10/03/11

कुछ कुछ होता था?

आज के दिन  शाम से ही हमारे दिल मे कुछ कुछ हो रहा था, पता नही क्या हो रहा था? फ़िर घर वाले  सारी बिरादरी ओर जानपहचान वालो को ले कर हमारे संग दिल्ली की ओर चल पडे, रास्ते मे चाय पानी पिया, फ़िर दिल्ली मे पुरानी सब्जी मंडी के पास सब इकट्ठे हुये , ओर मित्र रिशते दार भी आ गये, सभी बहुत ही तेश मे थे, जेसे कही हमला करना हो.... कुछ लोग जोश लाने के लिये पेग पर पेग पी रहे थे, एक हमी हेरान परेशान से खडे थे.

तभी पता चला कि कुछ नोजवानो ने ज्यादा पी ली हे, ओर वो अपनॊ अपनी कमीजो से बाहर आना चाहते हे, हम ने झट से संगीत का कार्य क्रम बना दिया ओर वो सब अपना अपना नशा वहां जा कर उतारने लगे, कुछ अंजान लोग हमे बार बार आ कर तंग करते थे, कि आप ठंडा पी ले, चाय पी ले, काफ़ी पी ले..... अब हमे तो अच्छी तरह से लपेट रखा था, यानि एक तरह से केद कर रखा था, चेहरा भी खुब  ढका हुआ था.

फ़िर हमे किस बडी सी जगह पर ले जाया गया, बाप रे..... वहां पहुच कर हमे पता चला कि यह लडकियां भी किसी से कम नही होती, अजी कोई आये इधर से चुटकी मार कर खिल खिला कर हंस पडे कोई उधर से, सच कहे तो हमे लाल टमाटर सा पिल पिला कर दिया होगा, पता नही कितने घंटॆ यह सब चलता रहा.

 तभी कही धमाको की आवाजे आई, जेसे कोई दुर आतिशबाजी छोड रहा हो, फ़िर हमारे मुंह मे अलग अलग लडकियो ने खाना ढुंसा, पता नही केसे आधी रात हो ही गई, फ़िर हमे लोगो ने ऎसे घेरा जेसे बलि के बकरे को घेरते हे, कि कही भाग ही ना जाये, ओर हमे एक खास जगह ले आये, भाग भी नही सकते थे, चारो ओर से मोटे ताजे मर्दो ओर ओर्तओ ने जो घेर रखा था, फ़िर हमे एक बहुत मोटे ताजे आदमी के सामने बेठने को बोला गया, हम चुपचाप बेठ गये, अब भला बलि के बकरे से भी कोई पुछता थोडे हे, ओर बकरा भी चुप रहता हे.

ओर वो मोटू पता नही हमे घुर घुर कर देख रहा था, साथ मे पता नही क्या क्या बोल रहा था, फ़िर उस ने हमे हुकम दिया कि हमारे पीछे पीछे तुम भी बोलो, अब हमे समझ तो नही आ रही थी, लेकिन उस के पहले शब्द को बोल कर बाकी हम भी भुभुभु भु कर रहे थे, वहां बेठे सभी लोग हेरान थे कि यह बकरा तो बहुत ग्यानी हे, कुछ समय बाद एक कन्या को हमारे पास बिठा दिया, हम थोडा सुकचाये सिमटे, तभी दुसरी तरफ़ बेठी एक अति सुंदरी ने फ़िर से हमे जोर से चुटकी मारी.

अरे यह कया उस मोटे ने इस कन्या को हमारे पल्लू से बांध दिया, ओर आज तक हमारी हिम्मत नही हुयी उस गांठ को खोल सके, अब हम जहां भी जाते हे, यह कन्या भी हमारे साथ साथ रहती हे, फ़िर इस गांठ को पक्का करने के लिये दो प्रमाण पत्र भी हमारे घर आ गये,यानि आज के दिन ११ मार्च १९८७ को हमारी आजादी हलाल हो गई थी, उस दिन को हम अकसर भुल जाते हे, इस बार आज ही हमे याद दिलाई गई हे इस दिन की, पता नही केसे मनाते हे, बाहर खाना तो मै खाता नही ....जेसे भी मना मना ही लेगे, वेसे दो दिन से हल्का सा जुकाम भी हो रहा हे

49 comments:

  1. आखिर में भेद खुला विवाह का, बधाई.

