11/02/10

कहां से शुरु करूं ओर कहा खत्म करूं बताना... आप सब का प्यार इतना मिला कि शव्दो मै बताना भी कम पड रहा है, ओर मेरी झोली भी छोटी पड गई.

नमस्कार . सलाम आप सब को,

मै ८/२ यानि सोमवार को शाम को अपने घर वापिस पहुच गया, फ़िर घर पर सब से पहले पिटारा खोला, कोन कोन सा समान लाया हुं, बेर, अमरुद, पान ओर फ़िर चटपटी चीजे,लेकिन मिठाई के डिब्बे लंडन मै मेरे हेंड बेग से निकाल् कर फ़ेंक दिये गये, क्यो कि दुध से बनी चीजे यहां लानी मना है.
फ़िर भारत के बारे ओर आप सब के बारे खुब बातो का पिटारा खोला, आप सब के बारे बहुत सी बाते घर वालो को बताई,फ़िर सब ने सभी चित्र भी देखे, सच मै चित्र बहुत ही सुंदर आये, फ़िर बहुत रात हो गई ओर मुझे  थकावट भी बहुत हो गई, दुसरे दिन ओफ़िस भी नही जा पाया, ओर ना ही कोई पोस्ट ही डाल पाया, आप सब का ध्यान बार बार आ रहा था.
इस बार पहले दिन से ले कर आंतिम दिन तक आप सब के प्यार से मुझे आप सब का गुलाम बना लिया, जो मै कल से पहले दिन से आंतिम दिन तक की सारी बाते क्र्मश लिखूंगा, ओर साथ साथ मै चित्र भी दुंगा....अभी थाकवट थोडी शेष है बस हाजरी लगाने आ गया हुं.
कल मिलता हुं आप सब के चित्रो के संग वेसे तो सब ने बहुत अच्छा लिखा होगा अजय झा जी की पार्टी के बारे, क्योकि यह पार्टी थी भी बहुत सुंदर लाजवाव, ओर सभी बहुत खुश भी थे, इस बारे भी कुछ चित्र मेरे पास पढे है वो भी अगली पोस्ट मै लाऊंगां.
अजय झा जी ओर उन सभी का दिल से धन्यवाद, बाकी मिलते है अगली पोस्ट मै

36 comments:

Mired Mirage said...

अरे, वापिस भी चले गए! यात्रा कुछ अधिक छोटी नहीं हो गई?
घुघूती बासूती

HARI SHARMA said...

वो यहा आये
वो यहा छाये
हम भी हर्षाये
हम खिलखिलाये
चेहरे जगमगाये

Suman said...

nice

Arvind Mishra said...

जी इस बार आपका जाना और आना तारीख बन गयी

परमजीत बाली said...

आपकी पोस्ट की प्रतीक्षा रहेगी।

महेन्द्र मिश्र said...

आगे की प्रतीक्षा में

महेन्द्र मिश्र
जबलपुर

Tarkeshwar Giri said...

aap se kilkar ke bahut khusi hui.

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

मुलाकात वाकई बहुत सुखद थी...लेकिन समय की थोडी कमी जरूर रही।
आपके विवरण का इन्तजार करते हैं....

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

मैं तो आप की पोस्ट की प्रतीक्षा ही कर रहा था कि उस से पहले आप का फोन आ गया। मुझे यह सौभाग्य मिला कि इस बार आप की भारत यात्रा में आप से मिलने वाला पहला ब्लागीर था। आप के साथ दो शामें बिताना बेहद आनंददायक था। यदि मेरी विवशता न होती तो शायद पूरे सात दिन आप के साथ बिताता।

Vivek Rastogi said...

चलिये आराम कीजिये फ़िर अच्छे से सारे विवरण लिख डालिये, इंतजार कर रहे हैं।

विनोद कुमार पांडेय said...

राज जी कोई जल्दी नहीं आराम कर लीजिए फिर बहुत बातें होंगी...वैसे ब्लॉगर्स सम्मेलन तो एक बहाना था सबका मुख्य ध्येय तो आपसे मिलना था ....सच पूछिए तो बहुत बढ़िया लगा था आपसे मिल कर...

Mithilesh dubey said...

आपसे मिलना बहुत ही सुखद रहा , आगे विवरण का इन्तजार है ।

गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' said...

Pranam ji

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें!

अविनाश वाचस्पति said...

आप गए कहां हैं
मन में कैद हैं हमारे
गुलाम हम बनाते नहीं
बन जाते गुलाम हैं
मित्रता के सामने
क्‍या गुल हैं
और क्‍या आम हैं ?

वैसे जो मिले
जिनसे मिले
आप उनके लिए
बेशक खास है
इस खासपन को
बनाए रखिएगा
मन में यादों को
हमारी सजाए रखिएगा।

चित्र अभी और भी हैं ...
आंखों को करार तभी आएगा।

शरद कोकास said...

