04/10/08

दादी मां..

दादी मां आज बहुत खुश थी, आज तो गावं मे दादी के घर पर खुब रोनक थी, दादी के सारे बच्चे जो घर आये हुये थे, दोनो लडके अपने परिवार समेत आये थे. दोनो लडको के ३, ३ बच्चे थे, बहुये भी सुशील थी, फ़िर दोनो बेटिया भी अपने परिवार समेत आ गई, ओर आज तो चारो ननद भी आ गई थी परिवार समेत, ओर पुरे घर मे शादी जेसा माहोल था.आगे पढने के लिये यहां चटका लगाये जी

2 comments:

शोभा said...

हा हा हा . हाँ कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है. सावधान रहना चाहिए.

कुन्नू सिंह said...

"लेकिन हम सब की बातो का बुरा ना मानो"

मै कीसी के बात का बूरा नही मानता।
और ब्लाग तो दील की बात कहने के लीये भी होता है।
सिर्फ बताता हूं की ऎसा करने से क्या होगा।

मेरा देश *भारत*