    ReplyDelete
  2. भाई उस दिन की याद दिला कर हमें क्यों दुखी कर रहे हैं :)

    ReplyDelete
  3. अभी दो दिन पहले ही याद दिलाई गई थी हमको भी
    आसूं में आखैं
    ओह
    आंखौं में आंसूं आ गये थे

    ReplyDelete
  4. बधाई@राजदादाजी+भाभीजी.हैप्पीवाली.वर्षगांठ.लाइफ़

    ReplyDelete
  5. ढेर सारी शुभकामनायें .....

    ReplyDelete
  6. शादी की सालगिरह की शुभकामनायें।

    ReplyDelete
  7. शुभकामनाये ......

    ReplyDelete
  8. आपको एवं भाभी जी को शादी की सालगिरह पर ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं ।

    ReplyDelete
  9. हम समझ गये थे, यह आहट ही थी एक घटना की जिसे विवाह कहते हैं, 23 वर्ष पूरे होने पर बधाई। 2 वर्ष बाद तो महोत्सव मनाने की तैयारियाँ अभी से प्रारम्भ कर दीजिये।

    ReplyDelete
  10. बहुत बधाई और शुभकामनाएं !!

    ReplyDelete
  11. सालगिरह की शुभकामनायें।
    regards

    ReplyDelete
  12. 3/11 को शहीद हुए आप।
    घणी घणी मुबारकाँ जी!

    ReplyDelete
  13. उस ज़माने में ऐसा मानवाधिकार-हनन?
    बधाई हो!

    ReplyDelete
  14. ओह ..... आहा मिठाईया बधाईया ....... गिरते है शहसवार मैदाने जंग में ............

    ReplyDelete
  15. सालगिरह की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  16. 3/11… खोफनाक घटना!! भयानक परिदृश्य का चित्रण!! कंवारेपन का अपहरण!!

    सांत्वनापूर्ण बधाई!!

    बीती ताई बिसार के आगे की सुध लेई।
    उस सुध की संभावनाओ के लिये शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  17. आपके साथ जो घटना घटी उसे पूरे
    रोमांच के साथ पढ़ रहा था और अपनी
    जवानी के दिनों में खो गया था, बाद
    में पता चला की आप तो गिरफ्तार हो
    गए, हम तो फरार हो जाते थे...
    वैवाहिक वर्षगाँठ की ढेरों बधाई !

    ReplyDelete
  18. आपको एवं भाभी जी को शादी की सालगिरह पर ढेरों बधाई एवं शुभकामनाएं ।

    ReplyDelete
  19. मुबारक हो मुबारक हो ,यह तेईसवीं सालगिरह मुबारक हो
    कभी लिखती थीं वे चिट्ठी और अब भाटिया साहब के हैं चिट्ठे
    कभी मियाँ जी तो कभी बेगम इक दूजे से लिपटे सिमटें
    मुबारक हो मुबारक हो .....
    मुबारक हो मुबारक हो ,यह तेईसवीं सालगिरह मुबारक हो

    ReplyDelete
  20. शादी की सालगिरह की ढेरों बधाईयाँ और शुभकामनाएँ !
    धागा है ये प्रेम का,जीवन का विश्वास !
    एक दूसरे में घुले ,प्राण बसे ज्यों साँस !

    ReplyDelete
  21. सस्पेंस बना दिया था जी आपने तो:)
    पोस्ट पढने में मजा आया
    आप दोनों को वैवाहिक वर्षगांठ की ट्र्क भरकर हार्दिक शुभकामनायें

    प्रणाम

    ReplyDelete
  22. ....शादी की साल-गिरह बहुत बहुत मुबारक हो!

    ReplyDelete
  23. जीवन को सम्‍पूर्णता देने वाले इस दिन को बंधन नहीं खुशियों की सौगात की तरह मनाइए। आपको सपरिवार बधाई।

    ReplyDelete
  24. bouth he aacha post hai aapka.. good blog
    Visit my blog plz
    Download Music
    Lyrics Mantra

    ReplyDelete
  25. लंबे चौड़े सस्पेंस के बाद इस शुभ अवसर का पता चला | आपको विवाह की वर्षगाँठ की ढेर सारी शुभ कानाये |

    ReplyDelete
  26. शादी की सालगिरह की शुभकामनायें।

    ReplyDelete
  27. बड़े मनोरंजक अंदाज़ में अपनी व्यथा सुने है । हा हा हा , मज़ा आ गया ।
    आप दोनों को वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनायें ।
    वर्षगांठ तो २४ वीं है । यानि अगले साल सिल्वर जुबली कुमार बन जायेंगे ।

    ReplyDelete
  28. हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.

    रामराम.

    ReplyDelete
  29. ढेर सारी शुभकामनायें .....

