19/01/08

हमारी ईटली यात्रा भाग ३




* वेटिकेन डोम दुर से जुम कर के लिया चित्र *




नमस्ते,चलिये आज हम आप को रोम की सेर करबाते हे, सुबह सभी जल्दी तेयार हो गये,चाय पी कर हम सब करीब १०,०० बजे घर से निकले,थोडी देर मे स्टेशन पर पहुच गये, कार वही पार्क् कर के हम सब ने पुरे दिन का आने जाने का टिकट ब्रिचियानो स्टेशन से लिया,एक गाडी हमारे आते आते निकल गई थी, सो दुसरी ट्रेन को काफ़ी समय था, यानि ११,२० पर जानी थी, हम सब ने बहिर निकल कर नाश्ता किया,फ़िर स्टेशन पर बस य़ु ही घुमते रहे,हमे अभी तक भाषा की कोई भी प्रोब्लेम नही हुई थी,बच्चे **इटालियन स्कुल मे सीखते हे, वोही काम आई,हम ने देखा यहां लोग इन्ग्लिश तो जानते हे, लेकिन अन्य युरोपियन देशो की तरह अपनी मात्र भाषा ही बोलना पसंद करते हे, ओर कही भी इन्ग्लिश मे साईन बोर्ड वगेरा नजर नही आये सब ओर ईटली मे ही लिखा हुया, * वेटिकेन स्थान का बहुत ही सुन्दर चित्र एक तरफ़ का *
यहाँ
से सही वक्त पर हमारी ट्रेन चल पडी, ठीक १२,०० बजे हम रोम मे पहुच गये,वहां से हम ने मेट्रो पकडी ओर सब से पहले हम वैटिकन शहर देखने गये, यह हे तो रोम के अन्दर ही,लेकिन यह अपने आप को एक अलग देश मानते हे,यहां की पुलिस अलग हे,इन के कानुन ईटली से अलग हे, इन की क्रेंसी भी ईटली से अलग हे बेसे यहां चलते € युरोप की क्रेंसी ही हे,ओर दुनिया का सब से छोटा देश भी यही हे,यहां करीब ९०० लोग रहते हे,५५० यहां के नगरिक हे ,ओर रोमन कैथोलोक चर्च भी यही हे, पोप भी यही रहता हे,इस के बारे पुरा जनाने के लिये आप यहां दबाए आप को पुरी जानकारी जो आप को चाहिऎ मिले गी, आप यहां वैटिकन मुजियम,पीटर डोम,ओर पीटर पल्त्ज़(पीटर स्थान) देख सकते हे,वैटिकन शहर का 0.44 km² (234th) हे, ओर इन की भाषा लातिनी हे, रोमन कैथोलोक धर्म मनाने बालो के लिये यह बहुत ही पबित्र जगह हे,
* पीटर डोम के ठीक बाहिर से लिया चित्र *


हम सब से पहले पीटर स्थान मे गये, यहा काफ़ी भीड थी, ओर यह जगह काफ़ई खुली हे,ओर बहुत ही सुन्दर भी, हम ने यहां थोडी बहुत फ़ोटो ली हर तरफ़ कुछ अलग ही नजारा था, दिल चाहता था सब कुछ केमरे ओर विडियो मे समेट ले,यहा पर बहुत से लोग काफ़ी अलग अलग समान भी बेच रहे थे, यहां घुमने ओर फ़ोटो वगेरा लेने के बाद हम पीटर डोम की ओर बडे, यहां प्रवॆश दुबार पर हमे देख कर हेरानगी हुई कि जो ओरते अधीं नंगी यानि कम कपडो मे थी उन का अन्दर जाना वर्जित था, या तो बो आपना नगां पन ढाके या फ़िर बहिर ही आराम करे,इस के लिये उन्हे एक शाल टाईप कपडा मिलता हे, ओर नीचे पहनाने के लिये भी पजामा मिलता हे,वेसे भी ईटली मे लोग धार्मिक हे बाकी युरोप की तुलना मे,पीटर डोम अन्दर से बहुत ही बडा हे ,अन्दर शोर मचाना,खाना पीना ओर ध्रुबपान मना हे,हर धर्म के लोग अन्दर जा सकते हे,यहा घुमते घुमते हमे काफ़ी समय लग गया,दिलतो ओर भी घुमना चहाता था,लेकिन हम ने ओर भी काफ़ी जगह घुमना था चलिये अब आप अराम किजिये बाकी कल


* पीटर डोम के अन्दर से लिया चित्र *

शेष चित्र कल तब तक के लिये नमस्ते.

2 comments:

Dard Hindustani (पंकज अवधिया) said...

बढिया चित्र आये है। वर्णन भी रोचक है। ऐसे ही लिखते रहिये।

प्रभाकर पाण्डेय said...

यात्रा-वर्णन सटीक और सुंदर। उम्दा लेखन। ऐसा लगा हम भी हैं साथ में।