30/12/08

काम की बाते...

हमे अपने गलत कामों को, गलतियो को, पापो को स्वीकार करने मै कभी भी शर्म नही करनी चाहिये, क्योकि यही वो काम है जो हमे दुसरो से, अपने ईश्बर से, अपनो से दुर ले जाते है, अपनी गलती मनाना मेल मिलाप का ही संस्कार है, यानि जब हम अपनी गलती अपना पाप स्वीकार करते है, तो हमारे बिछुडे, हमारा ईश्बर हमे माफ़ कर देता है, ओर हमे सद्ध मार्ग पर वापिस लाता है.

आस्था का दामन है कभी भी नही छोडना चाहिये.... कई बार हम असफ़ल होते है ओर हताश हो कर आस्था का दामन छोड बेठते है, यही हमारी बहुत बडी भुल होती है, हम मंजिल के करीब पहुच कर भटक जाते है, आस्था मै बहुत शक्ति है जिस की कल्पना भी नही की जा सकती, इस लिये हमे इस चमत्कारी आस्था का दामन कभी नही छोडना चाहिये,

यह लेख इस साल का अन्तिम लेख है, आओ मनन करे इस साल मै हम ने क्या पाया क्या खोया,
कोन कोन सी गल्तिया की, ओर उन गलतियो को इस साल के साथ ही छोड कर, नये साल मे साफ़ मन से प्रवेश करे, ओर अपना ओर अपने देश का नाम ऊचा करेम बुराईयो को इस साल के साथ दफ़न कर के नये साल मै अच्छाईयो को अपना प्रतीक बनाये.... जय हिन्द जय भारत.
नये साल की पहली सुर्य किरण से साथ मै अपना पहला लेख ले कर हाजिर होऊगां, ओर नये साल की बधाईयां भी तभी दुगां
अलविदा मेरी ,तुम्हारी हम सब की जिन्दगी का यह एक साल, इसे प्यार से अलविदा कहते है, ओर नये साल के स्वागत की तेयारियां करते है.
धन्यवाद

19 comments:

Nirmla Kapila said...

ैअछा लिखा है असफल्ता सफलता की जननी है आशा ही जीवन है नव वर्ष के लिये अच्छा सन्देश है

seema gupta said...

हमे अपने गलत कामों को, गलतियो को, पापो को स्वीकार करने मै कभी भी शर्म नही करनी चाहिये,

'यही जीवन की सफलता की कुंजी है "
Regards

सिद्धार्थ शंकर said...

जब हम अपनी गलती अपना पाप स्वीकार करते है, तो हमारे बिछुडे, हमारा ईश्बर हमे माफ़ कर देता है, ओर हमे सद्ध मार्ग पर वापिस लाता है.

राज जी, आपने बहुत पते की बात कही। बल्कि मैं तो समझता हूँ कि यदि हम अपनी गलतियों को स्वीकार करने को तैयार रहें तो ये गलतियाँ बहुत कम होती जाएंगी।

नये साल की अग्रिम शुभकामनाएं

mehek said...

apne galtiyon se hum sikhte hai aur unhe swikar karna chihiye bahut sundar,hppy new year.

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सही और सुन्दर सीख दी आपने !

रामराम !

सुशील कुमार छौक्कर said...

सच कहा जी।

Amit said...

बहुत ही सुंदर सीख दी सर आपने...नव वर्ष की आपको हार्दिक शुभकामनाये

रश्मि प्रभा said...

sahi kaha, aastha ka daaman kabhi nahi chhodna chahiye....

विनीता यशस्वी said...

ek ek shabd sahi kahe hai apne.

Alag sa said...

आने वाला समय आप और आपके परिवार के लिये शुभ, मंगलमय और स्मृद्धिदायक हो।

Gyan Dutt Pandey said...

बहुत सही और सुन्दर लिखा जी आपने। नया साल मुबारक हो आपको।

महेंद्र मिश्रा said...

नववर्ष की ढेरो शुभकामनाये और बधाइयाँ स्वीकार करे . आपके परिवार में सुख सम्रद्धि आये और आपका जीवन वैभवपूर्ण रहे . मंगल कामनाओ के साथ .धन्यवाद.

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

Very sound advise Raj bhai
नव -वर्ष मँगलमय हो --

सतीश सक्सेना said...

बहुत सुंदर ! नव वर्ष की शुभकामनायें स्वीकार करें !

अनुपम अग्रवाल said...

अति सुंदर विचार और प्रस्तुतीकरण .
कांच की बरनी वाली पोस्ट तो संग्रहनीय है .
बहुत पसंद आयी .उम्मीद है इस तरह की और रचनाएँ अपने खजाने में से निकालेंगे .

Dev said...

नववर्ष की ढेरो शुभकामनाये और बधाइयाँ स्वीकार करे . मंगल कामनाओ के साथ .धन्यवाद.

अल्पना वर्मा said...

Raj Sir aap ko aur aap ke parivaar mein sabhi ko नववर्ष की ढेरो शुभकामनाये और बधाइयाँ-

-US mein 12 ghantey ka farq hai..ham pahle naya saal manaa lengey yahan----

shelley said...

aapka kahna sahi hai par adhikar log kutark se apni galtio ko v sahi sabit karne ki koshish me lage rahte hain.apne samne v apni galti nahi swikarte hain dusron k samne to dur ki baat hui.

COMMON MAN said...

आपको नया वर्ष मंगलमय हो.