15/06/10

फ़ुट्बाल ब्राजील ओर नोर्थ कोरिया

आज फ़ुट्बाल के बाद्शाह यानि ब्राजील का मेच है नोर्थ कोरिया के संग, देखना चाहे तो यहां देख सकते है, आज सही मै अभी तक लिंक मिल नही रहा, अगर यह ना चला तो मै दोबारा सही लिंक जरुर डाल दुंगा.... तो देखिये आज का मेच दोनो टीमे एक से बढ कर एक.... ब्राजील तो जादुगर है फ़ुट्बाल का या दिवाना.

यहां से देखे यह रहा आज का लिंक, भाषा जर्मन ही है

9 comments:

indli said...

नमस्ते,

आपका बलोग पढकर अच्चा लगा । आपके चिट्ठों को इंडलि में शामिल करने से अन्य कयी चिट्ठाकारों के सम्पर्क में आने की सम्भावना ज़्यादा हैं । एक बार इंडलि देखने से आपको भी यकीन हो जायेगा ।

विनोद कुमार पांडेय said...

फुटबाल के तो हम भी बहुत शौकीन है ज़रूर ट्राइ करेंगे...धन्यवाद राज जी

गिरिजेश राव said...

लाइव देख रहा हूँ। रात के 12 बजे से ...
कमबख्त रात के मैच का रिपीट नहीं दिखाते ।

राज भाटिय़ा said...

@ गिरिजेश राव जी, नेट पर दिखाते है, हमारे यहां, अगर आप ने कोई सा भी मेच देखना हो तो मुझे बतायेय़े मै उस का विडियो लिंक आप को भेज दुंगा, मेच क्या हमारे यहां सभी समाचार ओर बाकी प्रोगराम भी हम कभी भी देख सकते है

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

इनमें फिक्सिंग तो नहीं होती?

गिरिजेश राव said...

@ भारतीय नागरिक

क्रिकेट समझ रखे हैं क्या? :)

@ राज जी!
मज़ा आ गया। कोरिया वालों ने मुझे फैन बना लिया है। वे हमले, ब्राजील की नाक में दम ! और अंतिम समय में 1 गोल उतार देना!! हार के बावज़ूद अंत तक उनका जज्बा देखने लायक था

आप ने खेल शुरू होने के पहले राष्ट्रगान के समय कोरिया के एक खिलाड़ी को रोते हुए देखा था ? उसके चेहरे की अभिव्यक्ति मन में जम सी गई है। इसे कहते हैं - राष्ट्रप्रेम और खेल का जज्बा ! वाह !!

Udan Tashtari said...

धन्यवाद!

मनोज कुमार said...

बहुत-बहुत धन्यवाद

राज भाटिय़ा said...

गिरिजेश राव जी ओर भारतीय नागरिक , यहां जर्मनी के खिलाडी ओर युरोप मै एक दो देशो मै खिलाडी नही बिकते, यानि यह पैसो के बदले अपना जमीर नही बेचते,क्योकि इन्होने रहना तो यही है, ओर जो जनता इन्हे अपना हीरो मानती हो अगर उस देश को उस जनता को यह धोखा देगे तो... तो जनता इन का जीना हराम कर देगी, ओर सरकार इन्हे कंगाल कर देगी जुर्माने लगा लगा कर, इस लिये यहां के खिलाडियो को खरीदना नामुमकिन है, वेसे कभी कभार यहां भी खेलो मै मेच फिक्सिंग चल जाती है, लेकिन बाद मै उस देश को ओर उस खिलाडी को लानत बहुत मिलती है, ओर उस खिलाडी का पुरा भाविष्या चोपट हो जाता है, कुछ साल पहले ब्राजील की टीम का एक खिलाडी बिक गया था, लेकिन ऎसा बहुत कम होता है, क्योकि इन्हे पेसॊ से ज्यादा अपने देश से प्यार है, ओर इस की इज्जत के लिये यह जान भी देदे गे, किसी युरोपियन को आप गाली निकाले वो बुरा नही मानेगा, लेकिन जब उस के देश को बुरा कहोगे तो वो आप का दुशमन बन जायेगा