इस बार आपसे मुलाकात नही हो पाई..खैअर अगली बार मिलेंगे

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

आप आये और चले गये मेरी किस्मत मे नही था आपसे मिलना .खैर फ़िर मिलेन्गे

नीरज मुसाफिर जाट said...

भाटिया जी,
रोहतक के दो चार फोटो भेज देना. एक पोस्ट का काम करेंगे.

राज भाटिय़ा said...

Mired Mirage जी सच मै मेरी यह यात्रा बहुत छोटी थी, लेकिन इस बार बहुत सा प्यार, मान सम्मान ले कर लोटा हुं, मै तो सिर्फ़ दो दिन के लिये ही आना चाहता था, लेकिन सब का प्यार देख कर दिल बहुत खुश हुआ, अगली बार ज्यादा समय के लिये आंऊगा, ओर परिवार समेत आऊंगा

राजीव तनेजा said...

हम तो यही चाहेंगे कि आप बार-बार यहाँ आएं और बार-बार हमें आपके स्वागत का मौका मिले

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

आपकी आकांक्षा जल्दी ही पूरी हो, यही प्रार्थना करते हैं.

ताऊ रामपुरिया said...

थकान उतार कर आराम से लिखिये. इंतजार रहेगा.

रामराम.

Udan Tashtari said...

इन्तजार रहेगा आपकी पोस्ट और तस्वीरों का.

जी.के. अवधिया said...

बिल्कुल पहले पूरी तरह से थकावट दूर कर लीजिये राज जी। हम इन्तजार कर लेंगे आपके अगले पोस्ट की।

मसिजीवी said...

अभी थकान उतारिए...
...फिर आपके कैमरे में हमारे द्वारा खींची कुछ तस्‍वीरें हैं जरूर भेजिएगा :)

अजय कुमार झा said...

राज भाई , आप सकुशल पहुंच गए अच्छा लगा जानकर । पहले आराम करिये फ़िर बात करेंगे । हां आपका आना तो इतिहास बना गया , अगली बार प्रतीक्षा रहेगी आपके आने की
अजय कुमार झा

बी एस पाबला said...

कुछ आकस्मिक अपरिहार्य कारणों से दिल्ली नहीं आ सकने का बहुत मलाल है। अपराधबोध सा महसूस करते हुए फोन करने का भी साहस नहीं हो पाया।

अभी भी तकनीकी परिस्थितियाँ ऐसी हैं कि ब्लॉग जगत की हलचलें तक नहीं देख पा रहा हूँ

उम्मीद करता हूँ आपसे फिर कभी आमने सामने की मुलाकात हो पाएगी

इंतज़ार रहेगा आपकी पोस्ट्स का

बी एस पाबला

काजल कुमार Kajal Kumar said...

वापिस घर पहुंचने पर बहुत प्रसन्न्ता होती है. अगली पोस्ट की प्रतीक्षा रहेगी.

संगीता पुरी said...

आपकी पोस्‍ट का इंतजार रहेगा .. अभी आपको आराम करना ही चाहिए !!

रश्मि प्रभा... said...

aage ki karyawahi puri karen

Sanjeet Tripathi said...

intejar rahega

पी.सी.गोदियाल said...

शिवरात्री पावन पर्व की शुभकामनाये, भाटिया साहब !

डॉ टी एस दराल said...

भाटिया जी , बहुत आनंद आया आपसे मिलकर।
अब आपकी पोस्ट पढ़कर और भी मज़ा आएगा, जब आप अपने अनुभव लिखेंगे यहाँ के।

'अदा' said...

raj ji,
abhito aap sabke pyar aur bharat ki yaadon mein hi doobe hue honge..
bas apne khayalon ko sahejiye aur ek khoobsurat sansmaran chitron samet likh hi daaliye..
aapki sakushal vaapsi hui ishwar ka dhanyawaad..

Anil Pusadkar said...

आपसे नही मिल पाने का अफ़सोस है जी पर आपसे अगली बार ज़रूर मिलेंगे।

अन्तर सोहिल said...

रोजाना बहुत से लोगों से मुलाकात होती है और जिन्दगी में तो ना जाने कितने
मगर कुछ चुनिंदा चेहरे होते हैं जिनसे मुलाकात ताउम्र याद आती रहती है
चुनिंदा से लोग होते हैं जिनसे मिलने के बाद बिछुडना हमेशा सालता रहता है
आपके साथ बिताये कुछ घंटे पूरी जिन्दगी के खुशगवार घंटों में से हैं
संसार के बेहतरीन लोगों के लिये मेरे दिल के दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं
आपकी याद हमेशा रहेगी

प्रणाम स्वीकार करें