को दिखाया और अपनी सारी परेशानी बताई ! इसके पहले मैंने डाक्टर से पूरा ब्योरा नहीं बताया था ! डाक्टर ने मेरी बात सुनकर जो कुछ बताया, उसका निष्कर्ष यही निकला कि सारी बीमारी और परेशानियों को मैंने स्वयं आमंत्रित किया है !

असल में कुछ समय पहले मुझे तगड़ा जुकाम हो गया था ! मैं कोई काम तल्लीनता से नहीं कर पा रहा था ... ऊपर से बार - बार नाक सुड़कते और रुमाल से पोछते शर्म भी आती थी ! बस मै डाक्टर के पास गया और कहा कि "इस जुकाम को किसी भी तरह ख़त्म कीजिये ... मैं कोई काम नहीं कर पा रहा हूँ" उन्होंने तीन टाईम की डोज दे दी ! पहली डोज में तत्काल फायदा हो गया था !

बस राज साहब आज उसी का फल भोग रहा हूँ ! हालाँकि मैं पहले भी जुकाम को रोकने की मेडीसिन खा चुका हूँ लेकिन इस बार जबरदस्त रिएक्शन हो गया ..... मेरी सांस भी इसीलिये फूल रही है ... और कभी भी अचानक कफ बन जाता है ... सिर भारी रहता है वो अलग ... बुखार तो कभी भी आता-जाता रहता है ... और भी पता नहीं क्या,,,क्या .. !

मेल लिखने का मकसद सिर्फ इतना है कि आप अपनी किसी पोस्ट में मेरे नाम का उल्लेख किये बगैर अन्य पाठकों को इस सम्बन्ध में अवश्य बताएं ! जुकाम को रोकना किसी के लिए भी खतरनाक हो सकता है ! हलकी-फुल्की विक्स जैसी दवा ली जा सकती है लेकिन जुकाम को एकदम से रोकना शरीर के लिए काफी हानिकारक है ! ये सब मुझे डाक्टर ने बताया ! अगर ये सच है तो प्लीज आप और लोगों को भी सचेत करें क्योंकि मेरे जैसे बेवकूफों की कमी नहीं है !

अगर आप को यह लेख अच्छा लगे तो उस सज्जन को जरुर धन्यवाद देवे.

25 comments:

hem pandey said...

जुकाम रोका जाय या नहीं सही राय तो डाक्टर ही दे सकते हैं.मैं तो दो तीन दिन बाद wikoryl tablet बिना डाक्टर को दिखाए ले लेता हूँ.

Nirmla Kapila said...

बिलकुल सही कहा है उन सज्ज्न ने जुकाम मे जितना हो सके पानी पीयें और भर पेट ना खायें इसे जितना भूखा मारो उतना जल्दि मरता है तुल्सी आदि का सेवन बडिया रहता है आभार इस पोस्ट के लिये

रंजन said...

ye lo.. itani khataranaak baat... saadhuvaad..

रश्मि प्रभा... said...

sahi hai,par sunta kaun hai

विनोद कुमार पांडेय said...

अब तो ठीक है ना आप??
वैसे बहुत लोगो के मुँह से हमने भी सुना है की
ये सर्दी जुकाम बड़े रोग का कारण बन जाते है अगर ठीक से ध्यान न दिया जाय तो..
आपकी जानकारी बढ़िया रही..

कम से कम ब्लॉगर्स मे से जो सज्जन ऐसा करते होंगे अब नही किया करेंगे..

धन्यवाद....

P.N. Subramanian said...

निर्मला जी ने एकदम सटीक बात कहीं है. यूरोपीय देशों में बात अलग हो सकती है

Udan Tashtari said...

मिलट्री दवा करो, सही हो जाओगे सर!! रम के साथ गरम पानी-अचूक नुस्खा!! हा हा!

डॉ. मनोज मिश्र said...

shee kha hai.

राज भाटिय़ा said...

समीर जी हम तो हमेशा ही ड्रा के पास ही जाते है, एक दो बार आप वाला इलाज किया लेकिन सही नही बेठा, लेकिन ड्रा के पास जा कर भी हम देसी इलाज जरुर करते है, जेसे बंकसा, सोंठ या अदरक की चाय, बलगम हटाने के लिये नींबू की गर्मा गर्म चाय, मुलठी, शहद, ओर कभी भी ज्यादा दवा नही ली, ओर ना ही कभी तेज दवा, हमे कोन सी जल्दी है आया है तो चला भी जायेगा, लेकिन इन सज्जन की तरह से मैने कई लोगो को देखा है, कि लोग तेज दवा ले कर ओर भी ज्यादा पंगा ले लेते है.

