02/11/10

अपने दाग छुपाने के लिये हमे क्यो लडवाते हो....

आज बीबी सी पर एक खबर पढी तो इन लोगो पर तरस भी आया ओर गुस्सा भी, पता नही किस मिट्टी के बने हे यह लोग, शर्म नाम की कोई चीज ही नही इन के पास..... जनता मिल जुल कर रहना चाहती हे, पुरानी बीती बातो को भुलाना चाहती हे, लेकिन यह लोग अपने गंदे कारनामे छुपाने के लिये हमे बार बार लडवाना चाहते हे....अब जनता को जागरुक होना चाहिये वो चाहे हिन्दू हो मुस्लिम हो या अन्य धर्म के लोग.... हमे इन की बातो मे नही आना चाहिये जो नाक कर गंदगी मे डुबे हे, ओर जब पकडे गये तो हमारा ध्यान हटाने के लिये उलटे सीधे  ओर घटिया बातो पर उतर आये...

राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार और आदर्श हाउसिंग सोसाइटी के कथित घोटाले पर चुप्पी साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस की अखिल भारतीय बैठक में धार्मिक कट्टरवाद के मुद्दे को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा है.पुरी खबर पढने के लिये यहां जाये

28 comments:

ajit gupta said...

राज जी, कांग्रेस का यही खेल है। कुटिल राजनीति में माहिर है। पता नहीं भारत की जनता कब सयानी होगी?

shikha varshney said...

ये राजनीती जो न करा दे थोडा है.

मनोज कुमार said...

अफ़सोस होता है यह सब सुनकर-पढकर।

Sunil Kumar said...

राजनीति का हर खेल ही घिनौना है
खेल चाहें कोई भी हो पर जनता ही खिलौना है

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

इन दलों और नेताओं का तो जन्म हुआ ही इसलिये है

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

इनका तो शुरू से ही यही नियम-धर्म रहा है!
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ज्योति-पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

Alok Mohan said...

madam ji soch rehi ki
sab cwg aur aadersh ghotale ko bhul ker hindu muslim me ulajh aajye

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

जब किसी मुद्दे को दबाना होता है तो धर्म के मुद्दे सामने आ जाते हैं ...और आम जनता यह सब सहती है ...

ताऊ रामपुरिया said...

जय हो राजनीती की.

रामराम

anshumala said...

ये तो हमेसा से होता आया है जब भी इन कांग्रेसी सरकारों से सवाल पूछो तो इन्हे हमेसा साम्प्रदायिकता की याद आ जाती है | हर बात पर अपनी राय देने वाले राहुल बाबा भी इन मसालों पर चुप्पी साध लेते है |

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

हे! राजनीति माई
असत्त की सवाई
तोहरे कारण अब
देश की लुटिया डूबन आई
:)

प्रवीण पाण्डेय said...

आदर्श हाउसिंग तो देश का आदर्श नहीं हो सकती है।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

ऐसा है जी ... कि राजनेताओं का काम है आम जनता को भड़काना ... क्यूंकि इसीमें उनका फायदा है ... पर आम जनता का फायदा किस में है ... ये बात जनता को खुद समझना चाहिए ... अगर हम बेवक़ूफ़ हैं तो दूसरों को गाली देने में कोई मतलब नहीं ... राजनेता अपना काम कर रहे हैं ... हमें अपना काम करना चाहिए ... यानि कि धर्म, जाती और प्रांतीय भेद भाव छोड़ देना चाहिए ... क्या हम ये कर रहे हैं ... नहीं कर रहे है ... तो राजनेताओं को क्यूँ कोसे?

honesty project democracy said...

सबसे दुःख की बात यह है की अब ये राज नेता भ्रष्ट होने के साथ-साथ भडुए से भी निचे गिरते जा रहें हैं और इनकी वजह से देश और समाज जानवरों का समाज बनता जा रहा है ......इन भडुओं को अब कोई काली...दुर्गा और नर्शिंह अवतार ही समाप्त कर सकता है....तब तक इंसान को इनके हाथों प्रतारित होना ही परेगा....

'उदय' said...

... shubh diwaali !!!

डा० अमर कुमार said...


आपका कहना ज़ायज़ है,
पर आमलोग इतना सोचते ही कहाँ हैं ?

दिगम्बर नासवा said...

ये कांग्रेस का मानसिक दिवालियापन है .... पर उसे हमेशा से इस बात का फायदा हुवा है ... ये तो देश की जनता को समझना चाहिए ...

