23/01/08

हमारी ईटली यात्रा भाग ७






नमस्ते आप सब को , तो चले आज थोडा आगे... कल हम आप को कोलोस्सएऊम मे छोड कर चले गये थे, हम कोलोस्सएऊम से बाहर आ करसामने की ओर चल पडे, यहा का नाम ( Forum Romanum ) हे, यहा भी अब खण्डहर ही खण्डहरहे, यहा पर अलग अलग Temples ( मन्दिर ) थे, ओर अलग अलग सम्राटो के महल, दरबारियो केघर, जेल खाना, ओर भी बहुत कुछ था, इस के बारे आप यहां से पुरी जान कारी पा सकते हेअब तो यहां खण्डहर ही बचे हे, यहा से घुम कर हम आगे बडे,



अब हम Bocca della Verità (बोका देला वरिता ) मे आ गये, यहां भी काफ़ी भीड थी, हम भी लाईन मे लग गये, यहा पर एक पुराना गिर्जाघर हे, उसके मुख्य दुवार पर एक बडी सी आदमी कीशकल पत्थार पर गोला कार मे बनी हे, जिस के बारे मे कहते हे कि इस के मुहं मे हाथ डालनेपर झुठे आदमी का हाथ यह देवता काट देता हे,लेकिन मेने हाथ डाला कुछ भी नही हुया, फ़िर हम गये गिर्जाघर बहुत ही सुन्दर था, यहां भी हमने थोडी बहुत फ़ोटो ली, यहां के बारे आप कॊपुरी जान कारी यहां से मिलेगी।



इस के बाद हम Piazza Venezia ( पियाज़्ज़ा वनेजिया ) आ गये, यह सब सफ़ेद पत्थर से बना हुयाहे, बाहर से ही देखने पर बहुत खुब्सुरत लग रहा था, पास से तो अति सुन्दर लगा, निगाहे ही नही हट रही थी, एक तरफ़ सुनदर फ़ोवारा, सीडीयो के दोनो ओर पत्थर के घुड्सवार, हाथो मे इटली केझाण्डे, उपर इटली के पुलिस मेन , यहा के बारे आप को पुरी जान कारी यहा से मिले गी, अन्दरजा कर ओर भी अच्छा लगा,अदम कश चित्र, मुर्तिया, ओर पिछे से देखने पर कोलोस्सएऊम दिखाईदेता था. यहां से फ़िर हम आगे बडे।

यहाँ से फ़िए हम Spanische Treppe ( स्पेनिश त्रेप्पे ) देखने गये यहा भी भीड बहुत थी ओर बहुत ही बडी बडी सिडीया थी , सब सीडीया चढने पर कुछ खास नही लगा,यहा झरने ओर फ़ोवारे भी थे कुछ मुर्तिया भी थी, अब सब थक गये थे, ओर दिन भी जाने वाला था, सो हम अपने घर की ओर मुख कर के चल पडे... बाकी फ़िर... अरे रुको अभी इटली की यात्रा खत्म नही हुई आगे कल..... यहां के बारे आप को यहां जान कारी मिलेगी नमस्ते.




1 comment:

रंजू said...

बहुत ही सुंदर जानकारी ..लगा हम वहीं घूम, रहे हैं ..
शुक्रिया इतनी रोचक जानकारी इतने रोचाक्ल ढंग से देने के लिए राज जी !!