10/08/09

शोक सुचना



नमस्कार, आप सभी को दुख के साथ सुचित कर रहा हुं कि मेरी पुज्य माता जी श्री मति कमला देवी भाटिया जी का स्वर्ग वास 24/07/2009 को सुबह छै बजे हो गया, इस कारण मै आप से से कुछ समय दुर रहा, ओर रहूगां, लेकिन कल से मै अपनी एक पोस्ट आप सब के नाम दुगां, जिस मै मेने आखरी पल तक मां के संग जो समय बिताया सब लिखूंगा, ओर अन्तिम दिन तक मेरा समय केसा रहा; फ़िर थोडा मन समभला तो फ़िर से आप लोगो के लिये हाजिर रहुंगा,मां की मोत के बाद बहुत से राज भी खुले, यह सब आप लोगो से बांटूगा, शायद आप इसे पढ कर ऎसे ना बने जो लोग इन लेख के पात्र है, ओर मेरे जेसे वेबकुफ़ भी नही जो आंखे बन्द करके अपनो पर भरोसा कर ले.......
मां बाप एक ऎसा घना पेड होता है जिस की छाव नसीब वालो को मिलती है, ओर वो लोग जो इस पेड की इज्जत नही करते बल्कि इस के फ़ल खाना चाहते है...... उन्हे आप क्या कहेगे.... दिल मै बहुत सी बाते है..... सब धीरे धीरे
आप सभी का धन्यवाद
इस पोस्ट के बाकी लेख मै छोटी छोटी बाते नाम के ब्लांग पर दुंगा

38 comments:

पुरुषोत्तम कुमार said...

भाटिया साहब, दुख की इस घड़ी हम भी आपके साथ हैं।
ईश्वर आपको दुख सह पाने की हिम्मत दे।

मीनू खरे said...

दुख की इस घड़ी हम भी आपके साथ हैं।

अशोक पाण्डेय said...

माता जी को हमारी श्रद्धांजलि। ईश्‍वर आपको इस अपूरणीय क्षति को सह पाने की शक्ति दें।

अशोक पाण्डेय said...

माता जी को हमारी श्रद्धांजलि। ईश्‍वर आपको इस अपूरणीय क्षति को सह पाने की शक्ति दें।

Dr. Amar Jyoti said...

माता जी के लिये श्रद्धा-सुमन और आपके लिये हार्दिक संवेदनायें।

Arvind Mishra said...

मुझे जानकारी थी -आप के अनुभवों की प्रतीक्षा रहेगी !

ताऊ रामपुरिया said...

माताजी को हार्दिक श्रधांजलि. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और आप लोगों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे.

रामराम.

बी एस पाबला said...

माता जी को मेरी श्रद्धांजलि।
परमपिता आपको इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दें

AlbelaKhatri.com said...

राजजी,
माँ का कोई पर्याय इस जग में नहीं है । माताजी के देहान्त का दुखद
समाचार द्रवित करने वाला है । परन्तु हम सभी एक न एक दिन इस
दुःख को सहने के लिए विवश होते ही हैं

परम पिता परमात्मा दिवंगत आत्मा को परम शान्ति प्रदान करे ,
यही हमें प्रार्थना करनी चाहिए...............


अपनी-अपनी माँ से कहता

हर व्यक्ति संसार का

मैं आकंठ ऋणी हूँ माता

तेरे अनुपम प्यार का

ईश्वर इस शोक की घड़ी में आपको हौसला प्रदान करे..............

जय श्री राम !

कुश said...

माताजी को हार्दिक श्रद्धांजलि..

आपने ठीक कहा. माता पिता एक घने पेड़ की तरह ही होते है., जिनकी शीतल छाँव में हम पलते है..

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

माताजी को हार्दिक श्रद्धांजलि..
ईश्वर इस दुख की घड़ी में आपको सम्बल देगा।

अल्पना वर्मा said...

माता जी को हमारी श्रद्धांजलि.इस दुःख की घडी में हम आप के साथ हैं.आप की पोस्ट की प्रतीक्षा रहेगी.

PrakashYadav said...

माता जी के लिये श्रद्धा-सुमन और आपके लिये हार्दिक संवेदनायें

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

ईश्वर को किसी ने नहीं देखा लेकिन वह माँ बाप के रूप में हमारे साथ रहता है . आपको यह अपार दुःख सहने की छमता प्रदान करे ईश्वर . और माताजी को अपने यहाँ आश्रय दे .

seema gupta said...

माता जी को हमारी श्रद्धांजलि। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे आपके अनुभव और आपकी पोस्ट की प्रतीक्षा रहेगी.

regards

समयचक्र : महेन्द्र मिश्र said...

माता जी को हमारी श्रद्धांजलि.... उनकी आत्मा को ईश्वर शांति प्रदान करे

प्रकाश गोविन्द said...

पूज्य माता जी श्रद्धा सुमन !
माँ की जगह कोई नहीं ले सकता
उनकी कमी का अहसास तो सारी उम्र रहेगा !
दुःख की इस घड़ी में हम आपके साथ हैं !

उन्होंने हमेशा आपके सुख की कामना की होगी
बस उन्हें प्रेरणा मानकर उनके स्वप्नों को पूर्ण करें !
यही सच्ची श्रद्धांजलि है !

अन्तर सोहिल said...

