19/03/08

चिंतन बेटा

आज का विचार आज के बच्चो ओर उन बडो के नाम से हे जॊ अपने मां बाप कॊ एक बोझ समझते हे,ओर उन की ज्यदाद, ओर बाप की पेंशन पर अपना हक समझते,लेकिन उन की सेवा तो दुर की बात धोखे से, कपट से उन की जयदाद, भुमि, पेसा जो भी मिले ले कर अपना पला झाड लेते हे ऎसे बच्चो से तो .... ओर मां बाप फ़िर भी उसी कपटी बच्चे का, मतलबी बेटे का भला चाहते हे,उन मजबुर मां बाप को पता चले की उन के निकम्मे ओर धोखे बाज बेटे पर मुसिबत आई हे, तो भी तडफ़ते हे, उस की खुशी की दुया करते हे. तो लिजिये आज के विचारो का मन्थन,आज का चिंतन

चिंतन

दिल्ली के बुधा गर्डन मे एक नवयुवक झांडियो की ओट मे बेठा हुया,अपनी माड्रन प्रेमिका को बाहॊ मे भर कर प्रेम मे खोया हुया, बेठा हे आंखे बन्द किये, दुनिया जहान से बहुत दुर, बस अपनी ही दुनिया मे गुम,दोनो बीच बीच मे बाते करते ओर हंसते, लडका थोडा नादान लगता था, शयाद उस का यह अभी पहला प्यार ही था, ओर लडकी की मुस्कान देख कर लगता था वो पक्की खिलाडी हे प्रेम करने मे, ओर लडका बातो बातो मे आसमान के तारो तक का ठेका ले रहा था लडकी के दमन मे सजाने के लिये, वेसे भी लडकी ने अभी जो कुछ भी पहना था सब इस लडके ने ही दिया था,घर से चोरी कर के,
बातो बातो मे लडकी ने कहा तुम बाते तो बहुत बडी बडी करते हॊ मुझे पाने के लिये, कया तुम वो सब कर सकते हो जो मे चाहुगी, लडके ने कहा बोलो तो जमुना मे कुद जाऊ, कहॊ तो कुतब मिनार से कुद जाउ, ओर अब भी नही विश्वास तो यह चाकु अभी अपने गले पर चला लु, कहते ही लडके ने जेब से एक लम्बा चाकु निकाल लिया, अगर मे कहु अपनी मां का दिल निकाल कर लायो तो, लडका बोला जान कल देखना.ओर दोनो फ़िर से अपनी बेहुदा हरकतो मे खो गये,
लडका घर गया, मां ने पुछा बेटा आज बडी देर से आये हॊ, आओ खाना खा ले,दोनो ने खाना खाया, ओर रात काफ़ी हो चुकी थी, दोनो सोने चले गये,बेटे को नीद नही आ रही थी, उठा किचन से बडा चाकु उठाया ओर मां पर दो तीन बार कर दिये ओर उस का सीना चीर कर दिल निकाला ओर निकल चला अपनी प्रेमिका के घर की ओर, रास्ते मे अन्धेरे के कारण उसे ठोकर लगी ओर वो युवक सडक पर गिर गया, मां के दिल से आवाज आई बेटा कही चोट तो नही आई ना,लेकिन उस बेटे के सिर पर तो प्यार का भुत सवार था,उसने मां का दिल फ़िर से झोले मे डाला, ओर अपनी प्रेमिका के घर पहुच गया ओर, मां का दिल प्रेमिका के कदमो मे रख दिया,उस खुन से भरे दिल को देख कर प्रेमिका ने पुछा यह कया हे,तो नोजवान बोला मेरी मां का दिल.लडकी ने कहा फ़ोरन यहां से दफ़ा हो जाओ जो अपनी मां का नही हो सका वो मेरा कहां से होगा.

1 comment:

SUNIL DOGRA जालि‍म said...

बहुत खूब..

एक पुरानी कहानी को नये अंदाज़ में पेश कर आपने मन मोह लिया