आज घुमते घुमते कुछ ऎसा हाथ लगा कि मे झुमने लगा, फ़िर खुब मस्ती मे झुमा, तो आप भी मजा लिजिये इस खुबसुरत आवाज के मलिक के मुख से एक खुब सुरत कब्बाली.. नुसुरत फ़तेह अली खान ओर साथियो की आवाज मे..
ये जो हल्का हल्का सुरुर हे,ये जो हल्का हल्का सुरुर हे, ये तेरी आंखो का कसूर हे