05/08/08

उपर नीचे मुछे ही मुछे

कितना समय लगता होगा इन्हेन इन मुछो को सवारने मे? आप भी रखना चाहते हे ऎसी मुछे ?











16 comments:

कामोद Kaamod said...

ha ha ha.
shandar.. majedar...
kaha se pakad ke laye raj ji..
:)

Anil Pusadkar said...

Bhatia jee aapne Amitaabh Bachhan ki film sharaabi ka famous dialouge yaad dila diya.... muchhen ho to nathhulal jaisi....

Gyandutt Pandey said...

लोग जैसे अपना ब्लॉग चमकाते हैं वैसे ये अपनी मूंछें चमका रहे हैं!

अशोक पाण्डेय said...

वाह इन मूंछों को देखकर मजा आ गया। धन्‍यवाद।

P. C. Rampuria said...

आप भी रखना चाहते हे ऎसी मुछे ?

अजी सर के बाल तो हम संवार नही पाये सो
शर्म के मारे मूंछे भी मुंडवा बैठे ! अब क्या
ख़ाक रखेंगे ? आपके मुछन्दरों को देख कर
आहें ही भर सकते हैं ! काश......

परमजीत बाली said...

vaah!बहुत बढिया तस्वीरे पेश की हैं। इन्हे देख कर एक गाना याद आ गया-

तेरी मूछों के सिवा दुनिया में रखा क्या है.....:)

fundebaj said...

क्या बात है ? ये हुए असली मर्द !!

सुनीता शानू said...

अच्छी तस्वीरें संग्रह की है आपने...:)

Birds Watching Group Ratlam (M.P.) said...

raj ji
pictures evam photographs ka alag bunch bana lijiye

Udan Tashtari said...

हा हा!! मुछाड़ी पोस्ट.

Lavanyam - Antarman said...

this post is truly ..funny ! :)

अरुण कुमार वर्मा said...

Raj jee namskar
photo tu yakinan shandar hai.
mere blog per visit karene ka sukriya. iske sath he mai apne blog per aap ko amentrit karta hoon.

Manish said...

राज भाटिया साहब !

अगर आप भी युवा वाले दौर से गुजरे होंगे तो यह पता ही होगा कि भैया और भाभी जैसे शब्द दोस्तों द्वारा जबर्दस्ती थोप दिये जाते हैं


और हाँ दुनिया में केवल दो ही शरीफ़ हैं एक मैं (यह आपने बताया) दूसरे का पता नही

लेकिन मुझे पता है

वह आप ही हैं

:) :)
वैसे मूँछें अच्छी लगी … आप भी रखना शुरु कर दीजिये :) :)

Advocate Rashmi saurana said...

Muchhe bhut badhiya hai.

सतीश पंचम said...

Nice collection.

जितेन्द़ भगत said...

भाटि‍या जी, ऐसी मूछें कहॉं से ढ़ूँढ़ लाए आप, आपके सौजन्‍य सं अपनी पसंद की एक मूँछ(वाला) अपनी पोस्‍ट पर टॉग रहा हूँ, क्‍या पता वि‍परीत परि‍स्‍ि‍थति‍यों में इसे देखकर कुछ प्रेरणा मि‍ले।