वेसे अगर सर्दी लगने पर सीधी विक्स डाल कर भाफ़ लि जाये तो भी जुकाम जल्द ठीक हो जाता है

ताऊ रामपुरिया said...

मेरे समझ मे नही आता कि ताऊ की राय लिये बिना सब अपनी अपनी राय दिये जारहे हैं?:) बुजुर्गों का कुछ ख्याल ही नही है?

आप को जो करना हो वो करिये, यह जुकाम देवी/देवा तीन दिन तो आपके पास से जाने वाली नही है. बस गर्म पानी पिये और इंतजार करें..चौथे दिन से यह किसी दुसरे के पास जाने का मन बना लेगी, इसका एक आदमी के पास ज्यादा दिन तक दिल नही लगता.:)

हां अगर इस दर्म्यान सर दर्द हो तो पेन किलर खींच सकते हैं.

रामराम

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

ताऊ का इलाज करें। हफ्ते भर में ठीक हो जायेगा जुकाम। नहीं तो पूरे सात दिन लगेंगे!

Gagan Sharma, Kuchh Alag sa said...

कुछ दिनों पहले इस बारे में एक पोस्ट लिखी थी - 'जिसे लोग बिमारी ही नहीं समझते।'
इसका आसान सा इलाज यही है कि शरीर को आराम दिया जाय। शरीर की नष्कृयता की हालत में इसके किटाणुओं को पनपने का मौका नहीं मिलता। साथ में कोसे पानी का सेवन लाभदायक होता है। आपका कहना सही है कि इसे किसी भी हालत में दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिये। वैसे भी डाक्टर की दवाई से यह 72 घंटे में ठीक होता है तो अपने आप तीन दिनों में। (-:
तो कौन सा रास्ता बेहतर है?

सागर नाहर said...

हिन्दी चिट्ठाकारों में भी बहुत से डॉक्टर्स हैं ,देखते हैं उनकी क्या सलाह है।
वैसे भगवान की दया से इस बीमारी से चार-पाँच साल में एक ही बार परेशान होते हैं।

Abhishek Mishra said...

Maine bhi suna hai ki Sardi-Jukaam ko turant niyantrit karne ke liye davaon par jyada nirbharta sahi nahin.

प्रकाश गोविन्द said...

बहुत महत्वपूर्ण एवं उपयोगी जानकारी मिली !

तत्काल राहत पाने के चक्कर में हम अक्सर मुसीबत को दावत देते हैं ! देशी औषधियों से रिश्ता तोड़कर अंग्रेजी दवाओं की शरण में जाने के कारण कई बार ऐसी स्थिति से दो-चार होना पड़ता है !

वैसे राज जी का 'नीबू की चाय' वाला नुस्खा असरदार है !

गगन शर्मा जी मैं जानना चाहता हूँ कि यह "कोसे पानी का सेवन" क्या चीज है ? कृपया बताएं !

समीर जी क्या ऐसा भी कोई नुस्खा कामयाब है ?
बड़ा अच्छा इलाज है :
पियो राम
मिटे गम ........ वाह वाह !

आज की आवाज

काजल कुमार Kajal Kumar said...

जुकाम ? बस जलनेति क्यों नहीं.

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

ताऊ का कथन बिल्कुल सही है.......यदि एक बार जुकाम हो गया तो मुआ तीन दिन से पहले तो जाने वाला है नहीं, चाहे लाख दवाईयाँ ले लें. इसका तो घरेलू इलाज ही उपाय है।

woyaadein said...

सचमुच जुकाम को एकदम से रोकना हानिप्रद है. लेकिन तंग भी हो जाता है व्यक्ति इसमें. आज दिन में जब मुझे नाक में हलकी सी पानी की शिकायत हुई तो मैंने सबसे पहले यही सोचा कि जुकाम न हो कहीं. फिलहाल सब ठीक है. जुकाम ठीक करने में कुछ और देसी नुस्खे कारगर हो सकते हैं जैसे:
१. रात को सोते समय सीधा लेटकर शुद्ध सरसों के तेल की १-२ बूँदें नाक में डालने से काफी राहत मिलती है.
२. बताशे या गुड का सेवन भी लाभकारी है इस अवस्था में.


साभार
प्रशान्त कुमार (काव्यांश)
हमसफ़र यादों का.......

''ANYONAASTI '' {अन्योनास्ति} said...

