01/05/08

दिन है सुहाना आज पहली तारीख है

नमस्कार,आप सभी को, क्यो कि आज पहली तारीख हे, बिना पढे नही जाना बाबु आज पहली तारीख हे..
जी यह गीत कभी रेडियो सीलोन पर आज के दिन सुबह सुबह बजा करता था, ओर करीब करीब सभी नोकरी पेशा इसे घर मे सुना करते थे,वो भी कया दिन थे, मेने बहुत कोशिश की इस गीत क्प ढुडने की लेकिन मुझे कही भी आउडियो पर या विडियो पर नही मिला, तो चलिये आप मे से ही कोई इसे गुन गुना कर अपनी आवाज मे ब्लाग पर डाल दे,

इस गीत मे कितने सपने हे, लोग केसे इस पहली तारीख की इन्त्जार करते थे, (हे)
यह गीत फ़िल्म पहली तारिख से लिय गया हे, गीत कार किशोर दादा हे, ओर लिखा हे..कमर जलालावादी सहिब जी ने ,ओर सगींत से सवारा हे सुधीर पंण्डे जी ने,ओर यह फ़िल्म बनी थी १९५० के आसपास.
दिन है सुहाना आज पहली तारीख है - २
खुश है ज़माना आज पहली तारीख है
पहली तारीख अजी पहली तारीख है

बीवी बोली घर ज़रा जल्दी से आना, जल्दी से आना
शाम को पियाजी हमें सिनेमा दिखाना, हमें सिनेमा दिखाना
करो ना बहाना हाँ बहाना बहाना
करो ना बहाना आज पहली तारीख है
खुश है ज़माना आज पहली तारीख है
पहली तारीख अजी पहली तारीख है

किस ने पुकारा रुक गया बाबू
लालाजी की जाँ आज आया है काबू आया है काबू
ओ पैसा ज़रा लाना लाना लाना
ओ पैसा ज़रा लाना आज पहली तारीख है
खुश है ज़माना आज पहली तारीख है
पहली तारीख अजी पहली तारीख है

बंदा बेकार है क़िसमत की मार है
सब दिन एक है रोज़-ए-ऐतबार है
मुझे ना सुनाना हाँ सुनाना सुनाना
मुझे ना सुनाना आज पहली तारीख है
खुश है ज़माना आज पहली तारीख है
पहली तारीख अजी पहली तारीख है

दफ़्तर के सामने आए मेहमान हैं
बड़े ही शरीफ़ हैं पुराने मेहरबान हैं - २
अरे जेब को बचाना बचाना बचाना
जेब को बचाना आज पहली तारीख है
खुश है ज़माना आज पहली तारीख है
पहली तारीख अजी पहली तारीख है

दिल बेक़रार है सोए नहीं रात से
सेठजी को ग़म है कि पैसो चलो हाथ से
अरे लूटेगा खज़ाना खज़ाना खज़ाना
लूटेगा खज़ाना आज पहलि तारीख है
खुश है ज़माना आज पहली तारीख है
पहली तारीख अजी पहली तारीख है

ऐ सिनेमावालों आओ आओ खेल मज़ेदार है
ओ खेल मज़ेदार है जी खेल मज़ेदार है
आगा है भगवान है किशोर कुमार है
निम्मि गीता बाली है अशोक कुमार है
नरगीस राज कपूर है दिलीप कुमार है
गीतों का तूफ़ान है नाच की बहार है,
नाच कि बहार हैपांच आने का दस आना - ३
अरे वापस नहीं जाना जाना जाना
वापस नहीं जाना आज पहलि तारीख है
खुश है ज़माना आज पहली तारीख है
पहली तारीख अजी पहली तारीख है

मिलजुल के बच्चों ने बापू को घेरा, बापू को घेरा
कहते हैं सारे की बापू है मेरा, बापू है मेरा
खिलौने ज़रा लाना, खिलौने ज़ला लाना
आज पहली तारीख है
खुश है ज़माना ... पहली तारीख ...

दिन है सुहाना आज पहली तारीख है
खुश है ज़माना आज पहली तारीख है
पहली तारीख अजी पहली तारीख है

8 comments:

कुश एक खूबसूरत ख्याल said...

वाह बड़े दिनो बाद पढ़कर हमने तो शुरू कर दिया इस गीत को गुनगुनाना की आज पहली तारीख है..

DR.ANURAG ARYA said...

raj ji is pahli tareekh ka maja ham private practinioro ko nahi hai...

Udan Tashtari said...

पहली तारीख की टिप्पणी ले लिजिये शुभकामनाओं के साथ.

mahendra mishra said...

क्या बात है अपने यह गाना " खुश होगा जमाना आज पहली तारिख है " यह गाना बचपन मी सुनकर बड़ा आनंद आता था समय भी ऐसा था कि बच्चे इस गाना को सुनकर बड़े खुश होते थे क्योकि पहली तारिख को उनके पापाजी को वेतन मिला करता था .बचपन की बाते तरोताजा करने के लिए आपको धन्यवाद. यह गाना पढ़कर हम भी खुश हो लिए की आज ही पहली तारिख है पर मेरा यहाँ वेतन तीस तारिख को बट जाता है इसीलिए यह गाना अब याद नही आता है .

SUNIL DOGRA जालि‍म said...

vवाह!! पहले तो हम पहली तरीक का मतलब बस तनख्वाह से समझते थे.. बहुत खूब जनाब...

मीत said...

राज जी,
ये गीत मैं ने अपने ब्लॉग पे डाला यहाँ डाला था :

http://kisseykahen.blogspot.com/2008/03/blog-post.html

मेरा बहुत ही पसंदीदा गीत है. आप भी सुनें इस लिंक पे जा के.

मीत

अभिषेक ओझा said...

अपनी झोली में से आज बहुत पुराना गीत ले आए आप. हमारी पगार तो महीने के आखिरी दिन आती है पर पहली तारीख की तो बात ही और है :-)

satyendra... said...

very nice, bahut romantic din raha hoga pahla din jo aapko ye geet yaad aaya.