21/01/08

हमारी ईटली यात्रा भाग ५






नमस्कार,चलिये आज आप को ले चलते हे त्रेइवि फ़ाऊन्टेन ( Trevi Fountain ), वेटिकेन के बाद हम बस से त्रेइवि फ़ाऊन्टेन आ गये,इस के बारे हम ने फ़िल्मो मे ,मेग्जिन मे बहुत पढा था, बस से उतर कर हम उसी तरफ़ चल पडे, रास्ते मे हमे एक ओर फ़ाऊन्टेन मिला उस जगह का नाम भी कुछ *त्रेइवि फ़ाऊन्टेन* जेसा ही था मेरा बेटा बोला अरे इतना छोटा सा हे ओर कितना प्रशिध हे,किसी से पुछने पर पता चला की अभी थोडा आगे हे, ओर थोडी सी देर मे हम त्रेइवि फ़ाऊन्टेन के पास थे, पास जा कर देखा तो वहां बहुत ही भीड थी, झारने की भान्ति पानी मुर्तियो के बीच से हो कर आवाज करता हुया नीचे आ रहा था,गर्मी की वजह से लोग ज्यादा पानी के पास बेठे थे,कुछ लोग छोटे बडे सिक्के भी उस झारने की ओर पीठ कर के पानी मे फ़ेकं रहे थे, शयाद कोई मनोकमना माग रहे हो, यहा के बारे आप इन्ग्लिश मे पुरी जानकारी यहां से ले सकते हे, हम लोग यहां काफ़ी देर रहे ,कुछ फ़ोटो भी ली ओर विडियो मे भी कुछ पल यादो के उतारे,यहा: नल से ठ्ण्डा ठण्डा पानी पिया ओर बोटल मे भी भर लिया, अब हम सब थक भी बहुत गये थे, साथ मे लाये हुये खाने का समान भी खत्म हो गया था, सोचा आज इतना ही काफ़ी हे ,बाकी कल देखे गे, यहां से हम ने बस पकड कर स्टेशन पर पहुचे, वहां से ट्रेन पकड कर वापिस घर आ गये, घर आ कर सब ने आरम किया फ़िर सब ने मिल कर खाना वगेरा बनाया खाया, दुसरे दिन का प्रोग्राम बनाया,रात को सब नहा कर सो गयेअब सुबह उठे गे तभी तो दुसरे दिन का हाल सुनाये गे तब तक के लिये नमस्ते

3 comments:

Dard Hindustani (पंकज अवधिया) said...

थोडा इटली के पेड-पौधो के बारे मे भी बताये भाई। मै जडी-बूटी वाला हूँ न तो सभी पोस्ट पर इसी पर जानकारी खोजता रहता हूँ। :)

संजय तिवारी said...

बढ़िया. फोटो बहुत अच्छे हैं.

राज भाटिय़ा said...

आप क ध्न्यवाद टिपाण्णी देने का, पकंज जी अगली बार ईटली गया तो जरुर पेड-पौधो के चित्र लाउगा,हा अगर जर्मनी से कोई जान कारी चाहिए पेड-पौधो के बारे तो बताना,
धन्यवाद