22/04/08

अबे चरिया गया हे कया ?

बात २००४ की हे, भाई हम भारत मे सब से मिलने आये थे,बाते तो बहुत हे, सभी बाते एक साथ लिखनी भी मुस्किल हे तो एक बात बताते हे.. लेकिन हसें नहीं....
दिल्ली मे एक दिन शोक चोरायां कि हम ने दिल्ली की मेट्रो देखनी हे, सब ने समझाया भाई मत जाओ मेट्रो देखने तुम कोन सा .....? से आये हो,
अब हम घर से मेट्रो देखने ओर उस मे बेठने चल पढे.ड्राईवर ने हमे एक स्टेशन पर**नेता जी ** कुछ ऎसा ही नाम था वहा छोडा, ओर वही खडा रहा हम ने कहा भाई घर जाओ, लेकिन वो वही एक तरफ़ पर्किग मे खडा रहा, मे टिकट लेने लाईन मे लगा, मेरे सामने एक सज्जन थे, उन्होने टिकट लिया हम आगे बढे तभी एक सज्जन पीछे से आये ओर अपना हाथ खिडकी मे घुसाया ओर टिकट ली चले गये, ओर हम कारवां देखते रहे ,फ़िर कोशिश की तभी दुसरे महापुरषा आये उन की भी वही हरकत झट से हाथ डाला खिडकी मे टिकट ळी ओर .. तभी मेने कहा भाई साहिब आप लाइन मे क्यो नही आते, तो झट से बोले चारिया हो कया दो आदमियो की भी लाईन होती हे कया,ओर मे बिना बेठे ही वहा से वपिस आ गया ओर ड्राईवर बाहिर मुस्कुरा रहा था, मेने पुछा चाचा ( वो बुजुर्ग था ओर मे उसे हमेशा आप ओर चाचा कह कर बुलाता हू )यह चारिया कया होता हे, तो बोले बेटा मुझे भी नही मालुम, अब घर चले ,

8 comments:

Gyandutt Pandey said...

चलिये नया शब्द पता चला। अर्थ भी गढ़ लेंगे!

PD said...

Sir, maine ek movie dekhi thi.. jisme kuchh Gujrati log Charya ka matlab Pagal bata rahe The..

अभिषेक ओझा said...

पहले तो कभी नहीं सुना, पर चलिए अब सुन लिया है तो कभी हम भी इस्तेमाल कर लेंगे :-)

DR.ANURAG ARYA said...

दो आदमियों कि भी लाइन होती है" वह राज जी..नया शब्द भी ढूंढ लाये ......दिल्ली का जवाब नही बोले तो....

mamta said...

अरे ये तो बिल्कुल नया शब्द है। अजित जी (शब्दों का सफर) से इस शब्द का मतलब पूछना चाहिए। :)

praney ! said...

Your post brought smile on my face.

I have heard that word a lot in Hindi Movies mainly spoken by Marwari comedians, in sense of saying "have you gone mad?"

Though I always avoid commenting on the bad habits of 'We' Indians, but there are a lot of things we still have to be educated of. One of them is standing patiently in queue for turn. Many time is there is a queue the person behind you would fell on you completely .

Sadly, obeying rules are against the 'self respect' and braking them is adventure for us.

But things are changing fast, thank God.

अमिताभ फौजदार said...

very nice sir !!

राज भाटिय़ा said...

आप सभी का धन्यवाद, मतलब कोई भी हो लेकिन मेरे मतलब का नही था,बुरा नही लगा लेकिन अच्छा भी नही लगा,ओर उस आदमी को देख कर नही लगता था कि यह कोई अनपढ होगा,अभिषेक भाई इस्तेमाल मेरे जेसे पर कर लेना कोई जोखिम नही,लेकिन कोई अलग मिल गया तो भगवान भली करे..क्यो की इस का मतलब PD भाई ने बतला दिया हे.