21/04/08

चिंतन भला स्वभाव

आज का विचार,हम दुनिया हे कितने तरह के लोगो से मिलते हे,बचपन से ले कर आज तक एक दो नही हजारो से मिल चुके हे, लेकिन किन किन को याद रखा हे, ओर अब हमारे से कितने लोग खुश हे कितने नाराज ? आज का विचार इसी बात पर.
नीम की पत्तियो से बनी गोलिया,नीम की दातुन, नीम की सुखी पत्तिया यानि सब चीजे जो नीम से बनी होती बेचती ओर लोग भी सारा समान उस से खरीद लेते थे,ओर वह ओरत सारा समान १,२ घण्टे मे बेच कर घर चली जाती,
उस ओरत के साथ मे एक ओर ओरत उसी गाव से आती थी, ओर वो शहद बेचती थी, लेकिन सारा दिन बेठे रहने पर भी उस का शहद बहुत कम लोग खरीदते थे,एक दिन नीम की गोलिया बेचने वाली ने अपना समान बेचा तो ,शहद बेचने वाली ने कहा बहन थोडी देर मेरी दुकान देखना मे बच्चे के लिये दवा ले आऊ, ओर जब शहद वाली १ घण्टे के वाद वापिस आई तो देखा सारा शहद तो बिक गया, तो उस ने पुछा कया जादु हे तुम्हारे पास जो सारा शहद इतनी जल्दी बेच दिया, जब की मुझे इसे बेचने मे एक सप्ताह लगना था, तो तभी एक ग्राहक ने जॊ इन की बात सुन रहा था, कहा यह सब जुवान की मिठास हे.यह महिला नीम की कडवी चीजे बेचती हे, लेकिन इस की जुवान मे बहुत मिठास हे,ओर ग्राहक इस की मिठ्ठी जुवान के कारण इस की कडवी चीजे भी खरीद लेता हे,
सच हे हम मिठ्ठा बोल कर सब को अपना बना सकते ्हे.
(यही युक्ति आज कल बेईमान ओर लोगो को ठगने वाले अपनान्ते हे)अपना बनाया ओर टोपी पहना दी

4 comments:

अभिषेक ओझा said...

लोगों का दिल अगर हाँ जीतना तुम को है तो बस मीठा-मीठा बोलो... !

mehek said...

:);)mithi boli bol ke tpoi pehnate hai:):) kahani bahut achhi aur us ki sikh bahut bahut achhi.

ila said...

बढिया सीख,किन्तु ये भी सच है कि मीठे बोल बोलकर अच्छे से्ल्समेन कुच भी बेच सकते हैं.मै कभी कभार जिस बुटीक पर जाती हूं ,वहां की मैडम किसी भी भद्दी या मोटी महिला को मौडल्स के पहनने लायाक वस्त्र टिकाने में सफ़ल हो जाती हैं.मन्त्र बस वही होता है,मीठा बोल !!

राज भाटिय़ा said...

आप सभी का धन्यवाद,