09/09/09

अच्छी बहू चाहिये तो...

नमस्कार, अगर आप कॊ अपने बेटे के लिये अच्छी बहू चाहिये तो... पहले अपनी बेटी मै अच्छे संस्कार डाले, जो बाते आप को आने वाली बहू मे चाहिये वो सब खुबिया आप पहले अपनी बेटी मै डाले.... फ़िर देखे केसे नही मिलती आप को अच्छी बहुत..... काश इस बात को सब समझ सके तो फ़िर भारत मै अच्छी बहू मिलना मुश्किल नही, पहल आप करे...आप के पीछे सब आयेगे

34 comments:

ताऊ रामपुरिया said...

आपका सोच सही है, कर भला तो हो भला.

रामराम.

अजय कुमार झा said...

अरे वाज राज़ भाई क्या बात कही है...काश कि ..ये बात सबकी समझ में आ जाये ..तो कहना ही क्या...

अविनाश वाचस्पति said...

अब कोई राज
राज न रह सकेगा
सच्‍चाईयों का परचम
धड़ल्‍ले से फहरेगा।

संगीता पुरी said...

आपने तो मेरे मन की बात कह दी !!

शिवम् मिश्रा said...

सत्य वचन |

SUNIL DOGRA जालि‍म said...

और बेटे का क्या करें राज जी?

Bhuwan said...

काश ये बात लोगों की समझ में आ जाये... हर कोई अपने बेटे-बेटी की लिए हर तरह से योग्य वर वधु की तलाश में जुटा रहता है.. लेकिन वो ये नहीं देखता की उनके बच्चे क्या हर तरह से काबिल हैं ? आपकी पहल तारीफ के काबिल हैं.

काजल कुमार Kajal Kumar said...

आज संस्कारों के लिए समय ही कहां बचा है

Ratan Singh Shekhawat said...

बहुत सही नसीहत दी है आपने !

Vivek Rastogi said...

ये तो समाज का नियम है इस हाथ दे उस हाथ ले। पर यह कोई भी बेटी का परिवार समझना ही नहीं चाहता है। बस वो चाहते हैं कि बेटी ससुराल में जाकर राज करे और बहु हमारी सेवा करे। पता नहीं ये स्थिती कब सुधरेगी।

Arvind Mishra said...

मिल जाए तो बताईयेगा -बधाई देगें और आशीर्वाद भी !

जी.के. अवधिया said...

बिल्कुल सही बात जी!

जो हम बोयेंगे वही तो काटेंगे।

seema gupta said...

बहुत सुन्दर और सार्थक संदेश...
regards

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

बिल्कुल सही आपने.......लेकिन इसके लिए हम लोगों को अपनी मानसिकता में बदलाव लाना बहुत जरूरी है!!! अधिकतर लोगों की सोच ही तही है कि अपनी बेटी तो ससुराल जाकर राज करे और हमारी बहु सुबह शाम पैर दबाए,खूब सेवा करे।

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत सही कहा आपने राज जी

आलोक सिंह said...

सही कहा आपने
बोया पेड़ बाबुल का तो आम कहाँ से होय

अभिषेक ओझा said...

बिलकुल सटीक.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

सोलह आने, 100 प्रतिशत खरी बात।
आभार!

रंजना said...

बिल्कुल सही आपने.......100%

सुशील कुमार छौक्कर said...

सीधी और सच्ची बात।

रश्मि प्रभा... said...

bilkul ........ shat pratishat sahi baat

महेन्द्र मिश्र said...

राज जी बहुत ही उम्दा प्रेरक सन्देश दिया है आपने . आभार.

विनय ‘नज़र’ said...

सार्थक कहें हैं

Babli said...

आपने बिल्कुल सच्चाई का ज़िक्र किया है और मैं आपकी बातों से पूरी तरह सहमत हूँ! लोग ये ख्वाब देखते हैं की बहू में सारे गुण होंगे पर जब अपनी बेटी होती है तो उन्हें भी सारे काम सिखाने चाहिए क्यूंकि वो भी किसीदीन किसी घर की बहू बनेगी और उनकी भी वही सोच होगी! काश ऐसा सब सोचते तो सारी मुश्किलों का समाधान हो जाता !

नरेश सिह राठौङ said...

बहुत सुन्दर विचार है ।

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey said...

बिल्कुल सही कहा जी!

Nirmla Kapila said...

बिलकुल सही कहा आपने धन्यवाद्

दिगम्बर नासवा said...

ACHHE SANSKAAR ACHEE BAHOO AUR ACHEE DAAMAAD DONO KE LIYE HI JAROORI HAIN ... ISLIYE BETA BETI DONO MEIN ACHE SANSKAR KA HONA JAROORI HAI ....

Mrs. Asha Joglekar said...

Achche sanskar ye hee mahatwpoorn hai. Ghar me patnee ka samman ho betee ko bete ke saman awasar den to bahoo bhee achchee hee rahegi kyunki use bhee to yanha waisa hee samman milega.

Mrs. Asha Joglekar said...

Aapke Australiya tour ke liye hamara yatra wrutant sahayak ho isse adhik aur kya chahiye. era utsah wardhan ka abhar.

निर्झर'नीर said...

sahi disha ..sahi soch

mai sahmat hun aap ki baat se

कुन्नू सिंह said...

हूं...आपकी बातो पर ध्यान देना पडेगा लेकिन 20 - 25 साल बाद :)

कुन्नू सिंह said...

अच्छी बहु :( अभी से :))))))

Mumukshh Ki Rachanain said...

सत्य वचन.
हर बुराइयों के लिए हम खुद जिम्मेदार हैं.

चन्द्र मोहन गुप्त
जयपुर
www.cmgupta.blogspot.com