13/01/10

ब्लांगिंग के संग संग आप रेडियो सुने, या टी वी देखे...

मै लेख लिखते, पढते समय, टिपण्णी देते  समय साथ साथ मे कभी रेडियो तो कभी स्टार वन या एन डी टी वी भी साथ साथ  देखता हुं, अजी हा, क्या आप भी चाहेगे इस सुबिधा को तो जनाब देर किस बात की आप इस साईड पर जाये ओर यहां से यह टूल डाऊन लोड कर ले, सेट करने के बाद अपने पीसी को दोवारा स्टार्ट करे, बस अब आप को नीचे दिया चित्र दिखाई देगा, अब आप कही भी जाये बहुत से रेडियो स्टेशन है, बहुत से टी वी है साथ साथ मै ब्लागिंग करे ओर साथ साथ मै अपनी पसंद का प्रोगराम देखे, सेटींग करने मै ज्यादा से ज्यादा ३ मिंट


तो बताईऎ केसी लगी यह जानकारी

22 comments:

Udan Tashtari said...

बहुत बढ़िया तरीका.

जी.के. अवधिया said...

वाह भाटिया जी, बड़ी अच्छी जानकारी दी आपने!

हमने भी टूल डाउनलोड कर लिया।

ताऊ रामपुरिया said...

ये बहुत बढिया बात बताई. धन्यवाद.

रामराम.

डॉ. मनोज मिश्र said...

अच्छी जानकारी दी आपनें.

पी.सी.गोदियाल said...

वाह, यह भी कमाल की रही भाटिया साहब !

रश्मि प्रभा... said...

waah,sahi sujhaaw

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

ये तो बहुत अच्छी जानकारी दी आपने...
धन्यवाद्!

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

अच्छी जानकारी है. आज ही कोशिश करते हैं.

rashmi ravija said...

बहुत ही बढ़िया जानकारी...साथ साथ में गाने सुनने की मुझे भी आदत है ..पर या तो raaga .com पर या लैप टॉप में स्टोर गाने...अब रेडियो भी सुन सकूंगी...शुक्रिया

महेन्द्र मिश्र said...

बहुत बढिया बात...

ई-गुरु राजीव said...

बहुत ही बर्बाद जानकारी है. साल भर से हम यही तो कर रहे थे. एक भी आलेख उसके बाद से नहीं लिखा है.
गुरु,
एक मकर संक्रांति से दूसरी मकर संक्रांति के बाद आज जब नशा कुछ कम हुआ है तो टिप-टिपा रहा हूँ.
:)

Babli said...

मकर संक्रांति की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएँ!
वाह बहुत ही बढ़िया सुझाव दिया है आपने!

ज्ञान said...

क्या कोई ज्ञानी बता सकता है कि चिट्ठाचर्चा पर की इस टिप्पणी में ऐसा क्या था जो इसे रोक रखा गया है?
http://murakhkagyan.blogspot.com/2010/01/blog-post.html

Dileepraaj Nagpal said...

Kamaal Kar Ditta Tusi...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

आपकी बात अलग है जी!
हमारी तो इससे एकाग्रता भंग हो जोती है!

rony said...

sahi rupchandr ji,main sahmat hoon aapki baat se. main do kaamo me ek sath ekagra nahi kar pata.

Pune City

हरकीरत ' हीर' said...

बड़ी वधिया गल दस्सी तुसीं ते .....!!

निर्मला कपिला said...

ये तो बहुत काम की चीज़ है देखते हैं अगर नहीं हुया तो फिर आती हूँ धन्यवाद और स्वास्थ्य के लिये शुभकामनायें

काजल कुमार Kajal Kumar said...

वाह जी बढ़िया है

somadri said...

gajab ki jaankaari...
aab likhte -padhte...jaaaj me jaan aa jayegi.. livelyness badhega sirji

विनोद कुमार पांडेय said...

ये तो बहुत बढ़िया बात बताई आपने..ज़रूर ट्राइ करेंगे..धन्यवाद राज जी!!

हिमांशु । Himanshu said...

बेहद उपयोगी ! आभार ।