चुटकुले जो आपको शायद हँसा दें
2 hours ago
मैं अकेला ही चला था जानिबे मंजिल मगर लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया
प्रस्त्तुकर्ता
राज भाटिय़ा
समय
18:56
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मुझे यह खतरनाक कार्ड पता नही कहा से मिला, पहले तो मे कांप ही उठा,फ़िर धयान्से पढा ओर सॊचा आप को भी दिखा दु, तो लिजिये आप भी इस हसीन सुहावने कार्ड को देखे ओर...
नाम कुछ चट्पटी
मैं कहता हूं कि आप अपनी भाषा में बोलें, अपनी भाषा में लिखें।
उनको गरज होगी तो वे हमारी बात सुनेंगे। मैं अपनी बात अपनी भाषा में कहूंगा।*जिसको गरज होगी वह सुनेगा। आप इस प्रतिज्ञा के साथ काम करेंगे तो हिंदी भाषा का दर्जा बढ़ेगा।
महात्मा गांधी
अंग्रेजी का माध्यम भारतीयों की शिक्षा में सबसे बड़ा कठिन विघ्न है।...सभ्य संसार के किसी भी जन समुदाय की शिक्षा का माध्यम विदेशी भाषा नहीं है।"
महामना मदनमोहन मालवीय
6 आप की राय:
यह कार्ड तो सभी तक पहुँचना चाहिए।
जी, देखा था कुछ दिन पहले इस निमंत्रण को. तबीयत खराब थी तो फाड कर फेंक दिया था. :)
jan hit me jaari karne ke liye shukriya
ऐसे कार्डों को जन- जन तक पहुँचाना चाहिये. शुरूवात आपने की अच्छा लगा.
बहुत अच्छा काम किया आपने | व्यंगात्मक रूप से सीख देने के लिए ! धन्यवाद !
बहुत बहुत धन्यवाद
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