    ReplyDelete
  30. ये पूछना तो भूल ही गये कि मेड-इन-जर्मन का प्रसाद मिला कि नही?:) आखिर २३ साल के हिसाब से इतने तो बनते ही हैं, हमें तो अभी दो दिन पहले ३७ मिले थे.:)

    रामराम

    ReplyDelete
  31. भाई साहब बहुत-बहुत मुबारक और बधाइयां।
    आपका भी जवाब नहीं।

    ReplyDelete
  32. हमें तो लगा कोई यात्रा संस्मरण सुना रहे हैं :):)

    शादी कि सालगिरह की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें

    ReplyDelete
  33. अज दी बल्ले बल्ले
    :)

    ReplyDelete
  34. बधाई हो बधाई. किस अदा से इतनी खास बात बताई. बधाई.

    ReplyDelete
  35. आपको ढेर सारी शुभकामनायें ....सादर

    ReplyDelete
  36. आप सभी का धन्यवाद मैने आज भी एक गलती कर दी... हमारी शादी १९८८ मे हुयी थी ना कि १९८७ मे गलती की माफ़ी चाहूंगा; धन्यवाद

    ReplyDelete
  37. @ राज भाटिया

    हमारी शादी १९८८ मे हुयी थी ना कि १९८७ मे गलती की माफ़ी चाहूंगा; धन्यवाद

    फ़िर तो नाहक ही एक लेठ्ठ आपको ज्यादा पड गया? पर यह अक्षम्य भूल है, पचास लठ्ठ की सजा और भुगती जाये.:)

    रामराम

    ReplyDelete
  38. वाह वाह राम जी,
    जोड़ी क्या है बनाई,
    राज जी और भाभी जी को,
    बधाई है बधाई...

    अगले साल सिल्वर जुबली के जश्न की अभी से तैयारी शुरू कर देते हैं तिलयार में...

    जय हिंद...

    ReplyDelete
  39. bahut hi ghuma phira kar raj khola ,chaliye dhero badhai aapko is avasar .

    ReplyDelete
  40. आज़ादी छिनी तो क्या हुवा ... बहुत से आराम भी तो मिले ....
    भाटिया जी ... मुबारक हो शादी की वर्षगाँठ ...

    ReplyDelete
  41. इस बार की सालगिरह तो निकल गई. अगली सालगिरह की एडवाँस में बधाई ले लीजिए :)

    ReplyDelete
  42. आपको और आंटी जी को ढेर सारी बधाइयाँ... :)

    ReplyDelete
  43. ओर वो मोटू पता नही हमे घुर घुर कर देख रहा था, साथ मे पता नही क्या क्या बोल रहा था, फ़िर उस ने हमे हुकम दिया कि हमारे पीछे पीछे तुम भी बोलो, अब हमे समझ तो नही आ रही थी, लेकिन उस के पहले शब्द को बोल कर बाकी हम भी भुभुभु भु कर रहे थे, वहां बेठे सभी लोग हेरान थे कि यह बकरा तो बहुत ग्यानी हे, कुछ समय बाद एक कन्या को हमारे पास बिठा दिया, हम थोडा सुकचाये सिमटे, तभी दुसरी तरफ़ बेठी एक अति सुंदरी ने फ़िर से हमे जोर से चुटकी मारी.
    हा...हा...हा....

    एक आधी तस्वीर भी लगा देते न बलि पर चढने की .....

    ReplyDelete
  44. sundar..shadee ki salgirah ki badhaiyaan...vilamb se...

    ReplyDelete
  45. हफ़्तों तक खाते रहो, गुझिया ले ले स्वाद.
    मगर कभी मत भूलना,नाम भक्त प्रहलाद.
    होली की हार्दिक शुभकामनायें.

    ReplyDelete
  46. तन रंग लो जी आज मन रंग लो,
    तन रंग लो,
    खेलो,खेलो उमंग भरे रंग,
    प्यार के ले लो...

    खुशियों के रंगों से आपकी होली सराबोर रहे...

    जय हिंद...

    ReplyDelete
  47. पहली बार आपके यहाँ आया लेकिन लेकिन आते ही सस्पेंस का सामना करना पड़ा बहुत खूब!
    होली के पावन पर्व पर आपको सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएं !

    ReplyDelete

नमस्कार,आप सब का स्वागत हे, एक सुचना आप सब के लिये जिस पोस्ट पर आप टिपण्णी दे रहे हे, अगर यह पोस्ट चार दिन से ज्यादा पुरानी हे तो माडरेशन चालू हे, ओर इसे जल्द ही प्रकाशित किया जायेगा,नयी पोस्ट पर कोई माडरेशन नही हे, आप का धन्यवाद टिपण्णी देने के लिये