गिरीश बिल्लोरे said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं

राजभाषा हिंदी said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति। दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई! राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सराहनीय है!
राजभाषा हिन्दी पर – कविता में बिम्ब!

नरेश सिह राठौड़ said...

इसी लिये लोग आजकल राजनीति को गंदी कहते है |

ZEAL said...

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इसी कांग्रेसी मानसिकता से दुखी होकर मैंने ये पोस्ट लिखी थी ।

"क्या हिन्दुस्तान आजाद है ? पहले मुग़ल , फिर अंग्रेज़ और अब कांग्रेसी मानसिकता के गुलाम हैं हम "

http://zealzen.blogspot.com/2010/10/blog-post_23.html

आपने इस विषय को उठाया , इसके लिए साधुवाद स्वीकारिये।

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क्षितिज के पार said...

देखो जी, गांधी जी ने जो भी किया देश के लिए और प्रायः लोग उनके हर किए को अच्छा मानते हैं। गांधीजी का वरदहस्त है नेहरू परिवार पर। गांधी जी की बदौलत ही नेहरू प्रधानमंत्री बने, जिन्ना बदर हुए और पाकिस्तान जैसा महान देश भी अस्तित्व में आया। गांधी जी नितांत नैतिक आदमी थे, सो कुछ बोले नहीं और भगत सिंह-राजगुरु और सुखदेव को फांसी हो गई। वैसे तो भारत से पहले भी अंग्रेज तमाम उपनिवेशों को छोड़कर भागने के लिए मजबूर हो रहे थे किंतु यहां गांधी की लाठी कमाल कर रही थी, उधम सिंह की शहादत तो बस ऐसी ही थी। चंद्रशेखर आजाद भी पंडित थे, किंतु नेहरू परिवार वाला पंडितपन उनमें न था। सुभाष चंद्र बोस बेचारे बन गए एक नेहरू गांधी परिवार के आगे। तो भाई, अपना मतलब ये है कि जब गांधी जी का सरनेम नेहरू परिवार के साथ जुड़ा है तबतक आंखें बंद किए रहो। देश में परिवर्तन आएगा। एक गांधी ने अंग्रेजों को दौड़ा दिया था, अब तो इतने गांधी हैं। अब तो गुजरात में मोदी पैदा होते हैं, गांधी दिल्ली के ही होकर रह गए। गोडसे हत्यारा है, मोदी सांप्रदायिक। कांग्रेस देशहितैषी है, संघ और भाजपा उग्रपंथी। अब तो चव्हाण जैसे महापुरुष देशभक्त हैं, देशभक्तों का राशन जो खाते हैं। सोनिया सही है, क्योंकि उसे अमेरिका सही मानता है। बिना खोपड़ी का सरदार सही है, क्योंकि उसे सोनिया सही मानती है। कलमाड़ी को गलत कौन कह सकता है, जब सरदार जी ही उसपर वाशिंग पाउडर डाल रहे हैं। बहरहा, मैं तो अचानक आपके ब्लाग पर आ गया। टिप्पणी चुभे तो अच्छा है। इस समय तो अपुन लोग ब्लागिंग-ब्लागिंग खेलें, सारी दुनिया जाए भाड़ में।

राज भाटिय़ा said...

@ क्षितिज के पार bahut सुंदर टिपण्णी लगी ओर टिपण्णी मे छुपा दर्द भी हमे अपना सा लगा, भई हम तो नेता जी सुभाष चंद्र, ओर भगत सिंह ओर बाकी शहिदो के दिवाने हे, फ़िर आप की टिपण्णी केसे चुभेगी, यह तो आधे से ज्यादा लोगो के दिल के दिल की आवाज हे, धन्यवाद

राम त्यागी said...

कांग्रेस ने पिछले ६० साल में देश का यही हाल किया है - कोई उम्मीद नहीं है उनसे !

पूरे परिवार को मेरी ओर से बहुत बहुत शुभकामनायें इस पावन पर्व की !

धन्यवाद !

राम त्यागी

निर्मला कपिला said...

आपको सपरिवार दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें।

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

कुटिल राजनीति :(

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

चैतन्य शर्मा said...

आपको भी दीपावली की शुभकामनायें... सादर

एस.एम.मासूम said...

मुद्दे सब अपनी जगह रहते हैं, बस इन राजनितिक पार्टिओं का जिसमें फैदा हो, वोह ख़ास मुद्दा बन जाता है. बफरत के सौदागर हैं यह सब कुर्सी के लालची.