02/01/11

खुश खबरी जी खुश खबरी.....

यह लिजिये आप एक नया तोहफ़ा

कॊई जान कार हो टेमपलेट बनाने वाला जो जरुर बताये, या कोई ऎसा टेमपलेट हो जो एगरीगेट्र की तरह से दिखे तो बताये, धन्यवाद

19 comments:

निर्मला कपिला said...

बहुत अच्छा प्रयास है भाटिया जी। मेरे दो ब्लाग भी इसमे शामिल कर लें। लिन्क दे दिये हैं आज की पोस्ट पर। धन्यवाद।

Kajal Kumar said...

पहली लाइन का लिंक http://draft.blogger.com/goog_1230399152 नहीं खुला. बाक़ी की लाइनों का लिंक http://blogparivaar.blogspot.com/ तो पहले ही मेरे ब्लागरोल में है :)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" said...

बधाई!

Kajal Kumar said...

वाह ! ये हुई न बात :)
आपने तो इतनी जल्दी डोमेन रजिस्टर कर काम भी शुरू कर दिया ... ढेरों शुभकामनाएं. मुझे विश्वास है कि आपका यह क़दम हिन्दी ब्लागिंग में मील का पत्थर साबित होगा.

खबरों की दुनियाँ said...

अच्छा लगा , आभार । शुभकामनाएं ।

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

बहुत अच्छा लग रहा है. आप ब्लागवाणी और चिट्ठाजगत चलाने में भी सफल हो सकें...

प्रवीण पाण्डेय said...

सफलीभूत होंगे यह प्रयास।

RC Mishra said...

बधाई और शुभकामनायें।

दीपक 'मशाल' said...

Waah.. sabko badhaai..

राजकुमार ग्वालानी said...

गाजियाबाद से एक यलो एक्सप्रेस चल रही है जो आपके ब्लाग को चौपट कर सकती है, जरा सावधान रहे।

ajit gupta said...

सम्‍पूर्ण ब्‍लाग जगत के लिए खुशखबरी है। सभी को बधाई।

निर्मला कपिला said...

भाटिया जी कोड तो कापी नही हो रहा? कैसे लगायें ब्लाग पर?

: केवल राम : said...

नए वर्ष मैं नया फलसफा ..मेरे ब्लॉग लिंक शामिल करने के ;लिए शुक्रिया

rashmi ravija said...

बहुत ही बढ़िया प्रयास है....बधाई एवं शुभकामनाएं

राज भाटिय़ा said...

निर्मला जी, आप कोड पर जा कर एक बार किल्क करे, फ़िर आप अपने की बोर्ड पर CTRl को दवाये रखे ओर फ़िर A बट्न को दवाये अब देखे कोड वाली जगह का रंग बदल गया हे, अब A बटन कॊ छोड दे, लेकिन CTRl को दवाये रखे, अब आप की बोर्ड पर C को दवाये, अब दोनो बटनो को छोड दे, ओर जहां आप ने कोड को डालना हे वहां जा कर एक बार माऊस से किल्क करे, ओर फ़िर CTRl ओर V बटन को दबा दे या अपने माऊस को राईट किल्क करे ओर कापी कर दे. फ़िर इसे सेव कर दे. धन्यवाद

@ राजकुमार ग्वालानी जी, नमस्कार अजी आने दो इस गाजियाबाद की यलो एक्सप्रेस को भी, हम नही डरते, यह हमे चोपट करते करते खुद ही चोपट ना हो जाये, हमे जिन्दगी के हर चेलेंज स्वीकार हे जी, हम नही डरते इस से. आप का धन्यवाद

Priti Krishna said...

महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्‍वविद्यालय, वर्धा के ब्लॉग हिन्दी विश्‍व पर राजकिशोर के ३१ डिसेंबर के 'एक सार्थक दिन' शीर्षक के एक पोस्ट से ऐसा लगता है कि प्रीति सागर की छीनाल सस्कृति के तहत दलाली का ठेका राजकिशोर ने ही ले लिया है !बहुत ही स्तरहीन , घटिया और बाजारू स्तर की पोस्ट की भाषा देखिए ..."पुरुष और स्त्रियाँ खूब सज-धज कर आए थे- मानो यहां स्वयंवर प्रतियोगिता होने वाली ..."यह किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्‍वविद्यालय के औपचारिक कार्यक्रम की रिपोर्टिंग ना होकर किसी छीनाल संस्कृति के तहत चलाए जाने वाले कोठे की भाषा लगती है ! क्या राजकिशोर की माँ भी जब सज कर किसी कार्यक्रम में जाती हैं तो किसी स्वयंवर के लिए राजकिशोर का कोई नया बाप खोजने के लिए जाती हैं !

सतीश सक्सेना said...

भाई जी !
यह बहुत बढ़िया काम किया ...बहुत आवश्यक है इस प्रकार का ब्लॉग ! हार्दिक शुभकामनायें !

रंजना said...

बहुत बड़ी जिम्मेदारी उठाई है आपने...आपको पूर्ण सफलता मिले,यही ईश्वर से प्रार्थना है....

मेरा ब्लॉग यु आर एल है -

http://samvednasansaar.blogspot.com/

Dr. Amar Jyoti said...

एक नई, सार्थक,और अत्यंत महत्वपूर्ण
पहल की है आपने. हार्दिक बधाई और आभार.