24/02/08

पेन्ट सम्भाल के ??

किसी पर मत हसंओ.. मगर...





बोला था ना.

3 comments:

नितिन व्यास said...

बढिया!!

राज भाटिय़ा said...

नितिन व्यास जी टिप्ण्णी के लिये धन्यवाद.

इंदु पुरी गोस्वामी said...

हा हा हा
गोस्वामीजी भी देख रहे थे,बोले-'बाप रे! अब तो बार बार हाथ पीछे जाता है कि कहीं .....'
सुबह सुबह हँसाहँसा कर मूड और फ्रेश कर दिया.इसके लिए तो आपको 'थेंक्स' कहूँगी ही.
शरारती! आप भी हो तो मेरे जैसेईच.
हा हा हा थेंक्स अगेन.