08/07/09

जब हम ने पहरे दारी की

आप को यह लेख इस लेख से पहले मिलेगा..
जब हम ने पहरे दारी की भाग १
मेने इसे बहुत कोशिश की कि इसे दोवारा प्रकाशित करुं, लेकिन मुझ ए समझ नही आया, अब यह पोस्ट कुछ इस तरह से दे रहा हुं लेकिन अगर आप मे से किसी को पता हो कि केसे पुरानी पोस्ट को दोबारा प्रकाशित कर सकते है तो जरुर बताये, तो पढिये मेरी पुरानी पोस्ट... जो मेने किसी कारण से बीच मै ही छोड दी थी आज पहला भाग ओर कल रात को दुसरा भाग....
जब हम ने पहरे दारी की भाग १ यहा दबाये या नीचे देखे

6 comments:

Udan Tashtari said...

कभी ऐसी आवश्यक्ता नहीं आई दुबारा पोस्ट करने की.

Babli said...

लिखते रहिये राज जी! आपकी लेखनी को सलाम!

सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी said...

बहुत आसान है जी। नई पोस्ट लिखने के लिए जिस पेज में टाइप करते हैं उस पेज में पुरानी पोस्ट की सामग्री कॉपी-पेस्ट कर दें। चाहें तो आगे पीछे कुछ सम्पादन भी कर लें। जैसे- यह कि यह एक री-ठेल पोस्ट है जो पहले फला जगह अमुक समय में प्रकाशित की गयी थी। :)

ताऊ रामपुरिया said...

हमारे दिमाग मे तो कुछ घुसा नही.:)आगे का लिखिये.

रामराम.

रश्मि प्रभा... said...

aage ki pratiksha hai

अभिषेक ओझा said...

आगे का बताइए... वो तो पढ़ा हुआ निकला :)