03/07/08

चिंतन छोटी छोटी खुशियां

आज का विचार, हम सभी खुशिया पाने की चाह मे कई बार सभी कुछ खो वेठते हे जेसे...दुर्योधन ने पाँच गाँव नही दिए पर अपना पूरा साम्राज्य, पूरा वंश, और अपना जीवन दे दिया .....कुमति के कारण हम छोटी छोटी बातों को, ख़ुशियों को यूँ ही जाने देते है। झूठी त्रिष्णा के पीछे भाग कर अपने जीवन के कई सुखो को खो देते हैं... ज़िन्दगी बहुत छोटी है। इसमें ज्यादा से ज्यादा खुशियाँ बटोर के किसी को बिना दुख पहुँचाए हम अपना जीवन जी ले यही ज़िन्दगी जीना सही अर्थो में कहलाएगा !!

6 comments:

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

बहुत बढ़िया सीख.. और यही आपके ब्लॉग की खास बात है..

महेंद्र मिश्रा said...

बहुत बढ़िया सीख.

अभिषेक ओझा said...

उत्तम सीख.

रंजू ranju said...

सुंदर सीखने लायक सीख है यह

Udan Tashtari said...

जय हो!! जय हो!!

राज भाटिय़ा said...

आप सभी का हार्दिक् स्वागत,