राज साहिब
अवध प्रवास करने और 'बताऊँ '' कविता को पशासित करने का आभारी हूँ ,धन्यवद
मैं पहले भी मैं बता चुक हूँ कि यह ब्लॉग अयोध्या - प्रवास में अवधी- भाषा का ब्लॉग है ,भोज पूरी का नहीं


मैं डाक्टर तो नही हूँ पर एम् आर रह चुक हूँ ,साथ ही साथ मेरा परिवार तिन पीढियों से मेडिकल लाइन जुडा है मैं भी आयुर्वेद और होमोपथी का अध्ययन किय करता हूँ |
भाटिया साहब की सूचना सही है ,वैसे भी अगर आप तेज दवाईयों से ' जुकाम 'देव का स्वागत-सत्कार करने लगेंगे तो यह भी उसी सूत्र का पालन करेगा जिसका अधिकांश बिन बुलाये मेहमान करत हैं आसानी से वापस न जाना | फिर भी घर आये महमान का कुछ न कुछ तो स्वागत =सत्कार तो करना ही पड़ेगा ,चाहे आप के बिन बुलाये आने वाला ''जुकाम' ही क्यों नहो |

अगर थोडा सा जनकारी करलें कि जुकाम वास्तव में है क्या तो हमारी बहुत सी समस्या हल हो जाती हैं ,दूसरी बात जुकाम का देसी इलाज आपके घर में ही उपलब्ध हैं ,मैं जडी बूटियों कि बात नहीं कर रहा हूँ ; मैं आप के यहं की यानि एक आम भारतीय की रसोई कि बात कर रहा हूँ जहाँ जुकाम को नियंत्रित करने वालों की फौज खड़ी है ,यानि कि भरतीय रसोई में उपलब्ध मसालों का सही उपयोग आप को तीन दिन से एक सप्ताह में निर्मूल कर देगा \ जुकाम का इलाज केवल उसे बिगड़ने से बचने हेतु मात्र होता है ,हाँ इनके बारे में यह बात तो हैहि कि ये बहुत सज्जन शरीफ मेहमान होते है | यदि इनके साथ शराफत से आवें ,तुफाने बतमीजी न कि जाये यानि तेज दावा के डंडे न मारे जाएँ तो यह शराफत से लगभग ७दिनो में दूसरा घर देखने को निकल पड़ेंगे |

शोभना चौरे said...

sardi se nijat pane ke bhut sare ilaj bta diye hai vaise tauji ka nuskha kargar hai kyoki mera ajmaya hai .aur akdam se sardi jukam ko rokna bhi nhi chahiye kuch shn shakti bdhani hogi kyoki sardi ke dvara sharir ki over oiling ho jati hai .
aur sal me ak bar to har msheen ki over oiling honi hi chiye .
dhnywad

मिस. रामप्यारी said...

भाटिया अंकल नमस्ते.

आप फ़ालतू मे परेशान हो रहे हैं. जिनको भी जुकाम की शिकायत हो उनको आप ताऊ होस्पीटल मे कैट स्केन करवाने के लिये रैफ़र करदें. कैट स्केन मे चालीस प्रतिशत आपका कमीशन पक्का.

वो क्या है ना कि आजकल डाक्टर पूजा उपाध्याय भी मेरे पास कैट स्केन करवाने के लिये पेशेंट नही भेज रही हैं तो मैं बेकार बैठी हूं.
आपके मरीजों का रोग दूर हो या ना हो. आपकी हमारी जेब तो गर्म रहेगी ना बरसात मे.:)

नरेश सिह राठौङ said...

भाटिया जी हम डोक्टर तो नही लेकिन अपने आपको डोक्टर से कम भी नही समझते है । यदि किसी भी समान्य आदमी को कोई रोग होता है तो उसका कार
ण है उसके शरीर मे एन्टी बयोटिक की कमी हेना होता है जब तक वो शक्ती नही पूरी होती है तब तक रोग पीछ नही छोडता है । आपके इन मित्र महाशय ने पूरी तरह से इलाज नही कराया है । इस लिये परेशानी आयी अन्यथा कोई भी पधती हो इलाज कभी भी नुकशान नही करता है बशर्ते उसे सही ढंग से किया जाये ।

Babli said...

भाटिया जी अब इंसान तो बीमार पड़ेगा ही पर मैं सलामती की दुआ करती हूँ! घबराइये नहीं सब ठीक हो जाएगा! आनंद से रहिये और बिल्कुल चिंता मत कीजिये!

mihir said...

अब सब बोल ही लिए तो मैं भी बोल लूं ....मैं डाक्टर हूं....पहला तो ये कि किसी के लिए भी जुकाम को ठीक किये बिना रोकना लगभग असंभव ही होता हे ...और फिर भी रूक गई तो ऐसा कोई खतरनाक प्रभाव इससे होने वाला है ऐसा नहीं है....रही बात सांस फूलने की तो जिन लोगों को जुकाम ज्यादा होती है उनको सांस भी ज्यादा फूलती है

Shastri JC Philip said...

जुकाम के लिये देशी इलाज ही ठीक है क्योंकि वह तो अपना समय लिये बिना जाने वाली चीज नहीं है.

सस्नेह -- शास्त्री

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है
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