06/09/08

लहसन का आचार खुद बनाय़े

आज मेने ममता जी के यहां एक लेख पढा **लहसन का आचार** मेने सोचा शायद कोई नयी बिधि बताई होगी, लेकिन लेख तो बहुत स्वाद (अच्छा ) था, लेकिन लहसन का आचार खरीद कर खाने की सलाह दी.
मेरी बीबी घर मे ही लहसन का आचार बनाती हे, जो बहुत ही स्वादिष्ट, बिलकुल ऎसा ही जेसा कि ममता जी ने बताया हे, ओर आचार बनाने मे सिर्फ़ २ मिन्ट ? जी बहुत ही आसान !!! ओर इस आचार को बडे तो क्या छोटे भी मजे से खाते हे, दुर्घन्ध भी नही आती,पेट भी साफ़ रहता हे, ओर कलोस्ट्रोन को भी कम करता हे, बाकी लहसन के सारे गुण तो आप सभी को मालुम हे, तो आप तेयार हे, इसे बनाने के लिये...
सामग्री.
२५० ग्राम लहसुन.
१/१%२ बडे चम्मच नमक.
१ बडा चम्मच लाल मिर्च (पिसी हुई)
१%२ चम्मच हल्दी पिसी हुई
२ बडे चम्मच अमचूर पिसा हुआ.
१ बडा चम्मच चीनी
१%२ छोटा चम्मच कलॊंजी.
५० ग्राम तेल( कोई सा भी)
बिधि....
अब सारी सामग्री को (तेल को नही ) यानि सारे मसाले आपिस मे अच्छी तरह से मिला ले,
लह्सून को उबालते पानी मे ८,१० मिन्ट उबाल ले, ज्यादा नही.
फ़िर इस लहसून के छीलके बहुत जल्द उतर जायेगे, फ़िर इसे उस बर्तन मे डाल ले जिस बर्तन मे आप ने आचार डालना हे, उपर से मिला हुआ सारा मसाला डाल दे, फ़िर तेल को थोडा सा गर्म कर के उस बर्तन मे डाल दे, एक बार अच्छी तरह से हिला दे,
ओर आप इसे २४ घण्टे के लिये रख दे कही भी, बस आप का आचार तेयार हे,ओर फ़िर इसे फ़्रिज मे रख दे २,३ सप्ताह से ज्यादा यह चले गा,
अगर ज्यादा मिठठा बनाना हे तो थोडी ज्यादा चीनी डाल दे,ओर उबालने के समय ध्यान रखे यह ज्यादा नही उबलना चाहिये,
अगर आप सब को यह आचार अच्छा लगे तो इस का श्रेय हमारी बीबी को जाता हे.
तो बनईये ओर खाईये फ़िर बताईये

15 comments:

कामोद Kaamod said...

bahut achha achaar bantaa lag raha hai. jara bhabhi ji s kar se kah kar bhijwaiye ... :)

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बना कर बताते हैं आपको ..शुक्रिया यह आसान है विधि

सतीश पंचम said...

जी लहसुन के अचार तो अब खाने ही पडेंगे..विधी ही ऐसी बताई कि सोच-सोच कर ही फिलहाल खा रहा हूँ...जल्द ही असलियत में भी खाने लगूँगा..।
और वो कोलेस्ट्रॉल वाली बात ने तो ध्यान ज्यादा खींचा है...जल्द ही आजमाउंगा।

जितेन्द़ भगत said...

लहसुन का अचार बाजार से खा-खाकर थक गया था। अब घर में बनवाऊँगा। शुक्रि‍या।

अनुराग said...

अरे सर जी ......ये शौक भी रखते है आप......

रंजन said...

पढ़ कर ही पानी आ गया मुह में..

अशोक पाण्डेय said...

बनाने की विधि तो बढि़या जान पड़ रही है। धन्‍यवाद।

ताऊ रामपुरिया said...

सर जी विधी पढ़ कर तो मुंह में पानी आ रहा है !
ताई से पूछते हैं अचार खिलायेगी या लट्ठ ! :)

safat alam taimi said...

सर हमें भी स्वाद से वंचित न करेंगे

Hari Joshi said...

बाबा कहा करते थे कि पेट के लिए बड़ा मुफीद होता है लहसुन का अचार। अनुराग जी त्वचा निखारने का शौक रखते हैं आैर आप पेट को दुरूस्त रखने का। अनुराग जी मिलेंगे तो सेंपल की क्रीम लूंगा आैर आपसे डिब्बा भर लहसुन का अचार।

Udan Tashtari said...

आज ही बनाते हैं भाटिया सा:. अच्छा ही बनेगा.

------------------------

निवेदन

आप लिखते हैं, अपने ब्लॉग पर छापते हैं. आप चाहते हैं लोग आपको पढ़ें और आपको बतायें कि उनकी प्रतिक्रिया क्या है.

ऐसा ही सब चाहते हैं.

कृप्या दूसरों को पढ़ने और टिप्पणी कर अपनी प्रतिक्रिया देने में संकोच न करें.

हिन्दी चिट्ठाकारी को सुदृण बनाने एवं उसके प्रसार-प्रचार के लिए यह कदम अति महत्वपूर्ण है, इसमें अपना भरसक योगदान करें.

-समीर लाल
-उड़न तश्तरी

Dr. Amar Jyoti said...

बहुत बहुत धन्यवाद्। आज ही बनाते हैं। ऐसे ही टिप्स देते रहिये।

दीपक said...

भाटिया जी हमसे दाल चावल नही बनता लगातार पंद्रह बार दाल जलाने का रिकार्ड है हम पर ,शुद्द शाकाहारी होने के कारण खाना खुद बनाना पडता है आंमा बनाते क्या है दाल चावल सब प्राकृतिक अवस्था मे रहते है बस उनके थोडे रंग बदल जाते है । अब आप बताइये ये आचार कैसे बनेगा ?

Lavanyam - Antarman said...

राज जी,
लज़ीज़ जानकारी दी :)
और समीर भाई की टीप्पण्णी से भी , मैँ सहमत हूँ !
ममताजी के ब्लोग पर भी इसे देखा - शुक्रिया !

mamta said...

राज जी आपका शुक्रिया और भाभीजी को बहुत-बहुत धन्यवाद इसकी आसान रेसिपी बताने के लिए।

अब तो हमे भी बनाना ही पड़ेगा वैसे हम चीनी की जगह गुड़ डालते है।