13/06/10

अगर आप जर्मनी ओर अस्ट्रेलिया का फ़ुट वाल मेच देखना चाहे तो ....

नमस्कार आप सब को अगर आप जर्मन ओर अस्ट्रेलिया का मेच लाईव  देखना चाहे तो यहां  देख सकते है. ओर जर्मनी के लिये अपनी शुभकामनाये दे, मेरी टिप्प २-० से हम जीतेगे... भारतीया समय १२,०० शुरु होगा यह मेच.
केमेंट्री जर्मनी मै ही होगी

17 comments:

शिवम् मिश्रा said...

शुभकामनाएं, वैसे मैं तो अर्जेंटीना का समर्थक हूँ !

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

जर्मनी को जीत के लिए शुभकामनाएँ!
वैसे अपने लिए तो जो जीते वही सिकंदर, फिर भी आस्ट्रेलियाई अपुन को कम पसंद हैं।

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

चलिए हम भी आपके जर्मनी की जीत के लिए शुभकामनाऎँ दे देते हैं...वैसे जीतने पर लड्डू तो खिलाएंगें न :)

डॉ.कविता वाचक्नवी Dr.Kavita Vachaknavee said...

लो जी, जीत गए। मजा आ गया।
बधाइयाँ !!!

हमारी मिठाई ड्यू रही।

महेन्द्र मिश्र said...

जब आप कह रहे है तो जर्मनी की जीत होगी...आभार

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

पराजित और अपराजित दोनों को ही शुभकामनाएँ!

पी.सी.गोदियाल said...

शुक्रिया इस जानकारी के लिए भाटिया साहब ! My best wishes to Team Germany !

दीपक 'मशाल' said...

बधाई.... जीत गए...

सतीश सक्सेना said...

जर्मनी की जीत के लिए शुभकामनायें, राज भाई !

seema gupta said...

जर्मनी को जीत के लिए हमारी भी शुभकामनाएँ

regards

जी.के. अवधिया said...

हमारी शुभकामनाएँ भी जर्मनी के साथ हैं।

shashikantsuman said...

जर्मनी दो साल पहले यूरो कप के फाइनल तक
पहुंची है और टीम का वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग
मैचों में भी अच्छा रिकॉर्ड रहा है .
ओलिवर कान और लेमन इस बार

जर्मन टीम
में नहीं है . लेकिन जर्मनी में फुटबॉल
वैसा ही जुनून है, जैसा भारत में क्रिकेट और
ऐसे में जर्मन फुटबॉलरों के पास अच्छा खेल
देने के अलावा और कोई चारा नहीं है

महफूज़ अली said...

जर्मनी की जीत के लिए शुभकामनायें.............

रंजन said...

बधाई... ४-० से जीत गए...

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

मैं तो देखता ही नहीं,,,,

टंगडीमार said...

धन्यवाद सर जी, टंगडीमार का सलाम कबूल फ़रमायें. हम तो उरुग्वे के समर्थक हैं ।

aarya said...

सादर वन्दे |
आप कहें तो अपना पता मेल करें !
अरे भाई मिठाई नहीं खानी है क्या ? यैसे सूखे सूखे बधाई जर्मनी में होती होगी हमारे भारत में ये सब नहीं चलता ! हाँ नहीं तो ...
रत्नेश त्रिपाठी