श्रद्धांजली
परमात्मा माताजी की आत्मा को शांति प्रदान करे।
जब आप कु्छ दिन गैरहाजिर कहने की बता रहे थे और सोमवार वाली पहेली अचानक कैंसिल हो गई थी तभी आशंका हो गई थी।
दो दिन बाद ताऊ रामपुरिया जी ने हमें सूचना दे दी थी ।

आपके सुभाष मोहल्ला स्थित घर आकर श्रद्धा-सुमन अर्पित करना चाहता था, लेकिन……………………

प्रणाम

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

मां-बाप से बढ़कर कोई नहीं होता.. ईश्वर उन्हें शान्ति प्रदान करे.

रश्मि प्रभा... said...

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और आपको क्या कहूँ...हम सब साथ हैं ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और आपको क्या कहूँ...हम सब साथ हैं

परमजीत बाली said...
This comment has been removed by the author.
परमजीत बाली said...

राज जी,माता जी के बारे में जान कर बहुत दुख हुआ ।इस दुख में हमे अपने साथ समझे।
प्रभु आप को यह दुख सहने की हिम्मत दे।
माताजी को हार्दिक श्रद्धांजलि..

उन्मुक्त said...

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।

रविकांत पाण्डेय said...

इस मुश्किल घड़ी में परमात्मा आपको साहस दे अपने आप को संभालने का। दिवंगत आत्मा के शांति लाभ के लिये प्रार्थनारत हूं।

Anil Pusadkar said...

मां भगवान का ही रूप है।ईश्वर माताजी को अपनी शरण मे ले और उनके चले जाने के असीम दुःख को सहने की आपको और परिजनो को शक्ति दे।माताजी को मेरी भी श्रद्धांजलि।

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

माता जी को हमारी ओर से विनम्र श्रद्धांजलि!!
भाटिया जी, इस दुःख की वेला में हम सब आप के साथ हैं!!

Abhishek Mishra said...

माता जी को मेरी ओर से भी श्रद्धांजलि. आपके अनुभवों से भरी पोस्ट की प्रतीक्षा रहेगी.

Dr. Mahesh Sinha said...

माताजी को श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ

रंजना said...

आप अभी कितने vyathit होंगे......andaja लगा सकती हूँ......

bilkul सही कहा आपने ...माँ baap का saya sar से uth जाना waisa ही होता है ,jaisa makaan पर से chhat का uth janaa ......

iishwar आपकी mataji की divangat aatma को shanti tatha sadgati pradaan करें tatha aaplogon को इस दुःख की ghadi में dhairya pradaan करें....

जितेन्द़ भगत said...

बहुत दुखद खबर सुनाई आपने। इधर आप ब्‍लॉग पर नजर नहीं आ रहे थे। ईश्‍वर आपको इस दुख से उबरने की शक्‍ति‍ दे।

आकांक्षा~Akanksha said...

Maan ke bina jiwan ekdam se adhura lagne lagta hai...dheeraj banaye rakhen. Maan apne bhitar sadaiv maujud rahengi.

Mrs. Asha Joglekar said...

ma kee kami koee puree nahee kar sakta. apko eeshwar ye dukh sahane kee shaktee de aur aapkee matajee ki atma ko shanti pradan kare.

दिलीप कवठेकर said...

आपकी पूज्य माताजी के निधन पर मेरी विनम्र श्रद्धांजली .ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें, और इस बिछोह के भारी क्षण में आपको संबल प्रदान करे.

मां का ऋण कोई नही उतार पाया है आज तक. हम कम से कम उन्हे जीवन तक याद रख सकें तो भी ठीक है.

राज भाटिय़ा said...

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद आप सब ने मुझे इस समय अपना सहारा दिया, मेरे आंसू पोंछे..... लेकिन बिमारी की वजह से मै आप सब को जल्द धन्यवाद ना दे पाया.
कल ही अस्पताल से आया ओर फ़िर सोचा चलो ब्लांग जगत मै मै घुम लुं बस आप सब की टिपण्णियां ओर मेल ही पढ पाया, ज्यादा हिम्मत भी नही थी, ओर फ़िर लेट गया, आज बच्चे भी ओर बीबी भी बहुत खुश थे मेरे घर आने से.
आप सब का बहुत बहुत धन्यवाद फ़िर से

jayaka said...

आपकी माताजी को मै अपनी श्रद्धांजली अर्पित कर्ती हूं!..... मेरी आपसे फोन पर बात-चित हुई है...... मै दर्द को समझ सक्ती हूं!... जर्मनी में आप के परिवार के साथ गुजारे हुए खुशहाली के चंद दिन भी मै भला कैसे भूल सकती हूं?.... अभी इस समय आप को आराम की सख्त जरुरत है!.... हम सभी इस दुख की घडी में आपके साथ है!

Dr. Amar Jyoti said...

हार्दिक सम्वेदनायें और आदरणीया माताजी को श्रद्धा-सु्मन।

Babli said...

माँ पिताजी को खोने का दुःख क्या होता है मैं अच्छी तरह से अनुभव कर सकती हूँ! माँ पिताजी से बढ़कर इस दुनिया और कुछ नही होता! इस दुखद घड़ी में हम सब आपके साथ हैं! माता जी को मेरी ओर से विनम्र श्रधांजलि!

शिवम् मिश्रा said...

माता जी को मेरी श्रद्धांजलि।
परमपिता आपको इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति दें