01/03/08

सरदार जी (एक चुटकला )

एक बार एक हवाई यात्रा मे एक सरदार जी के साथ वाली सीट पर एक अमेरिकन बेठा था,आदत के अनुसार अमेरिकन हमे वेबकुफ़ ओर खुद को होशियार समझते हे. आगे की बात आप भी पढे...
हिन्दी मे लिख रहा हु, आपनो की बात अपनी भाषा मे अच्छी लगती हे....
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अमेरिकन ने उपेक्षा से पास बेठे सरदार जी को देखा, ओर बोला सरदार जी समय बिताने के लिये कुछ बात करे? सरदार जी चुपचाप खिडकी से बहिर देखते रहे,
अमेरिकन बोला,श्री मान जी हम एक खेल खेलते हे, हम आपिस मे सवाल पुछे गे, अगर मेने सही जबाब नही दिया तो मे आप कॊ ५०० डालर दुगां, ओर अगर आप ने गलत जबाब दिया तो आप मुझे सिर्फ़ ५ डालर देगे , सरदार जी फ़िर भी चुपचाप बहिर बादलो को देखते रहे,
अमेरिकन ने एक सवाल पुछा ओर सरदार जी ने सही जबाब दे दिया,ओर फ़िर बहिर देखने लगे, अब अमेरिकन ने कहा श्री मान अब आप एक सवाल पुछे ओर देखे अमेरिकन कितने तेज हे.
सरदार जी ने ध्यान से अमेरिकन को देखा ओर फ़िर बोले ओ के आप मेरे सवाल का जबाब दो.
सरदार जी ने पुछा ऎसा कोन सा जानबर हे जब वो उडता हे तो उसकी तीन टागें होती हे, जब वापिश जमीन पर आता हे तो उसकी दो तागें होती हे,यह पु-च कर सरदार जी फ़िर से मस्त होगये.
अब अमेरिकन को मुस्किल हुई, उस ने अपने लेप्टाप मे ,गूगल मे सब जगह जबाब ढुडा, दोस्तो को मोबाईल से काल करके पुछा, लेकिन जबाब नही मिला, दो तीन घ्ण्टो के बाद अमेरिकन बोला माफ़ी चाहत हू मुझे जबाब नही मालुम,यह रहे आप के ५०० डालर, सरदार जी ने ४९५ डालर जेब मे रखे ओर ५ डालर हाथ मे रखे, अब अमेरिकन ने पुछा सरदार जी अब आप बताओ जबाब, सरदार जी ने झट से ५ डालर अमेरिकन के हाथ मे रखे ओर बोले जबाब मुझे भी नही मालुम,लेकिन इतना याद रखना भारतिया तुमहारे बाप हे.

2 comments:

mehek said...

bahut mazedar,nehle pe dehla hoote hai bhartiy

राज भाटिय़ा said...

महक जी आप का धन्यवाद,